राहत: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भेजी ऑक्सीजन की बड़ी खेप, लखनऊ में मची है मारामारी
लखनऊ में डीआरडीओ की मदद से 250 बेड का एक बड़ा अस्पताल तैयार किया जा रहा है। बता दें कि लखनऊ के अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं मिल रहे हैं और ऑक्सीजन के सिलेंडर की जमकर कालाबाजारी हो रही है।
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लखनऊ के अस्पतालों में ऑक्सीजन के सिलेंडर को लेकर मची मारामारी के बीच राहत की खबर है। रक्षामंत्री व लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने सोमवार को लखनऊ के लिए ऑक्सीजन की बड़ी खेप भेजी है। इसके अलावा लखनऊ में डीआरडीओ की मदद से 250 बेड का एक बड़ा अस्पताल तैयार किया जा रहा है। बता दें कि लखनऊ के अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं मिल रहे हैं और ऑक्सीजन के सिलेंडर की जमकर कालाबाजारी हो रही है।
दरअसल, राजधानी के औद्योगिक क्षेत्र स्थित ऑक्सीजन बाटलिंग यूनिट में लिक्विड ऑक्सीजन का बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है। यही वजह है कि कॉमर्शियल उपयोग पर प्रतिबंध लगने के बाद भी कोरोना मरीजों को जीवन देने वाला ऑक्सीजन गैस का सिलेंडर नहीं भर पा रहा है।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन लखनऊ डिवीजन के चेयरमैन सूर्य प्रकाश हवेलिया ने बताया कि राजधानी के छह बॉटलिंग यूनिट को छत्तीसगढ़, राउरकेला, मोदीनगर, काशीपुर आदि से लिक्विड ऑक्सीजन टैंकर के जरिए सप्लाई होता है। मगर, कुछ दिनों से इसकी सप्लाई में कमी हो गई है। इसके चलते उद्यमी गैस सिलेंडर नहीं भर पा रहे हैं।
संकट की एक वजह ये भी: जरूरत न होने पर भी सिलेंडर खरीदकर घर में रख रहे
तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी दिनेश गोस्वामी कहते हैं कि ऑक्सीजन गैस सिलेंडर के संकट की एक वजह ये भी है कि जिनको जरूरत नहीं हैं वह भी खरीद कर घर में रख रहे हैं। इससे जरूरतमंदों को ऑक्सीजन गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। दरअसल जो आम आदमी गैस सिलेंडर खरीद कर घर ले गया उसने गैस का इस्तेमाल नहीं किया, जिससे सिलेंडर भी फंस गया। इससे भी अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन गैस नहीं मिल पा रही है।