लखनऊ: नेशनल हेराल्ड की कैसरबाग स्थित संपत्ति को खाली करने के लिए नोटिस चस्पा, कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन
ED action against Rahul: नेशनल हेराल्ड की कैसरबाग स्थित संपत्ति को खाली करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने नोटिस चस्पा कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश के कांग्रेसियों ने ईडी की कार्रवाई पर प्रदर्शन किया।
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नेशनल हेराल्ड की कैसरबाग स्थित संपत्ति को खाली करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने नोटिस चस्पा कर दिया है। बता दें कि ईडी ने नवंबर 2023 में दिल्ली और मुंबई की संपत्तियों के साथ कैसरबाग स्थित नेशनल हेराल्ड की संपत्ति पर बने व्यावसायिक कांप्लेक्स को भी जब्त किया था। इस आदेश पर नई दिल्ली स्थित निर्णायक प्राधिकारी की मुहर लगने के बाद ईडी ने इसे खाली करने का नोटिस चस्पा किया है।
बता दें कि नई दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय की यूनिट-1 के डिप्टी डायरेक्टर नवीन राणा की ओर से नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की गई है। यह आदेश बीती 9 अप्रैल को जारी किया गया था, जिसके बाद राजधानी आकर ईडी के अधिकारियों ने संपत्ति को खाली करने के लिए नोटिस लगाया है। नोटिस में इस संपत्ति को किसी दूसरे को बेचने, ट्रांसफर करने पर भी रोक लगाने का जिक्र किया गया है। इस बाबत संबंधित उप निबंधक कार्यालय को भी पत्र भेजा गया है। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 64 करोड़ रुपये है। नोटिस में जिक्र किया गया है कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड, यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों ने आपराधिक साजिश के तहत करीब 2 हजार करोड़ रुपये कीमत की इन संपत्तियों को 50 लाख रुपये में खरीदा था। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास यंग इंडियन के 38-38 फीसद शेयर हैं। बता दें कि ईडी सोनिया और राहुल के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रदेशभर में किया विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही इसके विरोध में ज्ञापन भी दिया। कासगंज में धरने में शामिल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सोनिया गांधी व राहुल गांधी के खिलाफ फर्जी मामला बनाकर ईडी द्वारा चार्जशीट दायर की गई है। कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। हम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की इस साजिश से डरने-झुकने वाले नहीं हैं। इसी क्रम में लखनऊ कांग्रेस मुख्यालय से जुलूस निकाल कर ईडी कार्यालय के घेराव का कांग्रेस नेताओं ने प्रयास किए।
कांग्रेस नेता ईडी कार्यालय जाने के लिए निकले थे कि पुलिस ने बैरिकेडिंग करके रोक लिया। इस पर कांग्रेस नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसे लेकर उनकी पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। इस दौरान अमित श्रीवास्तव त्यागी, डॉ. शहजाद आलम, रुद्र दमन सिंह, दिनेश सिंह, श्याम किशोर शुक्ला, अंकित तिवारी, अनस रहमान, किश्वर जहां, सुशीला शर्मा, डॉ. ऋचा शर्मा कौशिक आदि मौजूद रहे। इसी तरह अन्य जिला और शहर अध्यक्षों के नेतृत्व में जिलों में धरना-प्रदर्शन हुआ।
भाजपा नेताओं पर लगाया आरोप
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अजय राय ने आरोप लगाया है कि कासगंज के बडारी बैसवारा गांव में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में भाजपा नेता भी शामिल हैं। सरकारी मशीनरी उसे बचाने में लगी है, किंतु कांग्रेस इस मामले को लेकर हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
कासगंज जाकर पीड़ित परिवार से मिलने के बाद बुधवार देर शाम प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म ने प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। कासगंज की घटना सिर्फ सामूहिक दुष्कर्म नहीं है बल्कि प्रतिशोध की भावना में अंजाम दिया गया जघन्य अपराध है। पूरे मामले की उच्च स्तर पर जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।