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हर दो मिनट में मिलेगी मेट्रो, कितने समय का रहेगा स्टॉपेज, पढ़ें खबर...
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Wed, 23 Nov 2016 01:06 PM IST
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कृष्णानगर मेट्रो स्टेशन की तैयारियां अंतिम चरण में
- फोटो : amar ujala
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अपनी मेट्रो के ट्रायल रन में अब 9 दिन बचे हैं। 26 मार्च से 8.5 किमी. लंबे प्राथमिकता सेक्शन पर कॉमर्शियल रन शुरू हो जाएगा। यानी इस दिन से आप इसकी सवारी का लुत्फ उठा सकेंगे। ऐसे में ढेरों सवाल भी मन में उठ रहे होंगे।
मसलन हमारे स्टेशन पर मेट्रो कितनी देर रुकेगी, एक ट्रेन छूट गई तो दूसरी का कितनी देर इंतजार करना होगा, ट्रेन कब से कब तक मिलेगी.... ? इन्हीं सवालों के जवाब जानिए इस खास रिपोर्ट में। वह सब कुछ जिसे जानना जरूरी है...
बिजी स्टेशन, यहां 30 सेकंड में आपको मेट्रो में चढ़ना होगा
ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग तक 8.5 किमी. वाले इस प्राथमिकता वाले सेक्शन में कुल स्टेशन हैं। इनमें से पांच को माना जा रहा है कि ये बिजी स्टेशन होंगे। इनमें ट्रांसपोर्टनगर, कृष्णानगर, आलमबाग, आलमबाग बस अड्डा और चारबाग स्टेशन बिजी स्टेशन होंगे। इन स्टेशनों पर मेट्रो का स्टॉपेज 30 सेकंड होगा।
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मवैया, दुर्गापुरी,सिंगारनगर में 20 सेकेंड ही रुकेगी
नॉन बिजी स्टेशनों में मवैया, दुर्गापुरी और सिंगारनगर शामिल हैं। मेट्रो के अफसरों के मुताबिक इन तीनों स्टेशनों पर स्टॉपेज 20 सेकंड का होगा, यानी आपको बिजी स्टेशनों के मुकाबले 10 सेकंड कम वक्त मिलेगा।
15-20 मिनट में ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग
ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग के बीच 8.5 किमी की दूरी मेट्रो ट्रेन 15-20 मिनट में तय करेगी। ट्रेन औसतन 30 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चलेगी। हालांकि, अधिकतम स्पीड 80 किमी प्रति घंटा है।
ऐसे में एक स्टेशन पर पूरी ट्रेन के आने के समय में करीब दो मिनट का अंतर होगा। यानी एक ट्रेन मिस होने पर दूसरी ट्रेन के लिए महज दो मिनट का ही इंतजार करना होगा। एक ट्रेन में करीब 1100 यात्री अपने गंतव्य को जा सकेंगे।
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मसलन हमारे स्टेशन पर मेट्रो कितनी देर रुकेगी, एक ट्रेन छूट गई तो दूसरी का कितनी देर इंतजार करना होगा, ट्रेन कब से कब तक मिलेगी.... ? इन्हीं सवालों के जवाब जानिए इस खास रिपोर्ट में। वह सब कुछ जिसे जानना जरूरी है...
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बिजी स्टेशन, यहां 30 सेकंड में आपको मेट्रो में चढ़ना होगा
ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग तक 8.5 किमी. वाले इस प्राथमिकता वाले सेक्शन में कुल स्टेशन हैं। इनमें से पांच को माना जा रहा है कि ये बिजी स्टेशन होंगे। इनमें ट्रांसपोर्टनगर, कृष्णानगर, आलमबाग, आलमबाग बस अड्डा और चारबाग स्टेशन बिजी स्टेशन होंगे। इन स्टेशनों पर मेट्रो का स्टॉपेज 30 सेकंड होगा।
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मवैया, दुर्गापुरी,सिंगारनगर में 20 सेकेंड ही रुकेगी
नॉन बिजी स्टेशनों में मवैया, दुर्गापुरी और सिंगारनगर शामिल हैं। मेट्रो के अफसरों के मुताबिक इन तीनों स्टेशनों पर स्टॉपेज 20 सेकंड का होगा, यानी आपको बिजी स्टेशनों के मुकाबले 10 सेकंड कम वक्त मिलेगा।
15-20 मिनट में ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग
ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग के बीच 8.5 किमी की दूरी मेट्रो ट्रेन 15-20 मिनट में तय करेगी। ट्रेन औसतन 30 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चलेगी। हालांकि, अधिकतम स्पीड 80 किमी प्रति घंटा है।
ऐसे में एक स्टेशन पर पूरी ट्रेन के आने के समय में करीब दो मिनट का अंतर होगा। यानी एक ट्रेन मिस होने पर दूसरी ट्रेन के लिए महज दो मिनट का ही इंतजार करना होगा। एक ट्रेन में करीब 1100 यात्री अपने गंतव्य को जा सकेंगे।
सीएम की मौजूदगी में होगा ट्रायल
मेट्रो के लिए तैयारियां
- फोटो : amar ujala
सुबह 6 से रात 10 बजे तक चलेगा सफर
मेट्रो ट्रेन का संचालन दिल्ली की तरह सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही करने की योजना है। यानी रात दस बजे के बाद सुबह के 6 बजने के पहले तक आपको निजी साधन, ऑटो का सहारा लेना होगा।
स्टेशन पर ये सहूलियतें होंगी
स्टेशनों पर टिकट काउंटर एरिया (कोनकोर्स) से प्लेटफॉर्म आने-जाने के लिए दो-दो लिफ्ट और एस्केलेटर्स होंगे। वहीं सड़क से कोनकोर्स तक जाने केलिए भी एस्केलेटर्स और लिफ्ट होंगी। लिफ्ट का उपयोग बुजुर्ग, दिव्यांग, मरीज कर पाएंगे। ट्रायल शुरू होने केसाथ ही इन स्टेशनों को भी फाइनल टच दिया जा रहा है। प्लेटफॉर्म का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब कोनकोर्स और यात्री सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।
1 दिसंबर को सीएम और मेट्रोमैन की मौजूदगी में ट्रायल
मेट्रो का ट्रायल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मेट्रोमैन ई श्रीधरन की मौजूगी में किया जाएगा। यानी अब केवल नौ दिन ही ट्रायल में बचा है। मंगलवार को भी ट्रांसपोर्टनगर डिपो के अंदर ट्रेन के कोचों का स्टेटिक ट्रायल चला।
इस दौरान ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम और अंदर यात्रियों की सुविधा के लिए लगे डिवाइस की जांच की गई। मेट्रो के कोच दिल्ली से लाई गई बैटरी चालित शंटिंग मशीन से चलाकर भी देखे गए। हालांकि टेस्ट ट्रैक पर इन कोच को नहीं लाया गया है।
शंटिंग करने के लिए उपयोग होने वाली इस मशीन से खींचकर इन्हें इंस्पेक्शन बे में ही चलाकर देखा गया। यह जांच व्हील मूवमेंट के अलावा ब्रेकिंग क्षमता की जांच केलिए की गई। पूरी जांच कड़ी सुरक्षा के बीच की जा रही है। डिपो के अंदर किसी तरह की मल्टीमीडिया डिवाइस को लेकर जाना भी प्रतिबंधित है।
ट्रायल से कॉमर्शियल रन तक
फरवरी तक प्रोटोटाइप ट्रेन का ट्रायल होना है। इसके बाद मार्च में रेलवे संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलने के बाद 26 मार्च से यात्रियों के लिए मेट्रो अपनी सेवाएं शुरू कर देगी।
इसके लिए मार्च के मध्य तक लखनऊ मेट्रो को कुल छह ट्रेन मिल चुकी होंगी। बाद में आने वाली ट्रेनों के लिए चुनिंदा टेस्ट ही किए जाएंगे। ऐसे में इनसे यात्रियों को सेवाएं देने में अधिक वक्त नहीं लगेगा।
मेट्रो ट्रेन का संचालन दिल्ली की तरह सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही करने की योजना है। यानी रात दस बजे के बाद सुबह के 6 बजने के पहले तक आपको निजी साधन, ऑटो का सहारा लेना होगा।
स्टेशन पर ये सहूलियतें होंगी
स्टेशनों पर टिकट काउंटर एरिया (कोनकोर्स) से प्लेटफॉर्म आने-जाने के लिए दो-दो लिफ्ट और एस्केलेटर्स होंगे। वहीं सड़क से कोनकोर्स तक जाने केलिए भी एस्केलेटर्स और लिफ्ट होंगी। लिफ्ट का उपयोग बुजुर्ग, दिव्यांग, मरीज कर पाएंगे। ट्रायल शुरू होने केसाथ ही इन स्टेशनों को भी फाइनल टच दिया जा रहा है। प्लेटफॉर्म का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब कोनकोर्स और यात्री सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।
1 दिसंबर को सीएम और मेट्रोमैन की मौजूदगी में ट्रायल
मेट्रो का ट्रायल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मेट्रोमैन ई श्रीधरन की मौजूगी में किया जाएगा। यानी अब केवल नौ दिन ही ट्रायल में बचा है। मंगलवार को भी ट्रांसपोर्टनगर डिपो के अंदर ट्रेन के कोचों का स्टेटिक ट्रायल चला।
इस दौरान ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम और अंदर यात्रियों की सुविधा के लिए लगे डिवाइस की जांच की गई। मेट्रो के कोच दिल्ली से लाई गई बैटरी चालित शंटिंग मशीन से चलाकर भी देखे गए। हालांकि टेस्ट ट्रैक पर इन कोच को नहीं लाया गया है।
शंटिंग करने के लिए उपयोग होने वाली इस मशीन से खींचकर इन्हें इंस्पेक्शन बे में ही चलाकर देखा गया। यह जांच व्हील मूवमेंट के अलावा ब्रेकिंग क्षमता की जांच केलिए की गई। पूरी जांच कड़ी सुरक्षा के बीच की जा रही है। डिपो के अंदर किसी तरह की मल्टीमीडिया डिवाइस को लेकर जाना भी प्रतिबंधित है।
ट्रायल से कॉमर्शियल रन तक
फरवरी तक प्रोटोटाइप ट्रेन का ट्रायल होना है। इसके बाद मार्च में रेलवे संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलने के बाद 26 मार्च से यात्रियों के लिए मेट्रो अपनी सेवाएं शुरू कर देगी।
इसके लिए मार्च के मध्य तक लखनऊ मेट्रो को कुल छह ट्रेन मिल चुकी होंगी। बाद में आने वाली ट्रेनों के लिए चुनिंदा टेस्ट ही किए जाएंगे। ऐसे में इनसे यात्रियों को सेवाएं देने में अधिक वक्त नहीं लगेगा।