लखनऊ : सूमी में फंसे अभी 800 से अधिक मेडिकल छात्र, दो दिन से नहीं मिला खाना, बेटी का रो-रोकर बुरा हाल
छात्र-छात्राएं लगातार सोशल मीडिया जरिए भारत सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं मगर अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है। छात्रों का आरोप है उनके पास खाने का सामान तक नहीं बचा है।
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यूक्रेन के सूमी स्टेट यूनिवर्सिटी एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए सैकड़ों छात्र अभी हॉस्टल में फंसे हुए हैं। उन्हें अभी तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। सूमी में लखनऊ के करीब चार से पांच छात्र फंसे हैं। छात्र-छात्राएं लगातार सोशल मीडिया जरिए भारत सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं मगर अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है। छात्रों का आरोप है उनके पास खाने का सामान तक नहीं बचा है। ऐसे में छात्र दो दिन से भूखे प्यासे बैठे हैं। परिजन इंडियन एंबेसी से संपर्क साधकर रसद सामाग्री मुहैया कराए जाने की मांग कर रहे हैं। बच्चें अपने परिजनों को वाट्सएप कॉल करके बिलखते हुए खाना न मिलने की बात कह रहे हैं।
फैजुल्लागंज निवासी बबिता सिंह की बेटी आकांक्षा यूक्रेन के खारकीव के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रही है। युद्व शुरू होने बाद पहले उन्हें बंकर में रोका गया था। इसके बाद दो दिन पहले खारकीव से करीब बीस किमी पैदल लाकर एक शिविर में रखा गया है। बबिता की बेटी आकांक्षा ने शुक्रवार दोपहर कॉल करके वहां के हालत के बारे में रोते बिलखते बताया। बताया उसके संग शिविर में अभी करीब 825 छात्र-छात्राएं फंसे हुए हैं। एंबेसी जरिए भी कोई खास मदद नहीं मिल पा रही है। दो दिन से खाना तक नहीं मिला। ऐसे में छात्र जो खाने-पीने का सामान लेकर आए थे। वह करीब खत्म हो चुका है। एयरपोर्ट यहां से करीब 20 किमी दूरी पर है मगर कोई दिशा निर्देश न आने से सभी छात्र फंसे हैं।
सीज फायर बंद हो तब पहुंचे बसें
यूक्रेन में बच्चों को सुविधाएं मुहैया करानी वाली एजेंसी के अमन पांडेय ने बताया सूमी में अभी सीज फायर बंद नहीं है। लिहाजा बच्चों को वहां पर रोका गया है। बताया सूमी में लखनऊ के चार से पांच छात्र होंगे। बाकी छात्र एमपी, महाराष्ट्र समेत दूसरे राज्य के छात्र हैं। अमन ने बताया सीज फायर होने की वजह से बसे अभी तक नहीं आ पा रही है। जिस जगह पर छात्र रुके हुए हैं वहां से करीब 40 किमी दूरी पर बसे खड़ी है। फायर बंद होने बाद भी बसें रवाना की जाएंगी। जिसके बाद छात्रों को सुरक्षित तरीके से उन्हें एयरपोर्ट तक लाया जाएगा।
फ्लाइओवर, सड़क व रेल मार्ग ध्वस्त पड़ा
सूमी स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने वाले एमपी के छात्र उज्जवल ने बताया कि यहां पर फ्लाइओवर, रेल मार्ग पूरी तरह से बंद हो चुका है। बम गिरने की वजह से दोनों जगह तबाह हो चुका है। ऐसे में अभी तक उन्हें नहीं निकाला जा सका है। बम की आवाज आते ही सभी को बंकर में जाना पड़ रहा है। अहम बात यह है कि खाना तो दूर अब यहां पर पानी का संकट खड़ा हो गया है। हॉस्टल में पानी न आने से बच्चें परेशान है। उज्जवल ने मांग किया है कि भारत सरकार रसिया से बातचीत करके उसी बॉर्डर से सुरक्षित तरीके से निकाला जाए।