सितंबर से लग जाएंगे लखनऊ मेट्रो प्रोजेक्ट को पंख
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राजधानी में मेट्रो प्रोजेक्ट का आगाज सितंबर से हो जाएगा। एलएमआरसी के प्रमुख सलाहकार ई. श्रीधरन ने मंगलवार को यह भरोसा दिलाया कि तीन साल में सितंबर-2017 तक मेट्रो ट्रेन ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच दौड़ने लगेगी।
उन्होंने कहा कि मेट्रो संचालन को लेकर अब कोई भी अड़चन नहीं है। प्रदेश सरकार की ओर से बजट घोषित ही कर दिया गया है।
टेक्नोक्रेट एमडी के लिए भी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। अर्जन संबंधित काम भी तेजी से किए जा रहे हैं। अब बस काम का आगाज होना ही बाकी है।
वह भी अगले तीन महीने में शुरू हो जाएगा। श्रीधरन ने परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुख्य सचिव जावेद उस्मानी से भी मुलाकात की।
साइट का किया निरीक्षण
प्रमुख सलाहकार ई. श्रीधरन सुबह करीब 10:30 बजे राजधानी पहुंचे और एयरपोर्ट से सीधे पहले उन्होंने मदर डिपो की 32 वीं वाहिनी पीएसी स्थित साइट को देखा।
इसके बाद वह विधानसभा मार्ग पर सहकारिता भवन के पीछे स्थित एलएमआरसी के कॉरपोरेट आफिस की प्रस्तावित साइट को देखने गए।
इस साइट को लेकर श्रीधरन संतुष्ट नजर आए। यहां से अधिकारियों का काफिला गौतमबुद्ध मार्ग स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस पर पहुंचा।
यहां कुछ देर रुकने के बाद श्रीधरन एलएमआरसी के जनपथ ऑफिस पहुंचे।
कई अधिकारियों से की मुलाकात
श्रीधरन ने परियोजना की प्रगति को लेकर प्रमुख सचिव आवास सदाकांत, एलएमआरसी के एमडी राजीव अग्रवाल, नगर नियोजक रवि जैन और डीएमआरसी के अधिकारियों की लंबी बैठक की।
शाम को श्रीधरन ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुख्य सचिव जावेद उस्मानी से भी मुलाकात की। दोनों ने श्रीधरन से परियोजना को लेकर उनकी प्रतिक्रिया जानी और हर तरह का सहयोग अपनी ओर से करने का आश्वासन दिया गया।
अनौपचारिक तौर पर कहा जा रहा है कि सरकार को श्रीधरन ने वादा किया है कि 2016 के आखिर या 17 के आगाज तक मेट्रो संचालन शुरू हो जाएगी।
तीन साल में होगा काम, मगर वादा ढाई साल का
औपचारिक तौर पर श्रीधरन ने बताया कि तीन साल के भीतर काम खत्म हो जाएगा।
मगर माना जा रहा है कि जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने को होंगे, तभी साल 2016 के आखिर में मेट्रो ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच दौड़ाई जाएगी।
इस बात का वादा श्रीधरन ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से कर दिया है। उन्होंने बताया कि सितंबर 2014 में काम का आगाज होगा। जून में टेंडर होगा।
तीन महीने की प्रक्रिया के बाद सिविल कार्य शुरू हो जाएंगे। अधिकतम तीन साल में 2017 तक काम खत्म कर दिया जाएगा। इसके बाद आगे के कामों को एलएमआरसी शुरू करेगा।
अधिकारियों के बीच नहीं होगा कोई विवाद
टेक्नोक्रेट एमडी होने की दशा में ब्यूरोक्रेट के साथ टकराव होने की तो कोई आशंका नहीं रहेगी।
इस बात के जवाब में मेट्रोमैन ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं होगा। दिल्ली में भी इसी मॉडल पर कामयाबी के साथ मेट्रो संचालन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि यूपी का माहौल दिल्ली से बेहतर है। ऐसी कोई भी दिक्कत नहीं आएगी।
सीएम और मुख्य सचिव को दिलाया भरोसा
उन्होंने कहा कि सरकार से पूरी मदद मिल रही है। धन की व्यवस्था प्रदेश सरकार ने कर दी है। मदर डिपो के लिए भूमि भी मिल चुकी है।
अर्जन के लिए भी कार्रवाई तेजी से चल रही है। इसलिए हम पूरी तरह से आशान्वित हैं कि निर्धारित समय के भीतर काम शुरू कर दिया जाएगा और जल्द से जल्द पूरा भी हो जाएगा।
सीएम अखिलेश यादव और मुख्य सचिव जावेद उस्मानी से मुलाकात कर के उन्होंने भरोसा दिलाया कि निर्धारित डेडलाइन के भीतर मेट्रो चलने लगेगी।
जिसके तहत जल्द से जल्द काम को खत्म करने की कोशिश की जाएगी। इसमें केंद्र से भी मदद मिलेगी। दूसरी ओर, सरकार की ओर से भी श्रीधरन को पूरी मदद करने की बात कही गई।
2017 में यहां से यहां तक चलेगी मेट्रो
पहले चरण में ट्रांसपोर्ट नगर, कृष्णा नगर, सिंगार नगर, आलमबाग, आलमबाग बस स्टेशन, दुर्गापुरी, लखनऊ रेलवे स्टेशन (चारबाग) तक एलीवेटेड मेट्रो ट्रेन दौड़ाई जाएगी।
इसके आगे मुंशीपुलिया तक मेट्रो का संचालन होगा। इसमें केकेसी से केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक तो भूमिगत ट्रैक होगा और फिर परिवर्तन चौक से मुंशीपुलिया तक दोबारा एलीवेटेड मेट्रो का संचालन किया जाएगा।
श्रीधरन बुधवार दोपहर करीब 2:00 बजे की फ्लाइट से नई दिल्ली जाएंगे। इससे पहले वे एलएमआरसी के अधिकारियो को आगे के लिए जरूरी दिशा निर्देश देंगे।
इसके अलावा लोनिंग और विषयों पर जानकारी देंगे। यूटीलिटी शिफ्टिंग के दौरान बरते जाने लायक एहतियातों के बारे में बताएंगे।