लखनऊ: 25 बच्चों से भरी स्कूली बस में लगी आग, तीन झुलसे-कई हुए बेहोश; नाराज लोगों ने किया RTO पर हमला
School bus catches fire:प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस में कोई आपातकालीन गेट नहीं था। आग जिस तरफ लगी थी वहीं पर दरवाजा था। बच्चों को उसी दरवाजे से बाहर निकाला गया।
विस्तार
लखनऊ के इटौंजा के बगहापुर में शार्प ग्लोबल स्कूल की बस में शनिवार सुबह अचानक आग लग गई। बस 25 बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। हादसे में तीन बच्चे झुलस गए। आग बस की इंजन में लगी थी। बस में धुआं भरने से कई बच्चे बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने किसी तरह बच्चों को सकुशल बाहर निकाला। घटना की जांच करने पहुंचे एआरटीओ आलोक कुमार यादव को स्कूल प्रबंधन ने घेर लिया। आरोप है कि उनपर हमला किया गया। एआरटीओ ने दो नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
बस में आग लगते ही बच्चों की चीख पुकार मच गई। शोरगुल सुनकर ग्रामीण दौड़ते हुए वहां पहुंचे और बच्चों को किसी तरह सकुशल बाहर निकाला। इसके बाद बाल्टियों में पानी भरकर आग पर काबू पाया गया। हादसे में दूसरी कक्षा के अभियान अवस्थी और उनकी बड़ी बहन चौथी कक्षा की सृष्टि अवस्थी का हाथ झुलस गया। वहीं तीन वर्ष के वेदांश शुक्ला भी झुलस गए, जिन्हें सीएचसी इटौंजा में भर्ती कराया गया। बस में आग लगने की जानकारी मिलते ही अभिभावक पहुंच गए। जमखनवा निवासी आदित्य प्रकाश मिश्रा, विजय कुमार शुक्ला, संदीप तिवारी, दिलीप शुक्ला, चंद्रशेखर श्रीवास्तव, छोटू शुक्ला और मंटू द्विवेदी ने बताया कि यह बस बच्चों को लेने सुबह गांव में पहुंची थी। बस बंद थी और स्टार्ट नहीं हो रही थी। ग्रामीणों ने धक्का देकर बस को स्टार्ट करवाया। इसके बाद यह बगहापुर के पास पहुंची तो इंजन में आग लग गई।
न आपातकालीन गेट न आग बुझाने का इंतजाम
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस में कोई आपातकालीन गेट नहीं था। आग जिस तरफ लगी थी वहीं पर दरवाजा था। बच्चों को उसी दरवाजे से बाहर निकाला गया। परिजनों का कहना है कि अगर गांव वाले सही समय पर नही पहुंचते तो अनहोनी हो सकती थी। इटौंजा सीएचसी में वेदांश शुक्ला का इलाज करवा रहे विशाल बाबू शुक्ला का आरोप है कि आग लगते ही बस में घुआं भर गया। वेदांश का हाथ जल गया। भला हो गांव वालों का जो बच्चों के लिए देवदूत बनकर पहुंच गए। लोगों ने समरसिबल चलाकर इंजन की आग को बुझाया।
आठ दिन पहले भी इसी स्कूल की बस में लगी थी आग
अभिभावकों ने बताया कि आठ दिन पहले भी करौंदी गांव के पास इसी स्कूल की एक बस में आग लकी थी। तब स्कूल प्रबंधन ने पूरा मामला दबा दिया था। शनिवार को आग की घटना के बाद अभिभावकों ने घटना स्थल और स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया। हंगामे की जानकारी पाकर इटौंजा पुलिस और आरटीओ की टीम मौके पर पहुंची। अभिभावकों का आरोप है कि इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन की तरफ से कोई भी मौके पर नही पहुंचा। सिर्फ 70 वर्षीय बस चालक सुरेश कुमार अवस्थी ही घटना स्थल पर मिले।
गलती मानने के बजाय एआरटीओ से भिड़े
एआरटीओ आलोक कुमार यादव का कहना है कि जब इस बस हादसे की जांच करने के लिए घटना स्थल और शार्प ग्लोबल स्कूल पहुंचे तो वहां पर प्रबंधन के लोगों ने उनसे अभद्रता की। आरोप है कि स्कूल के मैनेजर गौरव तिवारी और प्रबंधन के अमर अवस्थी व 10 से 12 लोगों ने उनपर हमला कर दिया। सरकारी काम में बाधा डाली गई। इसके बाद उनको पुलिस बुलानी पड़ी। अतिरिक्त इंस्पेक्टर विनोद कुमार यादव ने बताया कि एआरटीओ की शिकायत पर पुलिस ने इटौंजा मानपुर स्थित शार्प स्कूल प्रबंधन के मैनेजर गौरव तिवारी और अमर अवस्थी के साथ 10-12 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की है।