लखनऊ : चिकित्सक पर लगा 45 लाख रुपये का हर्जाना, ऑपरेशन के दौरान पेट में रुई छोड़ने का मामला
सुनीला ने इस मामले में जिला आयोग कुशीनगर में परिवाद प्रस्तुत किया। जिला आयोग ने चार लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य राजेंद्र सिंह ने ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में रुई छोड़ने के मामले में चिकित्सक पर 45.39 लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। सुनीला शर्मा 25 मई 2020 को प्रसव के लिए डॉ. अमृता राय सृजन हॉस्पिटल पडरौना कुशीनगर में भर्ती हुई थीं। सीजेरियन के जरिए बच्चे को जन्म दिया। सुनीला प्रसव के पांच दिन हॉस्पिचल आईं और डॉ. अमृता से पेट दर्द व बुखार की शिकायत की। तीन दिन भर्ती रखने के बाद उसे सावित्री हॉस्पिटल गोरखपुर भेज दिया गया। वहां ऑपरेशन कर पेट से रूई का बड़ा टुकड़ा निकाला गया। इसे पहले ऑपेरशन के दौरान पेट में ही छोड़ दिया गया था।
सुनीला ने इस मामले में जिला आयोग कुशीनगर में परिवाद प्रस्तुत किया। जिला आयोग ने चार लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया। इस पर सुनीला ने राज्य आयोग के समक्ष अपील की। तीन सदस्यों की बेंच के पीठासीन सदस्य राजेंद्र सिंह ने डॉ. अमृता राय को गंभीर लापरवाही का दोषी माना और आदेश दिया कि पीड़िता को 15,39,752 बतौर क्षतिपूर्ति मय 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 01 दिसंबर 2020 से दिया जाए। साथ ही सुनीला शर्मा को मानसिक यंत्रणा, बेचैनी और परेशानी के मद में कुल 30 लाख रुपये हर्जाना 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करने को कहा। कहा कि अगर डॉ. अमृता राय यह भुगतान यदि इस निर्णय से 60 दिन के अंदर नहीं करती हैं तो इस रकम पर 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जाए।