Lucknow News : फर्जीवाड़े के करंट से रोशन था अलाया अपार्टमेंट, दूसरे के स्वीकृत मानचित्र पर था कनेक्शन
एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने कहा कि तारिक ने अपार्टमेंट का बिजली कनेक्शन लेने के लिए दूसरे के स्वीकृत मानचित्र का इस्तेमाल किया। बिजली अभियंताओं की मिलीभगत से यह खेल किया गया।
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लखनऊ में हजरतगंज में वजीर हसन रोड पर 24 जनवरी की शाम भरभराकर ढहे अवैध अलाया अपार्टमेंट को रोशन करने में सपा के पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के भतीजे मो. तारिक ने फर्जीवाड़ा किया था। उसने एलडीए की मानचित्र सेल के पूर्व अफसरों-अभियंताओं की सांठगांठ से दूसरे के स्वीकृत मानचित्र पर कनेक्शन ले लिया। ‘अमर उजाला’ की पड़ताल में यह भी सामने आया कि खेल में शामिल बिजली विभाग के अभियंताओं ने बिल्डर से सस्ते में फ्लैट की डील के चलते मानचित्र की जांच कराए बिना ही कनेक्शन दे दिया।
जांच में पता चला है कि तारिक ने बिजली कनेक्शन के लिए जो नक्शा पेश किया (परमिट नंबर 29527), वह 13 सितंबर 2010 को एलडीए से स्वीकृत था। छानबीन में सामने आया कि इस नंबर पर रजिया बेगम नाम की महिला का मानचित्र स्वीकृत है। ऐसे में पहला सवाल यह है कि रजिया बेगम कौन हैं और इनका अपार्टमेंट कहां है। वहीं, जांच का विषय है कि रजिया के स्वीकृत मानचित्र का परमिट नंबर तारिक को दिया किसने? सूत्रों के मुताबिक अवैध रूप से बने अलाया अपार्टमेंट को रोशन करने के लिए अभियंता ने 30 से 35 लाख रुपये का फ्लैट 20 लाख में खरीदा। बाद में इसे 45 लाख रुपये में बेचकर सीधे बिल्डर से रजिस्ट्री करा दी गई।
जेई-एसडीओ ने नहीं कराया सत्यापन
एलडीए ने सात मई 2010 को अलाया अपार्टमेंट का निर्माण रोकने का नोटिस जारी किया था। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण होने के कारण दो अगस्त 2010 को इसे ध्वस्त करने का आदेश भी दिया गया। हालांकि, सांठगांठ के कारण अपार्टमेंट का काम नहीं रुका। उधर, जिस मानचित्र को दिखाकर अपार्टमेंट के विद्युत लोड की गणना कर कनेक्शन दिया गया, उसके दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन नहीं कराया। जेई-एसडीओ एलडीए से मानचित्र का सत्यापन कर लेते तो अवैध अपार्टमेंट को बिजली कनेक्शन नहीं मिल पाता।
उपभोक्ताओं को जारी किया नोटिस
क्लाईड रोड उपकेंद्र के एसडीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि अलाया अपार्टमेंट के सभी 12 बिजली कनेक्शन का स्थायी विच्छेदन करते हुए उपभोक्ताओं के पते पर नोटिस जारी किया है। इससे बिल छपना बंद हो गया है। उधर, एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने कहा कि तारिक ने अपार्टमेंट का बिजली कनेक्शन लेने के लिए दूसरे के स्वीकृत मानचित्र का इस्तेमाल किया। बिजली अभियंताओं की मिलीभगत से यह खेल किया गया।
70 किलोवाट का विद्युत लोड स्वीकृत
मो. तारिक ने मल्टीप्वाइंट बिजली कनेक्शन के लिए आठ अप्रैल 2011 को आवेदन के दौरान जो मानचित्र दस्तावेज के साथ फाइल किया था, वह एलडीए से स्वीकृत है। इसमें पांच मंजिल अपार्टमेंट बनाने की योजना के आधार पर पूर्व जेई, एसडीओ की ओर से 70 किलोवाट विद्युत लोड की गणना की गई।
- डीकेडी द्विवेदी, एक्सईएन, राजभवन, लेसा सिस गोमती जोन