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Lucknow News : मनी लॉड्रिंग में फंसा पिनटेल-अमरावती ग्रुप, ईडी जांच की सिफारिश, अरबों के निवेश के मिले प्रमाण
Tue, 29 Aug 2023 06:37 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अशोक मिश्रा, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अशोक मिश्रा, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 29 Aug 2023 06:37 AM IST
सार
आयकर विभाग के जांच के दायरे में आई राजधानी की रीयल एस्टेट कंपनी पिनटेल और अमरावती ग्रुप के संचालकों की मुश्किल बढ़ने वाली है। आयकर विभाग ने दोनों कंपनियों के संचालकों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लाॅन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
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प्रवर्तन निदेशालय।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आयकर विभाग के जांच के दायरे में आई राजधानी की रीयल एस्टेट कंपनी पिनटेल और अमरावती ग्रुप के संचालकों की मुश्किल बढ़ने वाली है। आयकर विभाग ने दोनों कंपनियों के संचालकों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लाॅन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई करने की सिफारिश की है। इस संबंध में आयकर विभाग, लखनऊ की अन्वेषण इकाई ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुंबई को पत्र भेजा है।
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दरअसल, आयकर विभाग की जांच में सामने आया है कि हवाला कारोबारी नंदकिशोर चतुर्वेदी के जरिए पिनटेल और अमरावती ग्रुप में महाराष्ट्र के राजनीतिक घराने की काली कमाई को खपाया गया है। करीब 150 शेल कंपनियों के जरिए अरबों रुपये के काले धन को सफेद करने के लिए रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया गया। आयकर विभाग ने जून माह में पिनटेल और अमरावती ग्रुप के दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर में करीब 50 ठिकानों पर छापे मारे थे। जांच में पता चला कि राजनीतिक घराने की काली कमाई को खपाने वाले नंदकिशोर के खिलाफ मुंबई में सीबीआई और ईडी ने कार्रवाई करनी शुरू की, तो वह भागकर यूपी आ गया। उसने पिनटेल ग्रुप के रोहित सहाय और अमरावती ग्रुप के रवि पांडे के जरिए लखनऊ में करीब 3000 करोड़ रुपये के रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट शुरू कर दिए। ईडी की टीमें नंद किशोर को मुंबई में तलाशती रही, जबकि वह लखनऊ में नेताओं की काली कमाई को खपा रहा था। आयकर विभाग द्वारा कई बार नोटिस देने पर भी नंदकिशोर पेश नहीं हुआ।
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नहीं दे सके हिसाब
आयकर विभाग ने जब इन कंपनियों के संचालकों को तलब कर रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश की गई रकम का स्रोत पूछा, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच में सामने आया कि कोलकाता की शेल कंपनियों से फर्जी एंट्री लेकर इन कंपनियों में करोड़ों रुपये भेजे गए। इससे साफ हो गया कि ये कंपनियां मनी लाॅन्ड्रिंग में लिप्त हैं। इसकी जांच पहले से ईडी, मुंबई कर रहा है, लिहाजा आयकर विभाग ने पत्र भेजकर कार्रवाई करने को कहा है।
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65 करोड़ रुपये नगद का लेन-देन
जांच में सामने आया कि अमरावती ग्रुप के रवि पांडेय के रिश्तेदार हरेश मिश्रा ने लखनऊ में तमाम बेशकीमती संपत्तियां खरीदीं। कई सेल डीड में हरेश मिश्रा के दस्तखत मिलने पर जब आयकर विभाग ने हरेश के ठिकानों पर छापा मारा तो 65 करोड़ रुपये नगद के लेन-देन होने का भी खुलासा भी हुआ। बता दें कि हाल ही में आयकर विभाग ने लखनऊ के काकोरी स्थित पिनटेल और ग्रुप की सैंकड़ों बीघा जमीन को जब्त किया है। इनको खरीदने में हरेश मिश्रा की भूमिका सामने आई है।