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आसाराम बापू की जमीन निगल जाएगी लखनऊ मेट्रो!
ऋषि मिश्रा/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 24 Jun 2014 10:53 AM IST
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मेट्रो परियोजना के लिए भूमि खरीदने की शुरुआत अर्जन कमेटी बहुत जल्द करेगी। इसकी शुरुआत बहसा गांव की उस भूमि से की जाएगी, जिस पर आसाराम का आश्रम बना हुआ है।
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डिपो की भूमि 32 वीं वाहिनी पीएसी के तौर पर एलएमआरसी को पहले ही मिल चुकी है।
मेट्रो रूट पर स्टेशन और वायाडक्ट के अवरोध में आने वाली भूमि की खरीद स्टेशनों का स्थान तय हो जाने के बाद किया जाएगा।
फिलहाल लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) की डिजाइनिंग में स्टेशनों के लिए अंतिम स्थान तय नहीं किए गए हैं।
इसलिए पूर्व में डीपीआर में जो भूमि ली जानी प्रस्तावित थी, उसमें 20 फीसदी तक बदलाव किया जाना संभव होगा।
सरोजनीनगर के गांव बहसा में आसाराम का आश्रम है। आश्रम की यह भूमि राजस्व अभिलेखों में करीब 20 किसानों के नाम दर्ज है। यहां करीब 15 बीघा जमीन है।
एक भी दाखिल-खारिज आश्रम के पक्ष में नहीं हुआ है। ऐसे में आश्रम पूरी तरह से अवैध है।
यहां काफी निर्माण भी किया गया है, मगर उसका मानचित्र पास नहीं है। इस भूमि को मेट्रो रेल परियोजना में प्रस्तावित मदर डिपो के लिए लिया जाना है।
एलएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि, सबसे पहले इस जमीन को अर्जन कमेटी समझौते के आधार पर खरीदेगी। इसमें किसानों से सीधे एलएमआरसी के पक्ष में रजिस्ट्री की जाएगी।
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