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Lucknow News: समाधान नहीं मिलने पर उद्यमियों के सब्र ने दिया जवाब, कहा-जिला उद्योग बंधु सक्षम नहीं
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लखनऊ। उद्योग बंधु की बैठकों पर बैठकें। हर बार वही कोरे वादे। मंडल उद्योग बंधु की बैठक के अगले ही दिन सारा काम छोड़कर जिला उद्योग बंधु की बैठक में पहुंचे उद्यमियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। उद्यमियों ने कहा-जिला उद्योग बंधु उनकी समस्याओं का समाधान करने में सक्षम नहीं है। राजधानी होने की वजह से डीएम व्यस्त रहते हैं। लिहाजा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अलग अफसर हों।
जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने कहा कि जिला उद्योग बंधु की महीने में दो अलग-अलग बैठकें होंगी। नए निवेशकों या उद्योग विस्तार से जुड़ी समस्याओं व शिकायतों के लिए अलग तो मौजूदा उद्योगों की दिक्कतों को लेकर अलग। इस नए-पुराने के बंटवारे पर उद्यमियों ने नाराजगी जताई। बैठक में सरोजनीगर के उद्यमियों ने मांग की कि सरोजनीनगर और अमौसी औद्योगिक क्षेत्र को अलग-अलग माना जाए। इनसे जुड़े सभी आकलन अलग-अलग ही होने चाहिए।
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नए उद्योग लगाने वालों के लिए इन्वेस्टमेंट यूपी है तो फिर दो बैठक क्यों
सरोजनीनगर इंडस्ट्रियल एरिया मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सचिव रितेश श्रीवास्तव से हमने उद्यमियों की नाराजगी की वजह पूछी तो उन्होंने कहा- अलग बैठक का क्या तुक है? बैठक में सड़क मरम्मत, नालियों की साफ-सफाई, लाइट की रिपेयरिंग, नगर निगम के टैक्स रिवीजन अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। जैसा कि हमेशा होता आया है नई तारीखें तय हो गईं। दो बैठकों की कोई जरूरत नहीं, क्योंकि नए उद्योग लगाने वालों के लिए इन्वेस्टमेंट यूपी तो है ही। पुराने मुद्दों पर बात ही नहीं हो रही है, सिर्फ आदेश आगे बढ़ा दिए जा रहे हैं। उद्योग के लिए समर्पित व सक्षम अधिकारी की जरूरत है।
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डीएम के पास बहुत काम है...
आईआईए लखनऊ चैप्टर के अध्यक्ष विकास खन्ना कहते हैं कि नए उद्यमियों की समस्याएं बैठक में रखी गईं। राजधानी में जिलाधिकारी के पास काम बहुत ज्यादा है। एक सक्षम अधिकारी उद्योग के लिए होना ही चाहिए। जिस निवेश पोर्टल पर आवेदन करने की बात कही जा रही है, वहां एक-एक कदम आगे बढ़ना पड़ता है। एक-एक प्रमाण पत्र लगाने में दो से ढाई महीने का समय निकल जा रहा है।
बैठक में जाना छोड़ देंगे, सीधे समस्याएं मंडल उद्योग बंधु में उठाएंगे
अमौसी इंडस्ट्रियल एरिया के महासचिव रजत मेहरा ने नाराजगी जताते हुए कहा-हम लोग अब बैठकों में जाना ही छोड़ देंगे। आजिज आ चुके हैं। हर बार समस्याएं सुनाएं, हर बार वही आदेश और फिर तारीख...। उद्योग प्राथमिकता है, पर हमें तो कहीं से नहीं लग रहा है। जिला उद्योग बंधु की दो बैठकें होंगी, इसका तर्क समझ से परे है। औपचारिकताओं से उद्योगों का विकास नहीं होगा। हम लोग जिला उद्योग की जगह मंडल उद्योग बंधु में समस्याएं रखेंगे।
बैठकों में जूनियर अफसर भेज देते हैं...वे कहते हैं साहब से पूछ कर बताएंगे
तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र के अध्यक्ष मो. यूनुस सिद्दीकी कहते हैं, शुरू से हम लोग कह रहे हैं कि सक्षम अधिकारी ही बैठकों में आया करें। पर, अफसर जूनियर को भेज देते हैं। जूनियर कहता है कि साहब से पूछकर बताएंगे। आज भी यही हुआ। हम लोग दूर से आते हैं, पार्किंग तक की व्यवस्था नहीं। ऊपर से कोई स्थायी समाधान नहीं मिल रहा।
फैक्ट फाइल
04 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं राजधानी में
150 के करीब इकाइयां हैं अमौसी औद्योगिक क्षेत्र में, 117 चिनहट में, 100 सरोजनीनगर में तो 70 तालकटोरा में हैं।