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लखनऊ : फिर सामने आया हिंसा में पीएफआई कनेक्शन, जांच एजेंसियां पड़ताल में जुटीं
Sun, 05 Jun 2022 07:47 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 05 Jun 2022 07:47 PM IST
सार
प्रदेश में पीएफआई की संदिग्ध गतिविधियां पिछले तीन साल से चल रही है। बीते साल फरवरी में एसटीएफ ने नागपंचमी के मौके पर पीएफआई के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर दावा किया था यह प्रदेश में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
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कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में बीते शुक्रवार को हुई हिंसा के बाद एक बार फिर पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) कनेक्शन सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उसमें से कुछ के संबंध में पीएफआई से हैं। इस इनपुट के बाद यूपी एटीएस के एडीजी नवीन अरोड़ा स्पॉट कमांडो के साथ कानपुर पहुंच गए हैं, वह भी इस मामले में पड़ताल कर रहे हैं।
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बीते दो-तीन साल में यह तीसरा मौका है जब किसी हिंसा की घटना में पीएफआई का सीधा संबंध सामने आया हो। इससे पहले दिसंबर 2019 में लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और एनआरसी के विरोध में हुई हिंसा में भी पीएफआई का नाम सामने आया था।
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इसके अलावा हाथरस में दुष्कर्म के बाद पीड़िता की हत्या की हुई हत्या के विरोध को हवा देने और हिंसा फैलाने की कोशिश करने के मामले में भी पीएफआई का नाम सामने आ चुका है। इन मामलों में कई पीएफआई के कई सदस्यों की गिरफ्तारी भी की गई थी। इतना ही नहीं यूपी एसटीएफ ने पीएफआई के दिल्ली के शाहीनबाग स्थित कार्यालय पर भी छापा मारा था और कंप्यूटर व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद करने का दावा किया था।
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यूपी में गिरफ्तार हो चुके हैं पीएफआई के सौ से अधिक सदस्य
प्रदेश में पीएफआई की संदिग्ध गतिविधियां पिछले तीन साल से चल रही है। बीते साल फरवरी में एसटीएफ ने नागपंचमी के मौके पर पीएफआई के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर दावा किया था यह प्रदेश में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
इन दो के अलावा 2020 में पीएफआई के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर चार दिनों में 100 से अधिक पीएफआई के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें सबसे अधिक मेरठ से 21, वाराणसी से 20, बहराइच से 16, लखनऊ से 14, गाजियाबाद से 9, शामली से 7, मुजफ्फरनगर से 6, कानपुर से 5, बिजनौर से 4, सीतापुर से 3 और गोंडा, हापुड़ व जौनपुर से 1-1 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
प्रतिबंध लगाने की हो चुकी है सिफारिश
पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रदेश सरकार को सिफारिश भेजी थी। प्रदेश सरकार ने यह सिफारिश केंद्र को भेज दी थी, लेकिन इस सिफारिश पर कार्रवाई अभी नहीं हुई है।