लखनऊ: सुशांत गोल्फ सिटी टाउनशिप को टेकओवर कर सकता है एलडीए, कैबिनेट ने दी दावा पेश करने की मंजूरी
Sushant Golf City: लखनऊ विकास प्राधिकरण सुशांत गोल्फ सिटी को टेकओवर कर सकता है। इस बारे में कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
विस्तार
करीब दो साल बाद शहीद पथ स्थित अंसल एपीआई की सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप के उन पांच हजार आवंटियों को राहत मिलने वाली जिनको पैसा जमा करने के बाद भी न जमीन मिली और न ही फ्लैट। बीते साल फरवरी में राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) ने अंसल को दिवालिया घोषित किया था। अब मंगलवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने इसका प्रस्ताव पास कर दिया कि एलडीए कॉलोनी को हैंडओवर करे और उसके लिए एनसीएलटी में दावा पेश करे ।
बीते साल फरवरी में एनसीएलटी ने अंसल कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया था। उससे पहले न तो आवंटियों और निवेशकों का पक्ष जाना और न अंसल को कॉलोनी विकसित करने का लाइसेंस देने वाली संस्था एलडीए का पक्ष। अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने से करीब पांच हजार आवंटियों परेशानी में आ गए थे क्योंकि पैसा जमा किए जाने के बाद भी उनको प्लाट, मकान या फ्लैट अंसल की ओर से नहीं मिले हैं। इसके चलते आवंटी अपीलीय कोर्ट में गए थे। जहां पर करीब 10 महीने तक चली सुनवाई के बाद जुलाई में यह आदेश हुआ कि आवंटियों का पक्ष सुना जाए। जिसके बाद आवंटियों की ओर से एनसीएलटी में अपील की गई थी मगर एलडीए की ओर से कॉलोनी टेक ओवर करने को लेकर कोई अपील की गई थी। चूंकि हाईटेक टाउनशिप का लाइसेंस शासन की कमेटी मंजूरी करती है ऐसे में उसका अनुमति का इंतजार किया जा रहा था। अब शासन से प्रस्ताव पास होने के बाद एलडीए टाउनशिप टेकओवर करने के लिए एनसीएलटी में दावा पेश करेगा।
शासन करेगा एलडीए को वित्तीय मदद
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अंसल एपीआई की हाईटेक टाउनशिप परियोजना को पूरा किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत हाईटेक टाउनशिप नीति के अंतर्गत दिए गए लाइसेंस के तहत स्वीकृत परियोजना को एलडीए टेकओवर करेगा। इसके बाद परियोजना को पूर्ण करने का प्रस्ताव एनसीएलटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। टाउनशिप पर संभावित देनदारी करीब 2,912 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक देनदारी आईआरपी (इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल) प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित होगी, जिसके भुगतान के लिए आवश्यक धनराशि एलडीए को सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। विशेष सचिव आवास राजेश कुमार राय ने बताया कि परियोजना को सरकारी अभिकरण के माध्यम से पूरा किए जाने से करीब 5,000 होमबायर्स की समस्या का समाधान संभव हो सकेगा।
यह होगा फायदा
- हाईटेक टाउनशिप की अधूरी सड़क, सीवर, बिजली, पानी जैसी अवस्थापना सुविधाएं पूरी हो सकेंगी।
- बंधक पड़ी भूमि और ग्राम समाज की जमीन किसी तीसरे पक्ष को देने के बजाय सीधे एलडीए के पक्ष में विनियमित होगी, जिससे सरकारी जमीन सुरक्षित रहेगी।
- शासकीय विभागों की बकाया वसूली की संभावना भी बढ़ेगी और शहर का सुनियोजित विकास होगा।
- परियोजना में दोबारा निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा, जिससे होमबायर्स का किसी सरकारी एजेंसी पर भरोसा लौटेगा।
- रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र में तेजी आने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
योजना एक नजर में
- अंसल एपीआई को साल 2005 में हाईटेक टाउनशिप विकसित करने का लाइसेंस मिला। उस समय 6465 एकड़ में योजना विकसित करने का डीपीआर पास हुआ था। उस समय तीन फेज की योजना था और 2017 तक पूरा करना था
- योजना पूरी नहीं हुई और अंसल की ओर समय बढ़ाने के लिए आवेदन किया गया जो चार साल तक शासन से पास नहीं हो पाया। उसके बाद समय बढ़ाने की अनुमति दी गई तो साल नवंबर 2021 में अंसल ने संशोधित डीपीआर पास करने के लिए जमा की। जिसमें जमीन को कम किया गया।
- एलडीए की ओर से संशोधित डीपीआर 06 अप्रैल 2023 को पास की गई और पांच साल का समय योजना विकसित करने के लिए दिया गया।यह अवधि 05 अप्रैल 2028 तक है। संशोधित लेआउट में टाउनशिप का क्षेत्रफल घटाकर 4690 किया गया और तीन की बजाए पांच फेज में योजना विकसित करने का खाका मंजूर हुआ।
- आावंटियों को समय से मकान प्लाट न देने और रजिस्ट्री न करने को लेकर रेरा में अंसल के खिलाफ 2268 शिकायतें दर्ज हुईं
- टाउनशिप में 18858 मकान प्लाट बनाए जाने हैं।