यूपी को मिली मेट्रो से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी खुशखबरी!
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एलएमआरसी का दावा है कि जयपुर में मेट्रो के चलने में जो डेढ़ साल की देरी हुई है, वैसी देरी लखनऊ में किसी भी हाल में नहीं होने देंगे।
जयपुर में तकनीकी कारणों और परीक्षण की गुणवत्ता उचित न होने की वजह से डेढ़ साल तक परीक्षण जारी रहा। आखिरकार जयपुर में बुधवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने हरी झंडी दिखाई।
एमडी कुमार केशव ने बताया कि उनको नहीं मालूम कि जयपुर में देरी क्यों हुई। मगर लखनऊ में तीन महीने का परीक्षण ही पर्याप्त होगा। दिल्ली में कई रूट पर तीन महीने के भीतर मेट्रो संचालन शुरू किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल परियोजना की रफ्तार अच्छी चल रही है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने हमारे लिए समय कुछ और कम कर दिया है। मगर हमारी कोशिश है कि लखनऊ में परियोजना में कोई विलंब न हो। समय रहते परियोजना चले।
उनका कहना है कि, हर हाल में दिसंबर-2016 तक हम परीक्षण शुरू कर देंगे। ये परीक्षण तीन माह में ही खत्म होगा। उन्होंने दिल्ली के कई रुट्स का उदाहरण दिया और कहा कि हर जगह तीन महीने में ही परीक्षण खत्म हुआ है। जयपुर में डेढ़ साल लगने को लेकर कोई भी टिप्पणी उन्होंने नहीं की।
यूपी के इन शहरों में भी जल्द मेट्रो
प्रदेश के चार शहरों कानपुर, मेरठ, आगरा और वाराणसी में मेट्रो रेल परियोजना का काम तेजी पकड़ रहा है।
चारों जगहों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट(डीपीआर) रेलवे की कार्यदाई संस्था राइट्स बना रही है। किन रूट्स पर भूमिगत और उपरिगामी ट्रैक बनाए जाने हैं, यह काम तेजी से किया जा रहा है।
लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव इस संबंध में प्रदेश के इन चारों शहरों में जल्द ही रूट परीक्षण के लिए खुद ही जाएंगे।
कुमार केशव ने बुधवार को बताया कि चारों ही शहरों में परियोजना की डीपीआर बनाने को लेकर काम तेजी से चल रहा है। पिछले दिनों राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) बोर्ड की मीटिंग हुई थी।
उसमें मेरठ में मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार को लेकर चर्चा की गई थी। कानपुर का काम भी बहुत तेजी से किया जा रहा है। आगरा और मेरठ को लेकर भी ट्रैफिक एलाइनमेंट बनाया जा रहा है। बहुत जल्द ही चारों डीपीआर सरकार को सौंप दी जाएंगी।