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लखनऊ : 1500 करोड़ की जमीन पर व्यावसायिक भूखंड बेच सकेगा एलडीए
Fri, 05 Mar 2021 11:38 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 05 Mar 2021 11:38 AM IST
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एलडीए
- फोटो : amar ujala
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गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-7 में खाली कराई 90 एकड़ जमीन पर एलडीए अब व्यावसायिक भूखंड विकसित कर बेच सकेगा। हाईकोर्ट के स्थगन आदेश को खत्म करने के बाद वीसी अभिषेक प्रकाश ने सचिव और मुख्य नगर नियोजक से पूरी रिपोर्ट मांगी है। करीब 1500 करोड़ कीमत वाली इस जमीन पर अभी तक दो निजी बिल्डरों का कब्जा था। इसे वीसी के आदेश पर दो महीने पहले खाली कराया गया था।
मालूम हो कि हाईकोर्ट ने भू-स्वामी मंजू सिंह व अन्य की याचिका पर एलडीए के कब्जे पर स्थगन आदेश कर दिया था। इससे एलडीए की नियोजन कर भूखंड काटने की योजना फंस गई थीं। वीसी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि हाईकोर्ट के 30 दिसंबर 2020 के आदेश के अनुपालन में नए सिरे से एडीएम स्तर से संयुक्त पैमाइश कराई। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, याची मंजू सिंह ने भी शपथ पत्र दिया है कि वह जमीनों के सीमांकन से संतुष्ट हैं। उनके अधिवक्ता ने भी सीमांकन की कार्रवाई पर आपत्ति नहीं होने की बात कही है। इसके बाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस रितुराज अवस्थी और जस्टिस मनीष माथुर ने याचिका को निरस्त कर दिया।
नदी किनारे है जमीन
खाली कराई गई एलडीए की उक्त जमीन गोमती किनारे है। एक्सेला बिल्डर सहित कई अन्य यहां अपना कब्जा बताकर जमे रहे। यही नहीं, बिल्डर ने बाउंड्री तक इस जमीन पर करा दी थी जबकि बिल्डर की जमीन सरसवां गांव में थी। पैमाइश में अवैध कब्जा मिलने पर एलडीए ने निर्माण तोड़कर जमीन खाली कराई थी। इसके बाद बैरिकेडिंग कर साइन बोर्ड भी यहां लगा दिए थे।
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विनयखंड में खाली कराई जमीन
एलडीए से आवासीय भूखंड खरीदने के बाद बिना रजिस्ट्री कराए आवंटी राम सनेही ने उपयोग शुरू कर दिया। यही नहीं, नजदीक की करीब 2500 वर्गमी जमीन भी कब्जा कर किराए पर उठा दिया। कोर्ट के आदेश की आड़ में यह कब्जा सालों से बना हुआ था। वीसी के आदेश पर प्रशासन से पैमाइश करा बाकी जमीन से कब्जे और अवैध निर्माण एलडीए ने बृहस्पतिवार को तोेड़ दिए। अधिशासी अभियंता प्रताप शंकर मिश्र ने जमीन खाली कराई। इस दौरान विरोध करने वालों को पुलिस व पीएसी की मदद से हटाया गया।
इधर, अमीनाबाद में रोकनी पड़ी कार्रवाई
एलडीए की प्रवर्तन जोन-6 में एक अवैध कॉम्प्लेक्स का निर्माण तोड़ने के लिए टीम जेसीबी लेकर पहुंची। पता चला कि भवन स्वामी सुनील अग्रवाल ने एलडीए के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ अपील की हुई है। प्रकरण सचिव के पास पहुंचने के बाद कार्रवाई रोक दी गई। अपील पर स्थिति पर एलडीए पता करने के बाद ही दोबारा कार्रवाई करेगा।
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मालूम हो कि हाईकोर्ट ने भू-स्वामी मंजू सिंह व अन्य की याचिका पर एलडीए के कब्जे पर स्थगन आदेश कर दिया था। इससे एलडीए की नियोजन कर भूखंड काटने की योजना फंस गई थीं। वीसी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि हाईकोर्ट के 30 दिसंबर 2020 के आदेश के अनुपालन में नए सिरे से एडीएम स्तर से संयुक्त पैमाइश कराई। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, याची मंजू सिंह ने भी शपथ पत्र दिया है कि वह जमीनों के सीमांकन से संतुष्ट हैं। उनके अधिवक्ता ने भी सीमांकन की कार्रवाई पर आपत्ति नहीं होने की बात कही है। इसके बाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस रितुराज अवस्थी और जस्टिस मनीष माथुर ने याचिका को निरस्त कर दिया।
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नदी किनारे है जमीन
खाली कराई गई एलडीए की उक्त जमीन गोमती किनारे है। एक्सेला बिल्डर सहित कई अन्य यहां अपना कब्जा बताकर जमे रहे। यही नहीं, बिल्डर ने बाउंड्री तक इस जमीन पर करा दी थी जबकि बिल्डर की जमीन सरसवां गांव में थी। पैमाइश में अवैध कब्जा मिलने पर एलडीए ने निर्माण तोड़कर जमीन खाली कराई थी। इसके बाद बैरिकेडिंग कर साइन बोर्ड भी यहां लगा दिए थे।
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विनयखंड में खाली कराई जमीन
एलडीए से आवासीय भूखंड खरीदने के बाद बिना रजिस्ट्री कराए आवंटी राम सनेही ने उपयोग शुरू कर दिया। यही नहीं, नजदीक की करीब 2500 वर्गमी जमीन भी कब्जा कर किराए पर उठा दिया। कोर्ट के आदेश की आड़ में यह कब्जा सालों से बना हुआ था। वीसी के आदेश पर प्रशासन से पैमाइश करा बाकी जमीन से कब्जे और अवैध निर्माण एलडीए ने बृहस्पतिवार को तोेड़ दिए। अधिशासी अभियंता प्रताप शंकर मिश्र ने जमीन खाली कराई। इस दौरान विरोध करने वालों को पुलिस व पीएसी की मदद से हटाया गया।
इधर, अमीनाबाद में रोकनी पड़ी कार्रवाई
एलडीए की प्रवर्तन जोन-6 में एक अवैध कॉम्प्लेक्स का निर्माण तोड़ने के लिए टीम जेसीबी लेकर पहुंची। पता चला कि भवन स्वामी सुनील अग्रवाल ने एलडीए के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ अपील की हुई है। प्रकरण सचिव के पास पहुंचने के बाद कार्रवाई रोक दी गई। अपील पर स्थिति पर एलडीए पता करने के बाद ही दोबारा कार्रवाई करेगा।