इन 2000 कुत्तों को क्यों खोज रहा है नगर निगम?
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सचिवालय में फाइल फाड़ने की एक आवारा कुत्ते की सजा पूरे इलाके करीब 2000 कुत्ते भुगतेंगे। नगर निगम विशेष अभियान चला पूरे इलाके के कुत्तों का एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) ऑपरेशन करेगा,जिससे कुत्तों की संख्या बढ़ने से रोका जा सके।
निगम के पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ.अरविंद कुमार राव ने बताया कि सचिवालय के माध्यमिक शिक्षा और कार्मिक अनुभाग में फाइल फाड़ने की घटना को गंभीरता से लिया गया है।
इसके बाद से नगर निगम विशेष अभियान चला रहा है। इस क्रम में दो दिन में 23 कुत्ते पकड़कर ऑपरेशन के लिए कान्हा उपवन भेजे गए हैं। बुधवार को भी सात कुत्ते उपवन भेजे गए। डॉ.राव ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास से लेकर सचिवालय,एनेक्सी,माल एवेन्यू,दारूलशफा के बीच करीब 2,000 आवारा कुत्तों का आकलन किया गया है।
डेढ़ साल में यहां 350-400 कुत्तों का ऑपरेशन किया जा चुका है। बाकी कुत्तों का भी ऑपरेशन कर लिया जाएं तो उनकी जन्मदर शून्य हो जाएगी।
शहर में कुत्तों का आतंक
गोमतीनगर,इंदिरानगर में लगातार आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है। लगातार कुत्तों के काटने की शिकायत नगर निगम के पास शिकायत भी पहुंच रही हैं।
वहीं नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि उनके पास कोई समाधान एनिमल क्रुएलिटी एक्ट के चलते नहीं है। हम कु त्तों का केवल बंध्याकरण कर सकते हैं। उन्हें वापस उनकी जगह पर ही छोड़ना होता है।
ऐसे में कुत्तों की समस्या पर एक दिन में नियंत्रण नहीं हो सकता। उनके अपनी उम्र के पूरा होने के बाद मरने के बाद ही संख्या कम होगी।
निशातगंज स्थित करामत गर्ल्स इंटर कालेज में कई दिन तक कुत्तों का आतंक बना रहा। आतंक की वजह से लड़कियों ने स्कूल में अपनी कक्षाओं तक में जाने में असमर्थता जता दी थी क्योंकि वहां भी कुत्तों का कब्जा बना हुआ था। करीब 12 लड़कियों को कुत्ते यहां काट भी चुके हैं।
हम केवल सचिवालय क्षेत्र में ही कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जहां से भी शिकायत मिलती है। वहां कैटल कैचर भेजकर कुत्तों का पकड़वाया जाता है। इनको एबीसी ऑपरेशन के बाद वापस छोड़ दिया जाता है जिससे वह अपनी आबादी न बढ़ा सकें।
डॉ. अरविंद कुमार राव,पशु चिकित्सा अधिकारी,नगर निगम