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Lucknow News: बैंककर्मियों को जिम्मेदार ठहरा कारोबारी ने फांसी लगा दी जान

Mon, 21 Aug 2023 01:48 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Aug 2023 01:48 AM IST
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LUCKNOW NEWS

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लखनऊ। वृंदावन सेक्टर-11 में शनिवार रात कारोबारी राकेश कुमार शुक्ला (53) ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। रविवार सुबह परिजनों को जानकारी हुई तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें कारोबारी ने खुदकुशी के लिए तीन बैंककर्मियों को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि ये बैंककर्मी राकेश पर दबाव बना रहे थे। तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। फिलहाल पुलिस को तहरीर नहीं मिली है।

मूलरूप से लखीमपुर निवासी राकेश पीजीआई इलाके में स्थित कासा ग्रीन अपार्टमेंट में पत्नी मानवता व बेटे अभीष्ट के साथ रहते थे। उनकी मोहनलालगंज के गौरा गांव में नारायणा नाम से प्लाईवुड व ग्लो साइन बोर्ड बनाने की फैक्टरी है। राकेश का वृंदावन सेक्टर-11 में एक मकान है। इसमें किराए पर स्कूल चलता है। इसी मकान में वह शनिवार रात सोने के लिए गए थे। पत्नी व बेटा फ्लैट में थे। रविवार सुबह करीब आठ बजे से परिजन उनको कॉल कर रहे थे, लेकिन रिसीव नहीं हुई। इसपर उनके भतीजे हर्षित मकान पर पहुंचे। मकान के मुख्य गेट के साथ ही कमरे का भी दरवाजा खुला मिला। भीतर फंदे पर राकेश का शव लटक रहा था। पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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बैंककर्मियों की वजह से खुदकुशी कर रहा हूं...



सूत्रों के मुताबिक सुसाइड नोट में लिखा है- बैंककर्मियों ने मुझको फंसाकर लोन करवा दिया। इससे मेरी जिंदगी तबाह हो गई है। इसी प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी कर रहा हूं। खुदकुशी के लिए जिम्मेदार इन तीनों बैंककर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए...।
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72 लाख के कर्ज के मामले में बैंककर्मियों पर दर्ज हो चुका है केस

एडीसीपी पूर्वी अली अब्बास ने बताया कि इंडियन बैंक से 72 लाख रुपये का लोन राकेश के नाम पर लिया गया था। कर्ज न चुकाने पर खाता एनपीए हो गया था। कुछ समय पहले कोर्ट के आदेश पर राकेश ने बैंककर्मियों पर एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि यह कर्ज उन्होंने नहीं लिया, बल्कि बैंककर्मियों ने हेरफेर कर उनके नाम पर लोन अकाउंट खोलकर रकम हड़प ली। इसको लेकर वह तनावग्रस्त रहते थे। सूत्राें के मुताबिक बैंक कर्ज को लेकर उन्हें नोटिस भी मिला था। इसके बाद वे और भी परेशान रहने लगे थे। इन बातों का राकेश ने सुसाइड नोट में भी जिक्र किया है।



परेशान थे राकेश, मकान बेचने की बात कर रहे थे



यह भी सामने आ रहा है कि राकेश अपना मकान बेचने के लिए कुछ लोगों से बातचीत कर रहे थे। इससे भी पता चलता है कि वह कर्ज के दबाव में थे। शायद इसी वजह से वह मकान बेचने पर विचार कर रहे थे। हालांकि राकेश के परिजन मामले में पूरी तरह से खामोश हैं।

करोड़ों का है कारोबार

नारायणा फैक्टरी में दर्जनों लोग काम करते हैं। उनके एक मकान में किराए पर प्ले स्कूल चलता है। जानकारी के मुताबिक कुछ वक्त पहले उन्होंने कंस्ट्रक्शन का काम भी शुरू किया था, लेकिन उसमें घाटा हो गया। हालांकि, इस संबंध में परिजनों ने कोई जानकारी नहीं दी।




तहरीर मिलने पर की जाएगी जांच



एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि बरामद नोट में लोन व बैंक संबंधी विवाद का जिक्र है। इसमें तीन बैंककर्मियों के नाम लिखे हैं और उनको जिम्मेदार ठहराया गया है। अभी तक तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।


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