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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow's air also worsens: AQI crosses 200, reaches 275 in Lalbagh

बिगड़ी लखनऊ की भी हवा: एक्यूआई 200 के पार, लालबाग में पहुंचा 275, जरूरत से ज्यादा शोरगुल भी शहर में

Sun, 05 Nov 2023 09:36 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 05 Nov 2023 09:36 AM IST
सार

व्यावसायिक इलाके चौक में सबसे ज्यादा शोर होता है। चौक ने औद्योगिक क्षेत्र अमौसी को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। रिहायशी इलाकों में सबसे ज्यादा शोर इंदिरानगर में दर्ज हुआ।

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Lucknow's air also worsens: AQI crosses 200, reaches 275 in Lalbagh
वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम - फोटो : istock

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर की तरह यूपी की राजधानी लखनऊ में भी हवा की सेहद खराब होती जा रही है।  सर्दी की दस्तक के साथ ही राजधानी की हवा की सेहत भी खराब होती जा रही है। सीजन में पहली बार शनिवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 के पार पहुंच गया। राजधानी का औसत एक्यूआई 205 दर्ज हुआ। लालबाग की बात करें तो यहां 275 तो तालकटोरा में 229 रिकॉर्ड हुआ। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, हवा का रुख पुरवइया से पछुआ हो चुका है। पछुआ से प्रदूषण के कणों का प्रसार होने से इन्कार नहीं किया जा सकता।

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पारा गिरेगा तो हवा संघनित होगी
पारा शुक्रवार के 32 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शनिवार को 29.9 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 17.6 के मुकाबले 18.4 डिग्री सेल्सियस रहा। आने वाले दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी आने का अनुमान है। इससे हवा और संघनित होगी। अगर सुधार के ठोस उपाय न किए गए तो हवा की सेहत और भी खराब होगी।
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शोर के मामले में भी लखनऊ आगे 
व्यावसायिक इलाके चौक में सबसे ज्यादा शोर होता है। चौक ने औद्योगिक क्षेत्र अमौसी को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। रिहायशी इलाकों में सबसे ज्यादा शोर इंदिरानगर में दर्ज हुआ। सीएसआईआर-आईआईटीआर की रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर-अक्तूबर में निगरानी के दरम्यान चौक में दिन में 80.3 डेसिबल तो रात में 72.8 डेसिबल शोर दर्ज हुआ। जबकि अमौसी में दिन में 79.8 और रात में 72.7 डेसिबल शोर दर्ज हुआ। चारबाग में दिन और रात में क्रमश: 77 व 73.6, आलमबाग में 78.4 व 74.1 और अमीनाबाद में 72.7 व 68.6 डेसिबल शोर पाया गया।
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रिहायशी इलाकों का यह हाल
रिहायशी इलाकों की बात करें तो अलीगंज में दिन और रात में क्रमश: 61.8 व 57.3, विकासनगर में 68.8 व 55.7, इंदिरानगर में 73.5 व 61.5 और गोमतीनगर में 72.1 और 64.2 डेसिबल शोर दर्ज हुआ। मानक के अनुसार आवासीय इलाकों में दिन में 55 व रात में 45 डेसिबल से ज्यादा शोर नहीं होना चाहिए। व्यावसायिक इलाकों में दिन का मानक 65 तो रात का 55 डेसिबल है)


रिपोर्ट का आपके लिए मायने क्या
पीएम-10 और पीएम-2.5 की ज्यादा मौजूदगी हमारे श्चसन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे दमा, ब्रॉन्काइटिस व हृदय रोग हो सकते हैं।फेफड़ों को ये गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं शोर से नींद प्रभावित होने से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

इन पर अमल हो तो मिल सकती है राहत
-दस साल से अधिक पुराने वाहन सड़कों से हटाए जाएं।
-सड़कों को बार-बार काटने से रोकना होगा।
-धूलकणों को फैलने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव हो।
-सार्वजनिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए।
-कचरे का उचित निस्तारण हो।
- हरियाली बढ़ाई जाए।



 

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