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Lucknow: हजरतगंज मल्टीलेवल पार्किंग में महापौर ने मारा छापा, चलता मिला अवैध कार बाजार, सील किया गया
Tue, 24 Mar 2026 07:47 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 24 Mar 2026 07:47 PM IST
सार
अवैध बाजार और बिना टेंडर प्राइवेट लोगों से पार्किंग संचालन कराने से नगर निगम को करीब एक वर्ष में 50 लाख रुपये से अधिक का चूना लगाया गया है। पांच मंजिला पार्किंग के दो फ्लोर सील कर दिए गए हैं।
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हजरतगंज की मल्टीलेयर पार्किंग (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : amar ujala
विस्तार
नगर निगम की हजरतगंज मल्टीलेवल पार्किंग और डीएम आवास के सामने सरोजनी नायडू पार्क की भूमिगत पार्किंग में अवैध कार बाजार चलाए जा रहे थे। महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने मंगलवार को छापा मारा तो यह खेल सामने आया। ऐसे में हजरतगंज पार्किंग के दो फ्लोर सील कर दिए गए हैं। अवैध कार बाजार वाले ने यहां ऑफिस खोलकर एक कर्मचारी भी बैठा रखा था। इस अवैध बाजार और बिना टेंडर प्राइवेट लोगों से पार्किंग संचालन कराने से नगर निगम को करीब एक वर्ष में 50 लाख रुपये से अधिक का चूना लगाया गया है। कार बाजार वालों पर कार्रवाई के लिए महापौर ने निर्देश भी दिए हैं।
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करीब दो महीने पहले अमर उजाला ने बिना टेंडर ही 10 महीने से हजरतगंज मल्टीलेवल पार्किंग का संचालन प्राइवेट लोगों से कराने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद नगर निगम ने दो फरवरी को पार्किंग को अपने कब्जे में ले लिया था, तब से वही इसका संचालन कर रहा है। मंगलवार को महापौर ने दोपहर करीब साढ़े 12 बजे यहां छापा मारा। इस दौरान पांच मंजिला पार्किंग के दो बेसमेंट में अवैध कार बाजार संचालित मिला। दोनों में करीब 30 गाड़ियां खड़ी थीं। इसके अलावा पार्किंग में करीब 50 ऐसी गाड़ियां भी मिलीं, जिन पर फरवरी और मार्च का मासिक पास लगा था। इसको लेकर बताया गया कि यह पास पूर्व में ठेकेदार ने ही जारी किए थे, जबकि उसका ठेका समाप्त हो गया था। लिफ्ट और शौचालय भी बंद मिला।
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हजरतगंज के बाद महापौर डीएम आवास के सामने स्थित सरोजनी नायडू पार्क की भूमिगत पार्किंग में पहुंचीं। यह पार्किंग ठेके पर है। यहां भी अवैध कार बाजार संचालित था, मगर यहां कोई सीलिंग नहीं की गई। पार्किंग में गंदगी और अव्यवस्था भी मिली। अवैध कार बाजार और लंबे समय से खड़ी गाड़ियों को लेकर महापौर ने निर्देश दिए कि इन्हें आरटीओ से जांच कराने के बाद ही छोड़ा जाए कि वे किसकी हैं।
पार्किंग बाबू की मिलीभगत
हजरतगंज मल्टीलेवल पार्किंग में अवैध कार बाजार नगर निगम के पार्किंग बाबू की मिलीभगत से चल रहा था। ऊपर के अधिकारियों को भी उसने मिला रखा था। सूत्रों का कहना है कि दो फरवरी को जब ठेकेदार से नगर निगम ने पार्किंग अपने कब्जे मेंलिया, उस समय भी अवैध कार बाजार चल रहा था, लेकिन हैंडओवर की कागजी खानापूरी कर बाबू ने मामले को दबा लिया। अब जब छापा पड़ा तो यह भी कहा जा रहा है कि पार्किंग के बिना टेंडर ठेके को लेकर भी बाबू ने फाइलों में हेरफेर किया। सूत्रों के मुताबिक, एक महीने के लिए बिना टेंडर पार्किंग संचालन की अनुमति ली गई और बाद में उसमें ''जब तक ठेका न हो'' की बात जोड़ दी गई। इसके बाद बाबू एक साल से ठेके को उलझाए रहा।
अवैध कार बाजार के लिए ये जिम्मेदार
विनीत कुमार सिंह, पार्किंग प्रभारी
ओम प्रकाश सिंह, जोनल अधिकारी
अनुराग उपाध्याय, कर अधीक्षक
महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि पार्किंग में अवैध कार बाजार संचालित होता मिला है। उसे सील कर दिया गया है। जो भी लोग इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। पार्किंग का संचालन बेहतर कराया जाएगा। जो खामियां हैं, उन्हें दूर कराया जाएगा।