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लखनऊ: ट्रांसपोर्ट नगर हादसे का सबक, 15 मीटर से ऊंची इमारतों का एलडीए कराएगा सेफ्टी ऑडिट, बोर्ड ने दी मंजूरी
Fri, 13 Sep 2024 07:21 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 13 Sep 2024 07:21 PM IST
सार
Transport Nagar accident: लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर में बीते दिनों एक बहुमंजिला इमारत गिर गई थी। अब इस मामले को लेकर एलडीए सजग हो गया है। अब 15 मीटर से ऊंची इमारत के लिए नियम बदलने जा रहे हैं।
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ट्रांसपोर्ट नगर में हादसा।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
ट्रांसपोर्ट नगर हादसे के बाद अब एलडीए शहर में पांच साल तक पुरानी 15 मीटर से ऊंची सभी बहुमंजिला इमारतों की सेफ्टी ऑडिट कराएगा। इसको लेकर प्रस्ताव भी शुक्रवार को एलडीए बोर्ड में पास कर दिया गया। बोर्ड ने वेलनेस सिटी में आ रही निजी बिल्डरों की 296 एकड़ जमीन छोड़ने का प्रस्ताव भी पास कर दिया है। इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की संपत्तियों का की साल से बंद नामांतरण भी शुरू करने की मंजूरी बोर्ड ने दी है।
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मंडलायुक्त रोशन जैकब की अध्यक्षता और एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव बोर्ड में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी दी। बताया कि सेफ्टी ऑडिट कराए जाने का पैसा बिल्डिंग मालिक से लिया जाएगा। आवासीय बिल्डिंग में इसका पैसा स्थानीय रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी देगी। यदि कोई पैसा नहीं देगा तो उसका भुगतान एलडीए खुद करेगा और उसके बाद संबंधित बिल्डर या आरडब्लयू से पैसे की वसूली आरसी जारी करके की जाएगी। कितना पास सेफ्टी ऑडिट का लिया जाएगा यह कंपनीं तय करने के बाद साफ होगा। कंपनी तय करने के लिए जल्द ही टेंडर जारी होगा। तब तक एलडीए आने स्तर पर सेफ्टी ऑडिट का पैनल बनाकर जांच कराएगा।
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15 मीटर के नियम से बच जाएंगी ट्रांसपोर्ट नगर की ज्यादातर इमारतें
...सेफ्टी ऑडिट को लेकर एलडीए बोर्ड ने जो प्रस्ताव पास किया है उसके बाद ट्रांसपोर्ट नगर की ज्यादातर बहुमंजिला इमारतें सेफ्टी जांच से बच जाएंगी क्योंकि वहां पर ज्यादातर इमारतें 15 मीटर से कम ऊंचाई की हैं। जो इमारत ढही थी उसका भी मानचित्र महज सात मीटर ऊंचाई का पास था। इसके अलावा हजरतगंज , अमीनाबाद, यहियागंज, नाका, भूतनाथ, पत्रकापुरम, महानगर सहित अन्य इलाकों की करीब एक लाख इमारतें सेफ्टी ऑडिट से बच जाएंगी। ऐसे में प्रस्ताव को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। हालांकि एलडीए सचिव का कहना है कि 15 मीटर से कम की इमारतें ज्यादातर दो या तीन मंजिल ही होती हैं। ऊंचाई जमीन से जोड़ी जाएगी।
रिंग रोड, किसान पथ व ग्रीन कॉरिडोर किनारे बनेंगी ऊंची इमारतें
रिंग रोड, किसान पथ और ग्रीन कॉरिडोर के समांतर 500 मीटर के दायरे को एलडीए ने टीओडी जोन घोषित कर दिया है। जिससे यहां पर ऊंची इमारतें एलडीए को तय शुल्क देकर बनाई जा सकेंगी। सचिव ने बताया कि यहां का फ्लोर एरिया रेसियो ढाई से बढ़ाकर चार कर दिया गया है। जिससे करीब 2 लाख से ज्यादा छोटे-बड़े निर्माणों को फायदा मिलेगा।