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वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, बीएमडब्ल्यू समेत 6 करोड़ की 62 लग्जरी गाड़ियां बरामद, सात गिरफ्तार
Tue, 21 Jul 2020 11:51 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 21 Jul 2020 11:51 PM IST
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चोरों के पास से बरामद लग्जरी कारें
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ की चिनहट पुलिस ने हादसे और आपदा में क्षतिग्रस्त लग्जरी कारों के चेचिस व इंजन नंबर चोरी की गाड़ियों पर लगाकर बेचने वाले गिरोह के सात और शातिरों को दबोच लिया। मंगलवार को पुलिस लाइन में संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी ने इस गिरोह के कारनामे का खुलासा किया।
पुलिस ने गिरोह के पास से 62 और लग्जरी कारें बरामद की हैं। इसमें जिसमें बीएमडब्ल्यू फॉर्च्यूनर इनोवा सहित करीब छह करोड़ की कारें शामिल हैं। अब तक इस गिरोह के 12 शातिर गिरफ्तार हो चुके हैं। इस गिरोह के पास से अब तक कुल 112 लग्जरी कारें बरामद की गई है।
पुलिस का दावा है कि पूरे देश में यह सबसे बड़ी बरामदगी है। ज्वॉइंट पुलिस कमिश्नर नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि यह गिरोह हादसे और आपदा में क्षतिग्रस्त गाड़ियों की वैल्यू लगाने के बाद खेल शुरू करते थे। कोई गाड़ी हादसे की शिकार हो गई। उसे निजी इंश्योरेंस कंपनी के पास वैल्यू के लिए भेजा जाता है। दो तरह से वैल्यू लगाई जाती है।
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एक पूरी तरह से निष्प्रयोज्य और दूसरी उस कार की हादसे में क्षतिग्रस्त होने के बाद कीमत। गाड़ी की वैल्यू लगाने के बाद मालिक को एक मुश्त रकम देकर गाड़ी खरीद ली जाती थी।
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पुलिस ने गिरोह के पास से 62 और लग्जरी कारें बरामद की हैं। इसमें जिसमें बीएमडब्ल्यू फॉर्च्यूनर इनोवा सहित करीब छह करोड़ की कारें शामिल हैं। अब तक इस गिरोह के 12 शातिर गिरफ्तार हो चुके हैं। इस गिरोह के पास से अब तक कुल 112 लग्जरी कारें बरामद की गई है।
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पुलिस का दावा है कि पूरे देश में यह सबसे बड़ी बरामदगी है। ज्वॉइंट पुलिस कमिश्नर नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि यह गिरोह हादसे और आपदा में क्षतिग्रस्त गाड़ियों की वैल्यू लगाने के बाद खेल शुरू करते थे। कोई गाड़ी हादसे की शिकार हो गई। उसे निजी इंश्योरेंस कंपनी के पास वैल्यू के लिए भेजा जाता है। दो तरह से वैल्यू लगाई जाती है।
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एक पूरी तरह से निष्प्रयोज्य और दूसरी उस कार की हादसे में क्षतिग्रस्त होने के बाद कीमत। गाड़ी की वैल्यू लगाने के बाद मालिक को एक मुश्त रकम देकर गाड़ी खरीद ली जाती थी।
हादसे में मिली कार से हुआ था गिरोह का पर्दाफाश
डीसीपी पूर्वी सोमेन वर्मा के मुताबिक, 15 जून को चिनहट पुलिस की चेकिंग के दौरान एक आई 20 कार छोड़कर कुछ लोग भाग गए। जब सही चेचिस व इंजन नंबर की जांच की गई तो असली मालिक का पता चला। यह गाड़ी पांच जून को गोमतीनगर से चोरी हुई थी।
इसका मुकदमा दर्ज था। इस दौरान पुलिस ने चोरी की 50 गाड़ियों के साथ गिरोह के शातिरों को गिरफ्तार किया था। इसी जांच के दौरान शुक्रवार को लखनऊ पुलिस को एक और सफलता मिली। जब चोरी की एक गाड़ी को बेचने के लिए कल्ली पश्चिम लाया गया था। पुलिस ने गैंग समेत 62 लग्जरी गाड़ियों को बरामद किया।
चिनहट पुलिस ने कमता चौराहे से चोरी की एक वाहन के साथ सतपाल सिंह व मनोज कुमार उर्फ बऊआ को पकड़ा। दोनों के निशानदेही पर कल्ली पश्चिम के पास स्थित एक कार बाजार के बगल में खड़ी चोरी की फॉर्चुनर गाड़ी बरामद की। गाड़ी बेचने के लिए लाई गई थी और गाड़ी में सवार गिरोह के पांच चोरों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार गिरोह के सदस्य और उनका काम
पुलिस के मुताबिक पकडे़ गए चोरों में कानपुर के नजीराबाद का सतपाल सिंह शामिल है। वह चोरी की लग्जरी गाड़ियों की खरीद फरोख्त कर उसे ओएलएक्स पर बेचता था। वहीं कानपुर के फजलगंज निवासी मनोज कुमार उर्फ बबुआ व चमनगंज का एनुअल हक भी स्पेयर पार्ट्स की दुकान की आड़ में चोरी की गाड़ी खरीदता व बेचता था।
इसका मुकदमा दर्ज था। इस दौरान पुलिस ने चोरी की 50 गाड़ियों के साथ गिरोह के शातिरों को गिरफ्तार किया था। इसी जांच के दौरान शुक्रवार को लखनऊ पुलिस को एक और सफलता मिली। जब चोरी की एक गाड़ी को बेचने के लिए कल्ली पश्चिम लाया गया था। पुलिस ने गैंग समेत 62 लग्जरी गाड़ियों को बरामद किया।
चिनहट पुलिस ने कमता चौराहे से चोरी की एक वाहन के साथ सतपाल सिंह व मनोज कुमार उर्फ बऊआ को पकड़ा। दोनों के निशानदेही पर कल्ली पश्चिम के पास स्थित एक कार बाजार के बगल में खड़ी चोरी की फॉर्चुनर गाड़ी बरामद की। गाड़ी बेचने के लिए लाई गई थी और गाड़ी में सवार गिरोह के पांच चोरों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार गिरोह के सदस्य और उनका काम
पुलिस के मुताबिक पकडे़ गए चोरों में कानपुर के नजीराबाद का सतपाल सिंह शामिल है। वह चोरी की लग्जरी गाड़ियों की खरीद फरोख्त कर उसे ओएलएक्स पर बेचता था। वहीं कानपुर के फजलगंज निवासी मनोज कुमार उर्फ बबुआ व चमनगंज का एनुअल हक भी स्पेयर पार्ट्स की दुकान की आड़ में चोरी की गाड़ी खरीदता व बेचता था।
फजलगंज निवासी विकास जायसवाल उर्फ विक्की का भी ऑटो पार्ट्स की दुकान है। इसी की आड़ में चोरी की गाड़ी बेचने व खरीदने का काम करता था। 2008 में कानपुर में उसे गिरफ्तार भी किया गया था। पुलिस के मुताबिक उसका भाई फरवरी में उत्तराखंड में तैनात एक न्यायिक अधिकारी की गाड़ी चोरी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
कानपुर के रेल बाजार निवासी इसरार मैकेनिक का काम करता है। इसी की आड़ में वह खरीदारों से संपर्क कर चोरी का कार बिकवाता है। बजरिया के फूलमती तिराहे पर रहने वाला जियाउल हक की स्पेयर पार्ट्स की दुकान है। वह भी चोरी के इस कारोबार में है। पुलिस के हाथ कानपुर के नौबस्ता निवासी विनोद शर्मा उर्फ विनोद डेंटर लगा है। वह आगरा के एक शातिर चोर गिरोह का हिस्सा है। इस गिरोह की सरगना महिला है, जो लेडीडॉन के नाम से जानी जाती है।
आगरा के लेडी गैंग पर पुलिस की नजर
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के तार आगरा की मशहूर लेडी डॉन गैंग से जुड़े हैं। इस गिरोह के सदस्य भी लग्जरी गाड़ियों की चोरी करते थे। गैंग में ज्यादातर महिलाएं है और वह वारदात करती थी। लखनऊ पुलिस ने नौबस्ता के विनोद डेंटर को गिरफ्तार किया है। वह इस गैंग का सक्रिय सदस्य हैं। इस गिरोह का पूरा नेटवर्क प्रयागराज से लेकर बुंदेलखंड के आसपास के इलाकों में है। पुलिस के मुताबिक गिरोह को श्वेता नाम की महिला चलाती है।
इंश्योरेंस की आड़ में चोरी की गाड़ी बेचने का खेल
एडीसीपी पूर्वी अमित कुमार के मुताबिक, हादसे में क्षतिग्रस्त हुई गाड़ियों को इंश्योरेंस की रकम दिलाने के बाद गाड़ी को कबाड़ घोषित कर देते थे। रकम देने के समय वाहन मालिक से सेल लेटर पर दस्तखत करवा लेते थे। इसके बाद चोरी की गाड़ी पर उसका चेचिस व इंजन नंबर सेट कर बेचते थे।
कानपुर के रेल बाजार निवासी इसरार मैकेनिक का काम करता है। इसी की आड़ में वह खरीदारों से संपर्क कर चोरी का कार बिकवाता है। बजरिया के फूलमती तिराहे पर रहने वाला जियाउल हक की स्पेयर पार्ट्स की दुकान है। वह भी चोरी के इस कारोबार में है। पुलिस के हाथ कानपुर के नौबस्ता निवासी विनोद शर्मा उर्फ विनोद डेंटर लगा है। वह आगरा के एक शातिर चोर गिरोह का हिस्सा है। इस गिरोह की सरगना महिला है, जो लेडीडॉन के नाम से जानी जाती है।
आगरा के लेडी गैंग पर पुलिस की नजर
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के तार आगरा की मशहूर लेडी डॉन गैंग से जुड़े हैं। इस गिरोह के सदस्य भी लग्जरी गाड़ियों की चोरी करते थे। गैंग में ज्यादातर महिलाएं है और वह वारदात करती थी। लखनऊ पुलिस ने नौबस्ता के विनोद डेंटर को गिरफ्तार किया है। वह इस गैंग का सक्रिय सदस्य हैं। इस गिरोह का पूरा नेटवर्क प्रयागराज से लेकर बुंदेलखंड के आसपास के इलाकों में है। पुलिस के मुताबिक गिरोह को श्वेता नाम की महिला चलाती है।
इंश्योरेंस की आड़ में चोरी की गाड़ी बेचने का खेल
एडीसीपी पूर्वी अमित कुमार के मुताबिक, हादसे में क्षतिग्रस्त हुई गाड़ियों को इंश्योरेंस की रकम दिलाने के बाद गाड़ी को कबाड़ घोषित कर देते थे। रकम देने के समय वाहन मालिक से सेल लेटर पर दस्तखत करवा लेते थे। इसके बाद चोरी की गाड़ी पर उसका चेचिस व इंजन नंबर सेट कर बेचते थे।
इसमें एक बीच का भी ग्राहक होता था, जिससे गाड़ी की क्षतिग्रस्त होने के बाद कीमत लगवाई जाती थी। गाड़ी उसे नहीं बेचा जाता था और वह गिरोह का ही सदस्य होता था। रकम देने के बाद गाड़ी को एक सप्ताह में नए कलेवर में तैयार कर तीसरे ग्राहक को बेच दी जाती थी। यह गाड़ी पहले मालिक से सीधे तीसरे को बेची जाती थी, ताकि परिवहन विभाग के रिकार्ड में गाड़ी का मालिक सिर्फ दो ही दिखे। तीसरे का नाम कहीं न मिले।
खराद कर गाड़ी पर चेचिस व इंजन नंबर उकेर देते
एडीसीपी पूर्वी अमित कुमार के अनुसार, यह गिरोह क्षतिग्रस्त वाहनों को कागज सहित खरीदते थे। इसके बाद उसी मॉडल की गाड़ी ऑन डिमांड चोरी करते थे। गिरोह के सदस्य इतने शातिर हैं कि वह चेचिस व इंजन नंबर को आसानी से खरादकर बदल देते थे। वाहनों के ईसीएम व आईडेंटिफिकेशन चिप भी बदल दिया करते हैं। पकड़ा गया नौबस्ता निवासी विनोद शर्मा और रेल बाजार निवासी इसरार यह काम करते थे। विनोद शर्मा डेंटर है और इसरार कार मैकेनिक है।
नेपाल, बिहार व अन्य राज्यों में बेचते थे गाड़ियां
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के लिए कश्मीर व नार्थ ईस्ट के राज्य काफी फायदेमंद होते हैं। इन राज्यों से आसानी से गाड़ी चोरी भी करते थे और वहां इंजन व चेचिस नंबर बदलकर गाड़ियों को खपा भी आसानी से देते हैं। एसीपी के मुताबिक, यह काफी बड़ा गिरोह है। जल्द ही चोरी की करीब सौ से अधिक लग्जरी कारें को चिह्नित किया गया है। उन्हें जल्द बरामद किया जाएगा।
गिरोह के कई अन्य शातिरों के नाम मिले
एसीपी विभूतिखंड स्वतंत्र सिंह के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में गैंग के अन्य लोगों के नाम पता चले हैं। इसमें मोहम्मद कामिल, मनीष टंडन, अबरार, अफजाल, राजू शर्मा, आरिफ, शिबू, रोमी पाल सिंह और संदीप मारवा शामिल हैं।
खराद कर गाड़ी पर चेचिस व इंजन नंबर उकेर देते
एडीसीपी पूर्वी अमित कुमार के अनुसार, यह गिरोह क्षतिग्रस्त वाहनों को कागज सहित खरीदते थे। इसके बाद उसी मॉडल की गाड़ी ऑन डिमांड चोरी करते थे। गिरोह के सदस्य इतने शातिर हैं कि वह चेचिस व इंजन नंबर को आसानी से खरादकर बदल देते थे। वाहनों के ईसीएम व आईडेंटिफिकेशन चिप भी बदल दिया करते हैं। पकड़ा गया नौबस्ता निवासी विनोद शर्मा और रेल बाजार निवासी इसरार यह काम करते थे। विनोद शर्मा डेंटर है और इसरार कार मैकेनिक है।
नेपाल, बिहार व अन्य राज्यों में बेचते थे गाड़ियां
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के लिए कश्मीर व नार्थ ईस्ट के राज्य काफी फायदेमंद होते हैं। इन राज्यों से आसानी से गाड़ी चोरी भी करते थे और वहां इंजन व चेचिस नंबर बदलकर गाड़ियों को खपा भी आसानी से देते हैं। एसीपी के मुताबिक, यह काफी बड़ा गिरोह है। जल्द ही चोरी की करीब सौ से अधिक लग्जरी कारें को चिह्नित किया गया है। उन्हें जल्द बरामद किया जाएगा।
गिरोह के कई अन्य शातिरों के नाम मिले
एसीपी विभूतिखंड स्वतंत्र सिंह के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में गैंग के अन्य लोगों के नाम पता चले हैं। इसमें मोहम्मद कामिल, मनीष टंडन, अबरार, अफजाल, राजू शर्मा, आरिफ, शिबू, रोमी पाल सिंह और संदीप मारवा शामिल हैं।