UP : ऑनलाइन गेमिंग में रकम डूबने पर छात्र ने लगाया फंदा, दोस्त से उधार लिए थे पैसे, प्रताड़ित करने का आरोप
पिता दिनेश सिंह ने बताया कि बेटा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के साथ ट्यूशन पढ़ाता था। कुछ समय से वह परेशान था। पूछने पर भी उसने कुछ नहीं बताया था।
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लखनऊ के मानकनगर के रामनगर निवासी विशाल सिंह (22) ने बुधवार को फंदा लगा लिया। पुलिस ऑनलाइन गेमिंग में रकम डूबने पर जान देने की बात कह रही है।
विशाल के पिता दिनेश सिंह ने बताया कि बेटा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के साथ ट्यूशन पढ़ाता था। कुछ समय से वह परेशान था। पूछने पर भी उसने कुछ नहीं बताया था। बुधवार दोपहर दादी पूनम मकान की दूसरी मंजिल पर गई तो विशाल को कमरे की रोशनदान से गमछे के सहारे लटका देखा। उनकी चीख सुन मां संगीता और अन्य घरवाले भी आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मोबाइल कब्जे में लिया। विशाल का एक भाई और एक बहन है।
दोस्त से उधार लिए थे 30 हजार रुपये: दिनेश सिंह ने बताया कि घटना की सूचना पर बेटे का दोस्त घर आया था। उसने बताया कि विशाल ने इलाके के रहने वाले दोस्त से 30 हजार रुपये उधार लिए थे। वह विशाल को प्रताड़ित कर रहा था। इससे तंग आकर विशाल ने जान दे दी। मानकनगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने बताया कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। विशाल ऑनलाइन गेम खेलता था। इस कारण वह कर्ज में डूब गया था। तनाव में आकर उसने जान दे दी। घरवालों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
क्रिकेट खेलने का था शौकीन : पिता ने बताया कि विशाल क्रिकेट खेलने का शौकीन था। वह लेफ्ट आर्म का बॉलर था। अंडर-16 में ट्रायल दे चुका था। अंतिम चरण में रह गया था। कोरोना काल के बाद उसका मन क्रिकेट से हट गया।
पहले भी लोगों ने दी है जान
- 21 अगस्त 2025 को गोमतीनगर विस्तार में इंटर के छात्र ने ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण फंदा लगा लिया था।
- 23 जनवरी 2024 को बंधरा में गेम खेलने में दस लाख का कर्ज होने पर दसवीं के छात्र ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली थी।
- 07 फरवरी 2024 को गेम में 14 लाख हारने पर निजी कंपनी के कर्मचारी ने फंदा लगा लिया था।
- 11 दिसंबर 2024 को गोमतीनगर में ऑनलाइन गेम में 20 हजार रुपये का कर्ज चढ़ने पर छात्र ने फंदा लगा लिया था।
मोबाइल फ्री जोन बनाएं: जेसीपी एलओ बबलू कुमार का कहना है कि बच्चों को मोबाइल की लत से छुटकारा पाने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें समझाएं कि वह ऑनलाइन गेम न खेलें। बच्चों का रुझान आउटडोर गेम की ओर बढ़ाएं। कोशिश करें कि वे मोबाइल का इस्तेमाल कम करें। उन्हें पिता नहीं एक दोस्त बनकर समझाएं।