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लखनऊ : अटका काउंसिल का गठन, पैरामेडिकल छात्रों का भविष्य दांव पर, शासनादेश की अनदेखी कर रहा चिकित्सा शिक्षा विभाग
Mon, 09 May 2022 02:00 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/चंद्रभान यादव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/चंद्रभान यादव
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 09 May 2022 02:00 PM IST
सार
मेडिकल और नर्सिंग काउंसिल की तरह ही पैरामेडिकल कोर्स करने वालों का पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए द नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल एक्ट 2021 बनाया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चिकित्सा शिक्षा विभाग शासनादेश की अनदेखी कर रहा है। अधिसूचना जारी होने के आठ माह बाद भी स्टेट एलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल का गठन नहीं हो सका है। ऐसे में पैरामेडिकल से जुड़े 56 कोर्स करने वाले करीब 10 हजार से अधिक छात्र भटक रहे हैं।
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मेडिकल और नर्सिंग काउंसिल की तरह ही पैरामेडिकल कोर्स करने वालों का पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए द नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल एक्ट 2021 बनाया गया है। इसके आधर पर राज्यों को स्टेट एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल गठित करनी है। काउंसिल की जिम्मेदारी होगी कि वह डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों की तरह फिजियोथेरेपी, आप्टोमेटिस्ट, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन सहित 56 कोर्स करने वाले छात्रों का पंजीयन करे। इन सभी को पंजीयन नंबर एलॉट होगा। इसी आधार पर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। ज्यादातर राज्यों ने इसे लागू कर दिया है।
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ये होगा फायदा
काउंसिल के क्रियाशील होने से नर्सिंग की तरह इन सभी कोर्स करने वालों को पंजीयन नंबर मिल जाएगा। वे देशभर में कहीं भी रोजगार के लिए आवेदन कर सकेंगे। उन्हें प्रैक्टिस का अधिकार मिलेगा। रोजगार के रास्ते बढ़ेंगे। पैरामेडिकल कॉलेजों के पठन-पाठन पर काउंसिल निगरानी कर सकेगी। काउंसिल नियमों की अनदेखी कर चलने वाले पैरामेडिकल कॉलेजों की भी निगरानी करेगी।
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नहीं बन सका अध्यक्ष व सदस्यों का पैनल
राज्यपाल की मंजूरी के बाद बीते साल छह अगस्त को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने काउंसिल गठन की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद विभाग के संयुक्त सचिव ने अब तक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय को पांच बार पत्र भेजकर काउंसिल अध्यक्ष एवं सदस्यों का पैनल मांगा। इस पैनल में पैरामेडिकल विशेषज्ञों को शामिल करना है, लेकिन अब तक अध्यक्ष व सदस्यों का पैनल तैयार नहीं किया जा सका है। ऐसे में काउंसिल का गठन नहीं हो सका है।
काउंसिल के अध्यक्ष व सदस्यों का पैनल तैयार किया जा रहा है। जल्द ही यह शासन को भेजा जाएगा। प्रयास है कि जल्द से जल्द काउंसिल को क्रियाशील कर दिया जाए।
- डॉ. एनसी प्रजापति, डीजीएमई