यहां पढ़ें पूरी घटना, कैसे हुआ लखनऊ मेट्रो हादसा
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इसी दौरान वहां से गुजर रहा एक ऑटो रिक्शा भी मलबे की चपेट में आ गया, जिसमें उसमें बैठे दो लोग घायल हो गए। हादसे से वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
मेट्रो के मजदूर को ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में रखा गया है। उसके पीठ, कंधे और सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन ने नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग और लखनऊ मेट्रो की सुरक्षा टीम की मदद से देर शाम तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मलबा हटाने का काम चलता रहा।
कमेटी को सौंप दी गई जांच
लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एलएमआरसी) के वरिष्ठ प्रवक्ता अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि देर रात आलमबाग बस अड्डा के मेट्रो स्टेशन के एक स्लैब (क्रॉस आर्म) की साइड शटरिंग का काम शुरू हुआ था। इसे सुबह तक पूरा कर लिया जाना था। फिलहाल घटना की वजह का पता नहीं चल सका।
विशेषज्ञ कमेटी को जांच सौंप दी गई है। एलएमआरसी के मुताबिक जांच पूरी होने तक काम बंद रहेगा। इसके बाद ही काम शुरू करने पर फैसला होगा।
लापरवाही... कुछ दिन पहले भी कार पर गिर गई थी स्लैब
अप्रैल में ही सरोजिनीनगर पर मेट्रो के काम के समय कंक्रीट की एक स्लैब नीचे खड़ी कार के ऊपर गिर गई थी। जांच में सामने आया कि कंक्रीट को रोकने के लिए लगाई गई शटरिंग के नट-बोल्ट ठीक से कसे नहीं गए थे। इसकी वजह से वह हादसा हुआ।
ये हुए घायल
सोहन लाल (24), मेट्रो का मजदूर, लखीमपुर खीरी
हितेश कुमार श्रीवास्तव, ऑटो ड्राइवर, भूसामंडी
मो. नुजैर, अमीनाबाद।
जिम्मेदारों ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई
घटना पर लखनऊ के डीएम राजशेखर ने कहा, ‘पूरी घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई कमी नहीं की गई। कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से रेस्क्यू में देरी हुई। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।’
वहीं, लखनऊ मेट्रो के सिविल वर्क्स निदेशक दलजीत सिंह का कहना है, ‘हादसा क्यों हुआ, इस पर जल्दबाजी में कुछ नहीं कहा जा सकता। मैं मानता हूं कि सुरक्षा बंदोबस्त में कुछ कमी रही है। इसकी जांच के लिए मेट्रो के तीन निदेशक और जनरल कंसल्टेंट की एक टीम बनाई गई है, जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। जो भी जिम्मेदार होगा, कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूरी घटना पर कहा, ‘हादसे में घायल लोगों का पूरा इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाएगा। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। संबंधित अधिकारियों को सेफ्टी के मानकों का पूरी तरह से पालन करने के निर्देश भी दिए हैं। कहां, क्या गलती हुई है यह देखा जाएगा।’