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Lucknow News : ब्लड बैंक में छापा पड़ते ही डॉक्टर ने व्हाट्सएप पर भेजा था इस्तीफा, डॉक्टर को पता था खून की आपूर्ति ठीक नहीं, फंसने से पहले भेजा इस्तीफा

Mon, 18 Jul 2022 09:35 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 18 Jul 2022 09:35 PM IST
सार

छापा पड़ते ही ब्लड बैंक संचालक को व्हाट्सएप  पर अपना इस्तीफा भेज दिया ताकि वह न फंसे। ड्रग विभाग के अफसरों का कहना है कि व्हाट्सएप  पर भेजा गया इस्तीफा मान्य नहीं है।

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Lucknow News: The doctor sent his resignation on WhatsApp as soon as the blood bank was raided, the doctor knew the blood supply was not good, sent his resignation before getting trapped
ब्लड बैंक

विस्तार

लखनऊ में खून के अवैध कारोबार में शामिल डॉक्टर बचने के लिए हर हथकंडे अपना रहे हैं। जिन डॉक्टरों ने चैरिटेबल ब्लड बैंक के पंजीकरण वक्त अपने लाइसेंस लगाए थे। छापा पड़ते ही ब्लड बैंक संचालक को व्हाट्सएप  पर अपना इस्तीफा भेज दिया ताकि वह न फंसे। ड्रग विभाग के अफसरों का कहना है कि व्हाट्सएप  पर भेजा गया इस्तीफा मान्य नहीं है।

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ठाकुरगंज स्थित मिड लाइफ हॉस्पिटल पर बीते माह एसटीएफ-ड्रग विभाग की टीम ने छापा मारा था। पुलिस ने करीब 302 यूनिट खून जब्त किया था। यह खून दूसरे राज्य से बिना तापमान मिनटेंन किए लाया गया था। ब्लड बैंक पंजीकरण के वक्त जिस डॉक्टर ने अपना दस्तावेज लगाए थे। उसने छापे पड़ने की सूचना पाकर संचालक के व्हाट्सएप  नंबर पर इस्तीफा भेज दिया। 
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टीम ने ब्लड बैंक में जांच पड़ताल किया तो चला कि डॉक्टर लद्दाख की सैर पर गए थे। डॉक्टर ने अपनी गर्दन बचाने के लिए इस्तीफा भेजा था। इसी तरह कई अन्य निजी ब्लड बैंक में जिन डॉक्टरों के लाइसेंस लगे थे वह भी अपना इस्तीफा भेज रहे है ताकि वह न फंसे। सहायक मंडल आयुक्त ब्रजेश यादव के मुताबिक, इस्तीफा व्हाट्सएप  पर डाला जाना मान्य नहीं है। इसकी सूचना ड्रग विभाग को दी जानी चाहिए थी। बताया नमूने फेल होने पर जिन डॉक्टर-स्टॉफ के लाइसेंस लगे थे सभी पर मुकदमा दर्ज होगा।
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17 दिन बाद भी नहीं आई जांच रिपोर्ट
ड्रग विभाग ने चारों ब्लड बैंक से नमूना एकत्र करके जांच के लिए पीजीआई भेजा था। करीब 17 दिन बीतने बाद भी अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में इन ब्लड बैंकों के लाइसेंस निरस्त किए जाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।

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