कुछ बदला-बदला होगा इस बार का लखनऊ महोत्सव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की आन, बान और शान माने जाना वाला लखनऊ महोत्सव का आगाज इस बार 22 नवंबर से होगा।
मंडलायुक्त संजीव सरन ने आयोजन से जुड़े हर विभाग के अधिकारियों से इस बार महोत्सव को 'खामियां मुक्त मनोरंजन युक्त' बनाने का आह्वान किया है। क्या होंगी इस बार की विशेषताएं।
इतर होगा कृषि मेला
कृषि मेला लखनऊ महोत्सव से अलग आयोजित किया जाएगा। साथ ही लखनऊ मैराथन के साथ पतंगबाजी, नौकायन, रायफल शूटिंग, तांगा इक्का दौड़ व विंटेज कार रैली भी महोत्सव की तरफ पर्यटकों का ध्यान खींचेगी। सांस्कृतिक संध्या एवं मुख्य कार्यक्रमों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए स्थानीय एवं बाहरी कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा।
उपसमितियों का गठन जल्द
मंडलायुक्त ने महोत्सव समिति के सचिव आरएस यादव को एक सप्ताह में दस उपसमितियों के गठन की प्रक्रिया पूरी कराने को कहा। महोत्सव तैयारियों को तय समय सीमा में बेहतर तरीके से पूरा कराने के लिए मुख्य तौर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कोर कमेटी गठित होगी।
साथ ही उपसमितियों के बतौर निविदा, कार्य सत्यापन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय कलाकार, स्टाल पवेलियन किराया दर निर्धारण, प्रचार एवं प्रोटोकॉल, पत्रिका, शिल्प मेला, परिवहन समितियों का गठन कर कार्य आवंटन होगा।
महंगाई से राहत के भी इंतजाम
महोत्सव में प्रवेश टिकट की दर में फिलहाल कोई बदलाव न करते हुए इसे दस रुपये ही रखा जाएगा। साथ ही महोत्सव स्थल तक लाने ले जाने के लिए परिवहन विभाग की मदद से कम दरों पर साधन उपलब्ध कराने के साथ ही सभी रूटों पर सिटी बसें भी संचालित कराने की व्यवस्था होगी।
दर्शक बढ़ाने के लिए कार्यक्रम में बदलाव
बैठक में स्थित जिलाधिकारी अनुराग यादव ने बताया कि महोत्सव में सर्वाधिक दर्शकों की उपस्थिति शनिवार व रविवार को होती है।
इसी के दृष्टिगत इस बार आयोजन की तिथियों में इस तरह बदलाव किया गया है कि दर्शकों को महोत्सव आने के लिए दो शनिवार व दो रविवार मिल सके और ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें हिस्सेदारी कर सके। उन्होंने बताया कि महोत्सव का उद्घाटन परंपरागत तौर पर मुख्यमंत्री व समापन राज्यपाल द्वारा किया जाएगा।
महोत्सव के समापन पर आकर्षक आतिशबाजी खास रहेगी। महोत्सव में इस बार विशेष तौर अवधी लोक कलाओं व अन्य राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुत किए जाने पर विशेष जोर रहेगा।
सांस्कृतिक संध्याओं में इस बार विख्यात व लोकप्रिय कलाकारों के कार्यक्रम को शामिल कराने का पूरा प्रयास रहेगा। साथ ही मेला स्थल पर अस्थायी पुलिस चौकी, अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र व अग्निशमन केंद्र की स्थापना भी उद्घाटन से पूर्व होगी।
लगे सीसीटीवी कैमरे
महोत्सव स्थल की चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के साथ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा। महोत्सव आने वाले दर्शकों को अतिक्रमण व अवैध वाहन स्टैंडों के कारण होने वाली जाम की परेशानी से नहीं जूझना पड़ेगा।
बैठक में उपस्थित लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक नवनीत सिकेरा ने यह भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि महोत्सव स्थल के आसपास यातायात व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने को सभी प्रवेश द्वार के बाहर दोनों तरफ सड़क पर 50-50 मीटर के दायरे में नो पार्किंग व अतिक्रमण मुक्त रखा जाएगा।
स्टॉल संचालकों को मिलेंगे परिचय पत्र
महोत्सव परिसर में लगने वाले सभी तरह के स्टॉल पर इस बार नंबर डाले जाएंगे। साथ ही स्टॉल संचालक को फोटो युक्त परिचय पत्र भी जारी किए जाएंगे ताकि उनकी आड़ में बाहरी लोगों का महोत्सव स्थल पर प्रवेश रोका जा सके।
15 नवंबर तक स्टॉल आवंटन के लिए आवेदन मांग कर 17 नवंबर तक इन्हें संबंधित उपसमिति के माध्यम से आवंटित कर संचालकों को सौंप दें। स्टॉल के लिए आवेदक को दो फोटो के साथ आई कार्ड व पेन कार्ड की फोटो कॉपी देना अनिवार्य होगा।