फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow HC It is necessary to give reason summon order issued complaint case

Lucknow HC: परिवाद केस में जारी तलबी आदेश में कारण देना जरूरी, बिना कारण बताए जारी तलबी आदेश रद्द

Tue, 01 Aug 2023 04:39 AM IST
Digvijay Singh संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 01 Aug 2023 04:39 AM IST
सार

आपराधिक प्रक्रिया कानून की इस महत्वपूर्ण नजीर के साथ कोर्ट ने ड्रग एंड कॉस्मेटिक ऐक्ट के मामले में आरोपी डॉक्टर को जारी सम्मन को रद्द कर दिया। साथ ही इस मामले में 60 दिन में नया आदेश पारित करने को, ट्रायल कोर्ट को वापस भेज दिया।

विज्ञापन
Lucknow HC It is necessary to give reason summon order issued complaint case
लखनऊ हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम नजीर वाले फैसले में कहा कि आपराधिक परिवाद के मामले में ट्रायल कोर्ट को तलबी आदेश(सम्मन) जारी करते समय इसमें विस्तृत करण देना जरूरी है। जिसमें दिमाग का इस्तेमाल साफ तौर पर दिखना चाहिए। मजिस्ट्रेट की इस ड्यूटी को हाशिए पर नहीं रखा जा सकता।

विज्ञापन


आपराधिक प्रक्रिया कानून की इस महत्वपूर्ण नजीर के साथ कोर्ट ने ड्रग एंड कॉस्मेटिक ऐक्ट के मामले में आरोपी डॉक्टर को जारी सम्मन को रद्द कर दिया। साथ ही इस मामले में 60 दिन में नया आदेश पारित करने को, ट्रायल कोर्ट को वापस भेज दिया।

विज्ञापन

 

न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने यह फैसला व आदेश डॉ शैल कुमार जैन की याचिका को मंजूर करके दिया। इसमें याची ने ड्रग एंड कॉस्मेटिक ऐक्ट के मामले में लखनऊ की एनडीपीएस ऐक्ट की विशेष सत्र अदालत के बीती 19 जुलाई को जारी तलबी आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया था। साथ ही याची ने ड्रग एंड कॉस्मेटिक ऐक्ट के कई आरोपों में खुद के खिलाफ दर्ज परिवाद की कार्यवाही को भी रद्द करने की गुजारिश की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

 


याची का कहना था कि वह लखनऊ विश्वविद्यालय से विधि मान्य बीएएमएस डिग्री धारक आयुर्वेदिक डाक्टर है। याची के वकील ने कहा कि बीती 19 जुलाई को याची को जारी तलबी आदेश में कोई कारण नहीं दिया गया। जबकि सुप्रीम कोर्ट की विधिक व्यवस्थाओँ के तहत तलबी आदेश में विस्तृत कारण देना जरुरी होता है। ऐसे में यह तलबी आदेश कानून की नजर में ठहरने लायक नहीं है। उधर,सरकारी वकील ने याचिका का विरोध किया।

 

कोर्ट ने कहा कि प्रश्नगत 19 जुलाई 2023 को याची के खिलाफ पारित तलबी आदेश में वाकई में कोई कारण नहीं दिया गया है। इसमें सिर्फ यह कहा गया कि ट्रायल कोर्ट ने परिवाद व उप्लब्ध रिकार्ड को देखा। जबकि सुप्रीमकोर्ट ने बार-बार कहा है कि परिवाद के मामले में ट्रायल कोर्ट तलबी आदेश(सम्मन) जारी करते समय इसमें विस्तृत करण दर्ज करेगा। जिसमें दिमाग का इस्तेमाल साफ तौर पर दिखना चाहिए। मजिस्ट्रेट की इस ड्यूटी को हाशिए पर नहीं रखा जा सकता। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने प्रश्नगत तलबी आदेश को रद्द कर दिया और मामले को वापस ट्रायल कोर्ट को भेज दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed