Lucknow News : बीमा के 50 लाख पाने के लिए महिला की कराई हत्या, पति-ससुर भी साजिश में शामिल, तीन गिरफ्तार
लखनऊ में चिनहट में साजिश के तहत एक युवक ने युवती से शादी की। चार कार समेत छह वाहन उसके नाम पर फाइनेंस करवाए। 10 लाख का मुद्रा लोन लिया और 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस कराया।
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चिनहट के कंचनपुर मटियारी निवासी युवक ने साजिश के तहत शादी की। फिर पत्नी के नाम पर चार कार समेत छह वाहन फाइनेंस करवाए। 10 लाख का मुद्रा लोन लिया और पत्नी का 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस भी कराया।
बीमा की रकम हड़पने और फाइनेंस कराए वाहनों के लोन से छुटकारा पाने के लिए युवक ने पिता और चार साथियों के साथ मिलकर पत्नी को कार से कुचलवा दिया, जिससे हत्या हादसा लगे। हुआ भी यही, लेकिन बीमा कंपनी की सतर्कता से सवा साल बाद चिनहट पुलिस ने आरोपियों की साजिश का पर्दाफाश कर मंगलवार को तीन को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी जेल भेजे गए। महिला का पति, ससुर और एक अन्य आरोपी प्रतापगढ़ का अभिषेक शुक्ला भागा हुआ है।डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि 20 मई 2023 को मटियारी के राधापुरम में पूजा यादव (28) की हादसे में मौत की पुलिस को सूचना मिली। इंदिरानगर सेक्टर 12 निवासी कार चालक दीपक वर्मा को मौके से पकड़ा गया था। पुलिस ने हादसे में कार्रवाई की। कुछ वक्त पहले पूजा के पति अभिषेक ने बीमा की रकम के लिए क्लेम किया। इसकी प्रक्रिया में जांच के दौरान शक होने पर कंपनी ने पुलिस को सूचना दी।
सालभर रची साजिश, तब दिया अंजाम
वर्ष 2021 से वारदात की साजिश रची गई, जिसमें आरोपी कुलदीप की बड़ी भूमिका रही। योजना के तहत अप्रैल 2022 में अभिषेक की अयोध्या निवासी पूजा से शादी कराई गई। पूजा की यह दूसरी शादी थी। कुलदीप ने सारे फर्जी दस्तावेज तैयार किए। आईटीआर भरा। शादी के कुछ ही महीने के अंदर पूजा के नाम पर बड़ा इंश्योरेंस कराया गया। चार कारें और दो बाइक फाइनेंस कराईं। दस लाख रुपये का मुद्रा लोन भी ले लिया गया। साजिश में अधिवक्ता भी शामिल था, इसलिए शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया।
कुलचने वाला अभी गिरफ्त से दूर
एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह ने बताया कि उस दौरान दर्ज किए गए केस में बताया गया था कि जिस कार से हादसा हुआ वह दीपक चला रहा था। हालांकि, जांच में सामने आया है कि आरोपी अभिषेक शुक्ला ने पूजा को कार से रौंदा था।अपनी आंखों से देखी बहू की हत्या
वारदात के दिन पूजा दवा लेने के लिए जा रही थी। उसके पति और ससुर को इसका पता था। साजिश के तहत अन्य लोगों को जानकारी दी। अभिषेक कार लेकर पहले से खड़ा था। पूजा ससुर के साथ जा रही थी। ससुर की आंखों के सामने ही अभिषक ने उसे कार से रौंद दिया।
करीब 20 लाख रुपये हड़प चुके थे
पुलिस की जांच में सामने आया कि पूजा के नाम पर कई छोटे बीमा भी थे। घटना के बाद इनके क्लेम के करीब 20 लाख रुपये आरोपियों ने हासिल कर आपस में बांट लिए। बड़ी रकम वाला बीमा क्लेम लेने की कोशिश की तो जांच में खुलासा हो गया।
बीमा कंपनी से जब संदेह जताकर पुलिस से शिकायत की तो अफसर सक्रिय हुए। केस से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। सबसे पहले दीपक से पूछताछ की, क्योंकि हादसे वाले केस में वही बतौर चालक आरोपी था। पुलिस के मुताबिक उसकी कॉल डिटेल में पूजा के पति, ससुर आदि के नंबर मिले। सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने पूरी घटना कुबूल की।
पहले कत्ल किया, फिर पंचायत नामा भी भरा
डीसीपी ने बताया कि पूजा की हत्या के बाद आरोपियों दीपक, अभिषेक शुक्ला, राम मिलन, अभिषेक व कुलदीप ने पंचायत नामा भी भरा। तफ्तीश में पता चला कि अभिषेक शुक्ला अपने परिचित विजय बहादुर की कार मांगकर लाया था। वारदात के बाद विजय बहादुर से बोला कि मामूली एक्सीडेंट हुआ है। फिर कार रिपेयर करवाकर वापस दे दी गई।