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जल्द ही होगा लखनऊ मेट्रो पर बड़ा फैसला
ऋषि मिश्र/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 13 Sep 2014 03:18 AM IST
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मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को सामाजिक परिवर्तन स्थल के प्रशासनिक भवन में जगह देने का फैसला 16 सितंबर को हो जाएगा। स्मारक संरक्षण समिति की बोर्ड मीटिंग प्रमुख सचिव आवास सदाकांत की अध्यक्षता में होगी।
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जहां, इस संबंध में फैसला कर लिया जाएगा कि कब तक ये मुख्यालय एलएमआरसी के हवाले कर दिया जाए। वहीं, बसपा कार्यकाल में बने स्मारकों व कार्यालयों के इस्तेमाल पर भी फैसला किया जाएगा।
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2012 में सपा सरकार के आने पर इन कार्यालयों का नया उपयोग किया जाने लगा। अंबेडकर स्मारक के पास जियामऊ में बने प्रशासनिक भवन में 1090 का कंट्रोल रूम बना दिया गया।
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इसका कुछ हिस्सा स्मारक संरक्षण समिति के पास ही छोड़ दिया गया। इसी तरह से लोहिया पार्क के पास दूसरे प्रशासनिक भवन में ग्रामीण आजीविका मिशन को किराए पर दिया गया था।
दोनों ही भवनों का किराया नहीं मिल रहा है मगर नोटिस केवल आजीविका मिशन को ही दिया गया है। एक नोटिस के बाद आजीविका मिशन को अंतिम नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
अब समिति की बोर्ड मीटिंग में इस आशय का प्रस्ताव पास कर ऑफिस एलएमआरसी के हवाले कर दिया जाएगा। इन दोनों भवनों का किराया करोड़ों रुपये हो चुका है।
एक भवन का किराया एक माह के लिए कम से कम 10 लाख रुपये है।
इसके बावजूद स्मारक संरक्षण समिति को अपनी तंगहाली के दौर में भी दोनों आफिसों से इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद एक कौड़ी तक नहीं मिल सकी है।
इसके साथ ही कई ऐसी एजेंसियां भी हैं जो कि भुगतान कर के समिति से ऑफिस लेने के लिए राजी हैं। मगर उनको स्थान दे पाना संभव नहीं हो रहा है।