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निकाय चुनाव: लखनऊ में सीमा विस्तार से सामान्य कोटे की तीन सीटें हुईं कम, ओबीसी और एससी सीटें बढ़ीं
Wed, 02 Nov 2022 03:01 PM IST
ishwar ashish
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 02 Nov 2022 03:01 PM IST
सार
निकाय चुनाव में इस बार सामान्य उम्मीदवार 50 वार्डों पर ही चुनाव लड़ पाएंगे। एससी के लिए दो और ओबीसी के लिए एक सीट बढ़ना तय है। वार्डों के सीरियल नंबर से वार्डों का आरक्षण पता चलेगा।
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लखनऊ नगर निगम।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
नगर निगम की सीमा विस्तार के बाद सामान्य वर्ग की तीन सीटें कम हो गईं। इनकी जगह ओबीसी और अनुसूचित जाति की सीटें बढ़ गईं। सीमा में 88 नए गांव जुड़ने से एससी और ओबीसी की आबादी बढ़ गई है। इलाके बढ़ने के बाद भी वार्डों की संख्या 110 ही है। ऐसे में इसका असर वार्डों के आरक्षण पर पड़ रहा है, जिससे सामान्य वर्ग की सीटें कम हो रही हैं।
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आरक्षण को लेकर प्रशासन ने अभी कोई प्रस्तावित सूची जारी नहीं की है, लेकिन आरक्षण तय करने को लेकर जो आदेश जारी हुआ है उसमें आबादी को आधार बनाया गया है। ओबीसी और एससी की जितने प्रतिशत आबादी है, उतने ही फीसदी उन्हें आरक्षण दिया जाना है। इस नियम के पालन में यह भी ध्यान रखा जाएगा कि एससी का 21 और ओबीसी का आरक्षण 27 प्रतिशत से अधिक नहीं हो।
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विस्तारित क्षेत्र की आबादी नगर निगम में जुड़ने से पिछली बार की तुलना में एससी और ओबीसी की आबादी बढ़ गई है, लेकिन फिर भी अभी इनकी कुल आबादी आरक्षण प्रतिशत से कम ही है। बीते चुनाव में 110 वार्डों में 12 एससी, 20 ओबीसी और 25 महिला के लिए आरक्षित थे। इस तरह सामान्य कोटे के 53 वार्ड थे, जिसमें से इस बार तीन सीटें कम हो जाएंगी।
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आरक्षण में यह हो रहा बदलाव
नगर निगम चुनाव कार्य से जुड़े अधिकारी ने बताया कि 2017 के चुनाव में एससी के लिए 12 वार्ड आरक्षित थे। इसमें से चार वार्ड महिला एससी के लिए आरक्षित थे। इस बार विस्तारित क्षेत्र जुड़ने से एससी की आबादी बढ़ी है, जिससे दो सीटें भी बढ़ेंगी। इसी तरह ओबीसी के लिए बीते चुनाव में 20 वार्ड आरक्षित थे। इनमें से सात महिला ओबीसी के लिए आरक्षित थे। सीमा विस्तार से इनकी आबादी बढ़ी है। इस कारण ओबीसी की एक सीट बढ़ना तय है।
यह है आरक्षण का सिस्टम
चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी ने बताया कि रैपिड सर्वे के बाद वार्डों की नंबरिंग होती है। इसमें सबसे ऊपर महिला एससी वार्ड रखे जाते हैं। इसके बाद पुरुष एससी वार्ड और फिर ओबीसी महिला वार्ड रहते हैं। इनके बाद ओबीसी पुरुष वार्ड रहते हैं। फिर सामान्य महिला और इसके बाद सभी सामान्य वार्ड रखे जाते हैं। ऐसे में साफ है कि परिसीमन और रैपिड सर्वे के बाद जो वार्ड उक्त क्रम में आएंगे, उनका आरक्षण वही होगा।
यह हो सकता है 110 सीटों का आरक्षण
एससी- 09
एससी महिला- 05
ओबीसी- 14
ओबीसी महिला- 07
महिला- 25
सामान्य- 50