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Lucknow News : पिता-पुत्र ने कंपनी खोल सात हजार लोगों से करोड़ो ठगे, पांच राज्यों में चिटफंड गिरोह का नेटवर्क
Thu, 21 Jul 2022 08:02 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 21 Jul 2022 08:02 PM IST
सार
एडीसीपी उत्तरी अनिल कुमार यादव के मुताबिक रामकेश शर्मा सहारा में नौकरी करते थे। वह पड़ौराना में सेक्टर मैनेजर के पद से 2002 में त्यागपत्र दिया। इसके बाद खुद की कंपनी खोलने के लिए लखनऊ पहुंच गये।
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ठगी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखनऊ में विकासनगर पुलिस ने दो शातिर जालसाजों को दबोचा है। दोनों पिता-पुत्र हैं। दोनों ने ट्रिनिटी मल्टी स्टेट को-आपरेटिव क्रेडिट सोसायटी के नाम से कंपनी बनाकर ठगी है। पुलिस के मुताबिक दोनों करीब सात हजार लोगों से करोड़ों रुपये ठगे हैं। इन दोनों के खिलाफ 29 से अधिक मुकदमें दर्ज है। कमिश्नरेट पुलिस ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस मामले में पुलिस अभी दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
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एडीसीपी उत्तरी अनिल कुमार यादव के मुताबिक पकड़े गये आरोपियों में रामकेश शर्मा और उसका बेटा अरुण कुमार शर्मा शामिल हैं। रामकेश शर्मा ट्रिनिटी मल्टी स्टेट को-आपरेटिव क्रेडिट सोसायटी का एमडी है तो अरुण उसमें निदेशक है। गुडंबा के सीमांतनगर कल्याणपुर में रहते हैं। इन पिता-पुत्र ने उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में अपना नेटवर्क फैला रखा है। चिट फंड कंपनी के नाम पर सात हजार से अधिक लोगों से ठगी की है। इनके खिलाफ पूरे प्रदेश में अब तक 29 मुकदमों की जानकारी हो सकी है। पुलिस अन्य राज्यों व जिलों से इनके आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी हासिल कर रही है।
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आरडी, एफडी और निवेश के नाम पर की ठगी
एसीपी महानगर जया शांडिल्य के मुताबिक पिता-पुत्र ने लखनऊ टेढ़ी पुलिया रिंग रोड युनाइटेड भवन रायल स्क्वायर में ट्रिनिटी मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी का कार्यालय खोल रखा था। यह लोग लोगों को आरडी, एफडी, मासिक जमा योजना, दैनिक जमा योजना, सुकन्या जमा योजना और कंपनी में निवेश में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। इन लोगों ने लखनऊ के साथ ही प्रदेश के कई जिलों और आसपास केराज्यों में कार्यालय खोल रखा था। जहां बैंकिंग से संबंधित लेनदेन का कारोबार करते थे।
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दिल्ली के एक व्यक्ति से खरीदी थी कंपनी
प्रभारी निरीक्षक विकासनगर तेज बहादुर सिंह के मुताबिक रामकेश शर्मा ने पूछताछ में कुबूल किया किया उसने ट्रिनिटी मल्टी स्टेट को-आपरेटिव क्रेडिट सोसायटी दिल्ली के एक कारोबारी से सात साल पहले 2015 में खरीदी थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में कार्यालय खोलकर जमा योजनाओं व निवेश के नाम पर लोगों से रुपये वसूलने शुरू किये थे। सोसायटी 18 प्रतिशत ब्याज पर लोन भी देती थी। वहीं एफडी-आरडी पर 10 प्रतिशत सालान ब्याज दिया जाता था। कम से कम 100 रुपये की धनराशि से खाता खोला जा सकता था। ज्यादा रुपये निवेश करने वालों को सोसायटी तीन साल में दो गुना रकम करने का दावा करती थी।
सहारा में करते थे नौकरी, फिर खोला ठगी का कारोबार
एडीसीपी उत्तरी अनिल कुमार यादव के मुताबिक रामकेश शर्मा सहारा में नौकरी करते थे। वह पड़ौराना में सेक्टर मैनेजर के पद से 2002 में त्यागपत्र दिया। इसके बाद खुद की कंपनी खोलने के लिए लखनऊ पहुंच गये। यहां पर संतोष अग्रहरी और अभिषेक पांडेय के साथ मिलकर चिट फंड कंपनी खोलने का प्लान बनाया। उसके बाद दिल्ली के व्यापारी से कंपनी को खरीदा। फिर कई राज्यों में ठगी का नेटवर्क फैला दिया। कुछ दिन पहले कंपनी के निदेशक के पद से त्यागपत्र दिया। बेटे को डायरेक्टर बनाया और खुद एमडी बन गये। कंपनी के अन्य दो डायरेक्टर संतोष और अभिषेक की तलाश की जा रही है।
संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कार्यालय से कई अहम दस्तावेज मिले हैं। जिनकी जांच की जा रही है। वहीं आरोपियों के संपत्तियों का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। साथ ही कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों, एजेंटों व अन्य नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। इन सभी को जांच के दायरे में शामिल किया गया है। ताकि कोई भी बिंदु न छूट सके। जल्द ही और आरोपी इस मामले में पुलिस की गिरफ्त में होंगे।