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Lucknow News : विनय शंकर तिवारी के खिलाफ अब सीबीआई की निचली अदालत में होगी सुनवाई
Tue, 29 Nov 2022 10:16 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 29 Nov 2022 10:16 PM IST
सार
अभियुक्तों ने कंसोर्टियम के केनरा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आईडीबीआई, एक्सिस बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के साथ धोखाधड़ी करके जनता के 754 करोड़ 25 लाख रुपये का नुकसान किया है।
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विनय शंकर तिवारी।
- फोटो : vinay shankar tiwari
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विस्तार
छह बैंकों के कंसोर्टियम से 754 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के पुत्र विनय शंकर तिवारी, बहू रीता तिवारी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अब सीबीआई की निचली अदालत में सुनवाई होगी। भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश अजय विक्रम सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। उधर, सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट समृद्धि मिश्रा ने मामले को सुनवाई के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय करते हुए विवेचक हाजिर होने का आदेश दिया है।
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इससे पहले मामले के विवेचक रणधीर कुमार सिंह ने कोर्ट में अर्जी देकर बताया कि बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर यादवेंद्र नारायण द्विवेदी की शिकायत पर गंगोत्री इंटरप्राइजेज के निदेशक अजीत पांडेय, विनय शंकर तिवारी, रीता तिवारी, रॉयल एंपायर मार्केटिंग और अज्ञात लोकसेवकों के खिलाफ 8 अक्तूबर 2020 को रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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इसमें आरोप लगाया गया था कि अभियुक्तों ने कंसोर्टियम के केनरा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आईडीबीआई, एक्सिस बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के साथ धोखाधड़ी करके जनता के 754 करोड़ 25 लाख रुपये का नुकसान किया है। मामले में किसी लोकसेवक के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिलने पर इनके खिलाफ जांच बंद कर दी गई। जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ सुबूत मिलने पर चार्जशीट दायर की गई। अर्जी में यह भी कहा गया कि चार्जशीट पर सुनवाई के लिए मामले को मजिस्ट्रेट की कोर्ट में भेज दिया जाए। इस पर कोर्ट ने मामले की फाइल को निचली अदालत में सुनवाई के लिए भेजने का आदेश जारी कर दिया।
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