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Lucknow: 332 गांवों के नए सर्किल रेट पर लगेगी मुहर, 58 आपत्तियों की सुनवाई पूरी, देर रात तक की गई समीक्षा
Thu, 04 Jun 2026 09:39 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Thu, 04 Jun 2026 09:39 AM IST
सार
अधिकांश आपत्तियां सर्किल दरों में और बढ़ोतरी की मांग से जुड़ी थीं। सर्किल रेट बढ़ाने की मांग उन ग्रामीण इलाकों से ज्यादा थी जहां एलडीए की आवासीय परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।
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प्रस्तावित सर्किल रेट पर सुनवाई करते अधिकारी एवं मौजूद आपत्तिकर्ता।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
लखनऊ जिले के 332 गांवों के लिए प्रस्तावित नए सर्किल रेट पर बृहस्पतिवार को अंतिम मुहर लग जाएगी। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में 58 आपत्तियों की सुनवाई की गई। इस दौरान लगभग सभी आपत्तिकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने अधिकारियों के समक्ष मजबूती के साथ अपना पक्ष रखा।
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सुनवाई पूरी होने के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह और संबंधित अधिकारी देर रात तक प्राप्त आपत्तियों तथा प्रस्तावित दरों की समीक्षा में जुटे रहे। रात तक अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया। एडीएम ने बताया कि 332 गांवों की नई सर्किल दरों की सूची बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे जारी कर दी जाएगी। यह सूची एनआईसी की वेबसाइट, सभी उप निबंधक कार्यालयों और कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी के सूचना पट्ट पर उपलब्ध रहेगी।
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इसलिए की गई थी सर्किल दरें बढ़ाने की मांग
सूत्रों के मुताबिक अधिकांश आपत्तियां सर्किल दरों में और बढ़ोतरी की मांग से जुड़ी थीं। सर्किल रेट बढ़ाने की मांग उन ग्रामीण इलाकों से ज्यादा थी जहां एलडीए की आवासीय परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। वहां के किसान एवं भू-स्वामी चाहते हैं कि उनके इलाके का सर्किल रेट और बढ़े जिससे उनको ज्यादा मुआवजा मिल सके। सुनवाई के दौरान ऐसा कोई बड़ा मुद्दा सामने नहीं आया जिससे प्रस्तावित सूची में व्यापक बदलाव की जरूरत पड़े। ऐसे में पहले जारी मसौदे को ही मामूली संशोधनों के साथ अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
अंतिम सूची पर हैं सबकी निगाहें
नई सर्किल दरें लागू होने के बाद जिले में जमीन और मकानों के पंजीकरण मूल्य तथा स्टांप शुल्क पर सीधा असर पड़ेगा। ऐसे में प्रॉपर्टी कारोबारियों, बिल्डरों और भू-स्वामियों की निगाहें अब बृहस्पतिवार को जारी होने वाली अंतिम सूची पर टिकी हैं। अंतिम सूची के बाद कई इलाकों में प्रॉपर्टी कारोबारी और बिल्डरों को बढ़ी हुई दरों पर जमीन बेचने का मौका मिलेगा।