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Lucknow News : राज्यकर एसटीएफ ने किया 95 करोड़ के फर्जी आईटीसी का पर्दाफाश
Fri, 16 Sep 2022 01:20 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 16 Sep 2022 01:20 AM IST
सार
इस रैकेट में शामिल यूपी के विभिन्न जिलों के कुल 203 व्यापारियों के बारे में सभी जोनल अपर आयुक्तों को आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। 95.41 करोड़ के फर्जी आईटीसी मामले में अकेले यूपी के व्यापारियों द्वारा 55.12 करोड़ का बोगस आईटीसी क्लेम लिया गया है।
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जीएसटी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश में जीएसटी चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में राज्यकर एसटीफ की टीम ने बृहस्पतिवार को फर्जी कागजात के आधार पर 95.41 करोड़ रुपये के बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का पर्दाफाश किया है। फर्जीवाड़े का यह पहला मामला है, जिसमें रैकेट में शामिल व्यापारियों ने एक ही मोबाइल और फर्जी रेंट एग्रीमेंट के आधार पर जीएसटी का 26 पंजीयन प्राप्त किया गया था।
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कर चोरी रोकने की कार्रवाई का नेतृत्व करने वाले राज्यकर एसटीएफ के प्रभारी अपर आयुक्त अरविंद कुमार ने बताया कि फर्जी आईटीसी क्लेम लेने के रैकेट में यूपी के 39, दिल्ली के 50, हारियाणा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, कर्नाटक के 1-1, राजस्थान के 5, महाराष्ट्र के 2 व्यापारियों समेत कुल 105 आपूर्तिकर्ता व्यापारियों द्वारा फर्जी कागजात के आधार पर 542.41 करोड़ रुपये का टर्नओवर दिखाकर 95.41 करोड़ रुपये की अनियमित आईटीसी प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि फर्जी रेंट एग्रीमेंट के आधार पर जीएसटी का पंजीकरण कराने वाले इन व्यापारियों द्वारा कुल 9 राज्यों के 417 व्यापारियों को बोगस आईटीसी का लाभ दिलाया गया है।
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उन्होंने बताया कि इस रैकेट में शामिल यूपी के विभिन्न जिलों के कुल 203 व्यापारियों के बारे में सभी जोनल अपर आयुक्तों को आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। 95.41 करोड़ के फर्जी आईटीसी मामले में अकेले यूपी के व्यापारियों द्वारा 55.12 करोड़ का बोगस आईटीसी क्लेम लिया गया है। उधर आयुक्त राज्यकर ने फर्जी रेंट एग्रीमेंट के आधार पर जीएसटी से पंजीयन प्राप्त करने वाले व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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