{"_id":"6682083d61f8535e070a4676","slug":"lucknow-the-audience-was-mesmerized-by-the-tunes-of-sur-sangam-the-presentation-of-god-is-truth-truth-is-s-2024-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ: सुर संगम के तरानों में मंत्रमुग्ध हुए श्रोता, 'ईश्वर सत्य है, सत्य ही शिव है 'की प्रस्तुति ने मोहा मन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ: सुर संगम के तरानों में मंत्रमुग्ध हुए श्रोता, 'ईश्वर सत्य है, सत्य ही शिव है 'की प्रस्तुति ने मोहा मन
Mon, 01 Jul 2024 07:07 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 01 Jul 2024 07:07 AM IST
सार
Sur Sangam: कार्यक्रम में ग़ज़ल गायक प्रदीप अली ने "खिलते हैं गुल यहाँ" और "मोसे नैना मिलाय के" और देवेश चतुर्वेदी ने "होश वालों को खबर" और "ये कागज़ की कश्ती" जैसी ग़ज़लों से दर्शकों का दिल जीत लिया।
विज्ञापन
लखनऊ में सुर संगम का आयोजन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखनऊ कनेक्शन वर्ल्डवाइड ने अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम 'सुर संगम' का लखनऊ के एक प्रसिद्ध होटल में सफल आयोजन किया, जिसका दुनियांभर के 110 देशों में रहने वाले लखनऊवासियों नें लाइव प्रसारण के माध्यम से आनंद लिया।
विज्ञापन
कार्यक्रम की शुरुआत लखनऊ की लोकप्रिय कलाकार सुमोना एस. पांडे की मधुर आवाज और उनके साथी संजय पांडे द्वारा स्वागत से हुई। सऊदी अरब से आए एडमिन शोएब कुरैशी और ग्रुप मेंटर डॉ. शोभा बाजपेई ने होटल सवॉय में 140 से अधिक सदस्यों का अपने खूबसूरत अंदाज में स्वागत किया। कैलिफोर्निया, यूएसए से आए मनीष श्रीवास्तव ने भी लखनऊ और अमेरिका में रहने वाले लखनऊवासियों के बारे में अपने विचार साझा किए।
विज्ञापन
बॉलीवुड के लोकप्रिय कलाकार डॉ. अनिल रस्तोगी और श्री अमित सिन्हा ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। डॉ. रस्तोगी ने ग्रुप के संस्थापक सुनील मिश्रा द्वारा इस ग्रुप को बनाने के विचार की सराहना की, जो अब दुनिया भर में 62,000 से अधिक सदस्यों का हो गया है। उन्होंने ग्रुप की ऑनलाइन और ऑफलाइन गतिविधियों की प्रशंसा की। प्रसिद्ध अभिनेता और गायिका रश्मि त्रिपाठी, जो ग्रुप की स्वर कोकिला भी हैं, ने "ईश्वर सत्य है, सत्य ही शिव है" की प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
विज्ञापन
ग़ज़ल गायक प्रदीप अली ने "खिलते हैं गुल यहाँ" और "मोसे नैना मिलाय के" और देवेश चतुर्वेदी ने "होश वालों को खबर" और "ये कागज़ की कश्ती" जैसी ग़ज़लों से दर्शकों का दिल जीत लिया। अलका अजय श्रीवास्तव ने कराओके के साथ गायन और सितार पर सुंदर प्रस्तुति दी।
स्थानीय कलाकारों में इंदु सरस्वत, डॉ. विश्वास वर्मा, राहुल पांडे, मधु श्रीवास्तव और राजीव सक्सेना ने अपनी गायिकी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ एडमिन्स के मार्गदर्शन में सुमोना एस. पांडे द्वारा और उनके सहयोगियों संजय पांडे और एक समर्पित टीम जिसमें ग्रुप एडमिन रश्मि मिश्रा, प्रदीप शर्मा, अर्चना त्रिपाठी, राजीव सक्सेना, योगेश आदित्य और रश्मि त्रिपाठी शामिल थे, के साथ किया गया। कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी कलाकार कनिका अशोक द्वारा किया गया।