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Lucknow News : यूपी के दस से ज्यादा लोगों को एनजीओ संचालक ने की दो करोड़ रुपये फंडिंग

Thu, 11 Jan 2024 01:21 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 11 Jan 2024 01:21 AM IST
सार

एटीएस की जांच में इसका खुलासा होने के बाद उसके बैंक खातों की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि जिन सफेशपोश लोगों को वह फंडिंग कर रहा था, उनका पता लगाया जा सके।

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Lucknow News: NGO operator provided funding of Rs 2 crore to more than ten people of UP.
यूपी एटीएस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मानव तस्करी सिंडीकेट का सदस्य एवं एनजीओ संचालक अबू सालेह ने बीते दो वर्षों के दौरान यूपी के 10-12 लोगों के खाते में करीब दो करोड़ रुपये भेजे थे। एटीएस की जांच में इसका खुलासा होने के बाद उसके बैंक खातों की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि जिन सफेशपोश लोगों को वह फंडिंग कर रहा था, उनका पता लगाया जा सके। एटीएस की टीम उसे पश्चिम बंगाल ले जाकर छापे मारने की तैयारी भी कर रही है। वहीं दूसरी ओर बुधवार को पश्चिम बंगाल से आई एटीएस की टीम ने अबू सालेह से पूछताछ की है।

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पश्चिम बंगाल में हरोआ-अल जमियातुल इस्लामिया दारूल उलूम मदरसा एवं कबीरबाग मिल्लत एकेडमी नामक एनजीओ के संचालक अबू सालेह को एटीएस ने रविवार को राजधानी से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया है कि उसे यूके निवासी भारतीय मूल का नागरिक ने उम्मा वेलफेयर ट्रस्ट से 58 करोड़ रुपये सामाजिक कार्यों में इस्तेमाल करने के लिए दिलवाए थे, जबकि इसका इस्तेमाल मानव तस्करी और टेरर फंडिंग में हो रहा था। 
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जांच में अबू सालेह और दिल्ली के डॉ. गफ्फार की मिलीभगत के पुख्ता प्रमाण भी हाथ लगे हैं। बता दें कि डॉ. गफ्फार को एटीएस बीते एक महीने से तलाश रही है। अबू सालेह के एनजीओ के एफसीआरए खातों में उम्मा वेलफेयर ट्रस्ट से वर्ष 2018 से 2022 तक करीब 58 करोड़ की फंडिंग हुई थी।
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इसका उपयोग अवैध रूप से रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में घुसपैठ कराने, उनकी आर्थिक सहायता करने, फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाने एवं हवाला के माध्यम से उस पैसे को भारत के विभिन्न राज्यों में भेज कर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में प्रयोग करने में किया जा रहा था। इसके लिए डॉ. गफ्फार दिल्ली में फिनो बैंक के एजेंट अब्दुल अव्वल के जरिए फर्जी खाते खुलवाता था और बाद में उनमें रकम ट्रांसफर होने के बाद कैश निकाल लेता था।

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