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Lucknow News : ट्रस्ट और शेल कंपनियों के जरिए बैंक की रकम को हड़प रहे थे जेवीएल के संचालक
Sun, 23 Jun 2024 10:12 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 23 Jun 2024 10:12 PM IST
सार
ईडी ने शुक्रवार को वाराणसी, दिल्ली, पटना, कोलकाता, बिहार में जेवीएल एग्रो ग्रुप के 12 ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों को जब्त किया गया था।
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- फोटो : ANI
विस्तार
वाराणसी के जेवीएल ग्रुप के संचालक ट्रस्ट और शेल कंपनियों के जरिए बैंक की रकम को हड़प रहे थे। जेवीएल के संचालक सत्य नारायण झुनझुनवाला, आदर्श झुनझुनवाला, कंपनी के प्रमोटर आदि के ठिकानों पर दो दिन पूर्व मारे गए छापों में ईडी को इसके पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं, जिसके बाद उनकी संपत्तियों को तलाश जा रहा है। जल्द ही ईडी संचालकों की संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी में है।
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बता दें कि ईडी ने शुक्रवार को वाराणसी, दिल्ली, पटना, कोलकाता, बिहार में जेवीएल एग्रो ग्रुप के 12 ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों को जब्त किया गया था। इनकी जांच में बैंक की रकम को ट्रस्ट और शेल कंपनियों में ट्रांसफर करने करने समेत बड़े पैमाने पर हेराफेरी के सुबूत मिले हैं।
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साथ ही तमाम संपत्तियों का भी पता चला है। ईडी ने जेवीएल एग्रो द्वारा बैंक ऑफ बडौदा का 1992 करोड़ रुपये हड़पने को लेकर सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। ईडी के अधिकारियाें के मुताबिक जेवीएल की यूपी, राजस्थान, बिहार और पश्चिम बंगाल में इकाइयां हैं, जो विभिन्न खाद्य तेलों के विनिर्माण और व्यापार में शामिल थी।
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जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने बैंक से मिले कर्ज की रकम का अपने वित्तीय विवरणों में हेरफेर किया और उसे विदेशी संस्थाओं, अंतर्देशीय संस्थाओं और विभिन्न कागजी संस्थाओं में स्थानांतरित कर दिया। यह भी पता चला कि सत्य नारायण झुनझुनवाला ने कंपनी दिवाला समाधान प्रक्रिया की कार्यवाही से बचने के उद्देश्य से कंपनियों एवं संपत्तियों की शेयरधारिता को स्थानांतरित करने के लिए कई सार्वजनिक प्रयोजन ट्रस्टों की स्थापना की। ईडी इस मामले की आगे जांच कर रही है।