लखनऊ मेट्रो के काम को मिलेगा रफ्तार, बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था
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राजधानी में मेट्रो रेल के काम को और रफ्तार मिलने वाली है। लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) को सभी अहम कामों के प्रगति की हर माह रिपोर्ट देनी होगी। मुख्य सचिव आलोक रंजन स्वयं इसी माह से औचक निरीक्षण करेंगे।
उन्होंने आवास विकास परिषद को वित्तीय वर्ष 2014-15 में मिले अनुदान के 80 करोड़ में 40 करोड़ रुपये तत्काल एलएमआरसी को देने के निर्देश दिए। वह सोमवार को मेट्रो परियोजना की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने कहा कि मेट्रो रेल परियोजना के लिए निजी भूस्वामियों से भूमि अर्जित किए जाने का प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराया जाए जिससे नीति संबंधी निर्णय कैबिनेट से कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि एलएमआरसी कार्यालय को गोमती नगर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल के प्रशासनिक भवन में शिफ्ट कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। राज्य औद्योगिक विकास निगम को इक्विटी की धनराशि एलएमआरसी को शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि एलएमआरसी स्टाफ के लिए डॉ. संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान की रिक्त जमीन पर आवास बनाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया जाए।
बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था
इसके लिए आवास, कारागार विभाग व एलएमआरसी के अधिकारी स्थलीय दौरा कर जमीन की जरूरतों का आकलन कर लें। मेट्रो रेल परियोजना ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर बनाने के लिए सहकारिता भवन के पीछे कंधारी बाजार बीएन रोड पर लखनऊ विकास प्राधिकरण की अर्जित 1.73 एकड़ जमीन का आवंटन पत्र शीघ्र जारी कर दिया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा है कि लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के कास्टिंग यार्ड निर्माण के लिए जमीन लेने की दरों पर निर्णय निदेशक मंडल की अगली बैठक में किया जाएगा।
जमीन अमौसी एयरपोर्ट के पास ली जाएगी और इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से अनुरोध किया जाएगा। प्राथमिक सेक्शन में एलएमआरसी शहीद पथ क्रासिंग व आलमबाग बस अड्डे के बीच अंतर प्रदेशीय बसों को शहीद पथ मार्ग पर डायवर्जन करने के साथ अवध हास्पिटल क्रासिंग पर निर्मित आकार को कम करते हुए सिग्नल के बीच ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा।
अवध हास्पिटल क्रासिंग व आलमबाग बस अड्डे के बीच क्षेत्र को नो पार्किंग व नो स्टॉपिंग जोन घोषित किया जाएगा। मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण की अवधि में जनता को कोई असुविधा न हो इसलिए ट्रैफिक डायवर्जन से संबंधित उपायों के मौके पर क्रियान्वयन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी।