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Lucknow News: लखनऊ ने चार दशकों में खो दी अपनी 70 फीसदी आर्द्रभूमि
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लखनऊ। बिजनौर रोड स्थित ओमेक्स सिटी के निवासियों और वरिष्ठ नागरिकों ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया। वन शक्ति और गोमती टास्क फोर्स (जीटीएफ) के सहयोग से रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आर्द्रभूमि संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. उमाशंकर सिंह ने कहा कि आर्द्रभूमि केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं है, वह हमारे साझा भविष्य की नींव है। इनका संरक्षण जरूरी है। पर्यावरण वैज्ञानिक प्रो. वेंकटेश दत्ता ने कहा कि उन्होंने बताया कि अकेले लखनऊ ने चार दशकों में अपनी लगभग 70 फीसदी आर्द्रभूमि खो दी है। पर्यावरण विज्ञान विभाग के छात्रों ने कार्यक्रम की थीम पर पेंटिंग बनाई और प्रदर्शित की।
इस बीच, प्रादेशिक सेना की 39 गोरखा राइफल्स के सदस्यों से युक्त गोमती टास्क फोर्स ने औषधीय पौधों का प्रदर्शन किया और आर्द्रभूमि और आसपास की हरित पट्टी की सफाई की। आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, न्यायमूर्ति वीसी गुप्ता, डॉ. जयपाल सिंह, डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. राजेश, डॉ. अंजू वार्ष्णेय, नंद किशोर वर्मा और वनशक्ति के स्वयंसेवक मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. उमाशंकर सिंह ने कहा कि आर्द्रभूमि केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं है, वह हमारे साझा भविष्य की नींव है। इनका संरक्षण जरूरी है। पर्यावरण वैज्ञानिक प्रो. वेंकटेश दत्ता ने कहा कि उन्होंने बताया कि अकेले लखनऊ ने चार दशकों में अपनी लगभग 70 फीसदी आर्द्रभूमि खो दी है। पर्यावरण विज्ञान विभाग के छात्रों ने कार्यक्रम की थीम पर पेंटिंग बनाई और प्रदर्शित की।
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इस बीच, प्रादेशिक सेना की 39 गोरखा राइफल्स के सदस्यों से युक्त गोमती टास्क फोर्स ने औषधीय पौधों का प्रदर्शन किया और आर्द्रभूमि और आसपास की हरित पट्टी की सफाई की। आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, न्यायमूर्ति वीसी गुप्ता, डॉ. जयपाल सिंह, डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. राजेश, डॉ. अंजू वार्ष्णेय, नंद किशोर वर्मा और वनशक्ति के स्वयंसेवक मौजूद रहे।
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