{"_id":"65f3b63147a1d3a5f90abb75","slug":"lucknow-news-way-cleared-for-making-scr-governor-gives-approval-2024-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News : एससीआर बनाने का रास्ता साफ, राज्यपाल ने दी मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News : एससीआर बनाने का रास्ता साफ, राज्यपाल ने दी मंजूरी
Fri, 15 Mar 2024 08:28 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 15 Mar 2024 08:28 AM IST
सार
उनकी मंजूरी के बाद उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र और अन्य विकास प्राधिकरण अध्यादेश-2024 जारी कर दिया गया। वहीं, आवास विभाग ने इसके गठन का काम शुरू कर दिया है। जल्द ही नियमावली बनाते हुए एससीआर बनाने का काम शुरू होगा।
विज्ञापन
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी समेत आसपास के छह जिलों को मिलाकर गठित होने वाला राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) जल्द आकार लेगा। इसका मुख्यालय लखनऊ में होगा। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने एससीआर व अन्य क्षेत्र बनाने को हरी झंडी दे दी है। उनकी मंजूरी के बाद उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र और अन्य विकास प्राधिकरण अध्यादेश-2024 जारी कर दिया गया। वहीं, आवास विभाग ने इसके गठन का काम शुरू कर दिया है। जल्द ही नियमावली बनाते हुए एससीआर बनाने का काम शुरू होगा।
विज्ञापन
आवास विभाग की अधिसूचना के मुताबिक एससीआर का मुख्यालय लखनऊ में बनेगा। जबकि अन्य क्षेत्रों का मुख्यालय बनाने का फैसला बाद में सरकार के स्तर लिया जाएगा। एससीआर के सीमा क्षेत्र के विस्तार और बदलाव का अधिकार राज्य सरकार के पास होगा। एससीआर बनने के बाद इसके लिए नए सिरे से नियमावली तैयार की जाएगी और इसमें प्रावधान किया जाएगा कि एससीआर में लोगों को क्या-क्या सुविधाएं दी जाएंगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी जिले को मिलाकर एससीआर बनाने का फैसला किया है। एनसीआर की तर्ज पर गठित होने वाले एससीआर में शामिल सभी शहरों का सुनियोजित विकास के साथ ही तमाम सुविधाएं भी मुहैया होंगी। वहां व्यावसायिक व आवासीय के साथ ही औद्योगिक उपयोग के लिए भी भूमि उपलब्ध होगी। सभी छह शहरों के विकास क्षेत्र में स्कूल-कॉलेज खोलने और नॉलेज पार्क की स्थापना हो सकेगी। देश-दुनिया के प्रोफेशनल कॉलेज और विश्वविद्यालय भी खुल सकेंगे।
विज्ञापन