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Lucknow News: पीजीआई में बच्चों के दिल की बीमारियों के लिए ऑपरेशन शुरू
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पीजीआई में बच्चों के दिल की बीमारियों के लिए ऑपरेशन शुरू
-बच्चों के लिए छह बेड का आईसीयू, 30 बेड का वार्ड व एक ओटी आरक्षित
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। जन्मजात दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों के राहत भरी खबर है। पीजीआई
में अब दिल व वाल्व की जुड़ी बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए ऑपरेशन की
सुविधा शुरू हो गई है। संस्थान ने बच्चों के लिये छह बेड का आईसीयू, 30 बेड
का वार्ड और एक ऑपरेशन थियेटर संचालित किया है। ऑपरेशन की सुविधा शुरू होने
से बच्चों को दूसरे राज्य जाने की नौबत नहीं आएगी।
सीवीटीएस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.एसके अग्रवाल का कहना है कि बच्चों के
दिल में छेद, वाल्व में खराबी समेत कई तरह के जन्मजात रोग हो सकते हैं। कई
बच्चों में तुरंत सर्जरी की जरूरत होती है। अब पीजीआई में बच्चों के दिल से
जुड़े रोगों का ऑपरेशन किए जा रहे हैं। हर माह 10 से अधिक ऑपरेशन किए जा
रहे रहे हैं। विभाग में नए डॉक्टरों की भर्ती व संसाधन बढ़ने पर बेड बढ़ाए
जाएंगे। पीजीआई में बच्चों के दिल की बीमारियों (कंजाइटल हार्ट डिजीज) के
उपचार के लिए 200 बेड का केंद्र स्थापित किया जाना है। इसमें 100 बेड
आईसीयू के होंगे। सेंटर में बच्चों के दिल की सभी बीमारियों का इलाज
मिलेगा। नवजात से 18 वर्ष के बच्चों के दिल में छेद, वॉल्व से जुड़ी
समस्याओं का उपचार किया जाएगा। इस सेंटर के शुरू होने से बड़ी राहत मिलेगी।
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-बच्चों के लिए छह बेड का आईसीयू, 30 बेड का वार्ड व एक ओटी आरक्षित
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। जन्मजात दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों के राहत भरी खबर है। पीजीआई
में अब दिल व वाल्व की जुड़ी बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए ऑपरेशन की
सुविधा शुरू हो गई है। संस्थान ने बच्चों के लिये छह बेड का आईसीयू, 30 बेड
का वार्ड और एक ऑपरेशन थियेटर संचालित किया है। ऑपरेशन की सुविधा शुरू होने
से बच्चों को दूसरे राज्य जाने की नौबत नहीं आएगी।
सीवीटीएस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.एसके अग्रवाल का कहना है कि बच्चों के
दिल में छेद, वाल्व में खराबी समेत कई तरह के जन्मजात रोग हो सकते हैं। कई
बच्चों में तुरंत सर्जरी की जरूरत होती है। अब पीजीआई में बच्चों के दिल से
जुड़े रोगों का ऑपरेशन किए जा रहे हैं। हर माह 10 से अधिक ऑपरेशन किए जा
रहे रहे हैं। विभाग में नए डॉक्टरों की भर्ती व संसाधन बढ़ने पर बेड बढ़ाए
जाएंगे। पीजीआई में बच्चों के दिल की बीमारियों (कंजाइटल हार्ट डिजीज) के
उपचार के लिए 200 बेड का केंद्र स्थापित किया जाना है। इसमें 100 बेड
आईसीयू के होंगे। सेंटर में बच्चों के दिल की सभी बीमारियों का इलाज
मिलेगा। नवजात से 18 वर्ष के बच्चों के दिल में छेद, वॉल्व से जुड़ी
समस्याओं का उपचार किया जाएगा। इस सेंटर के शुरू होने से बड़ी राहत मिलेगी।