लखनऊ: शहर में धूमधाम से मनाई गई दुर्गाअष्टमी, अलग-अलग पूजा पंडालों में हुए विविध आयोजन; रही धूम
लखनऊ में दुर्गाष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर शहर के अलग-अलग हिस्सों में विविध आयोजन हुए।
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आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राजकिशोर राकेश सहित सोसायटी के समस्त निवासी पूरे उत्साह और उमंग के साथ दुर्गा पूजा उत्सव में शामिल हो रहे हैं। यह आयोजन न केवल मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति की अभिव्यक्ति है, बल्कि आपसी सौहार्द, सामूहिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का भी एक सार्थक प्रयास बन गया है
राजधानी के रामलीला मंचों पर सजी भक्ति और शाैर्य की कथा
राजधानी के रामलीला मंचों पर रविवार को रामकथा के प्रसंगों के साथ भक्ति, शौर्य और मर्यादा के रंग सजीव हुए। कहीं प्रभु श्रीराम के जीवन के संघर्षों ने दर्शकों को भावुक किया तो कहीं अंगद के तर्कों और रावण के अहंकार के प्रसंग ने रोमांच पैदा किया।
ऐशबाग रामलीला मैदान में रामलीला की परंपरा के अनुरूप मंचन हुआ। खदरा के में रामलीला समिति की ओर से रामेश्वरम स्थापना, विभीषण शरणागति और अंगद-रावण संवाद का मंचन किया गया। कलाकारों ने संवाद और अभिनय से प्रसंगों को जीवंत किया। वहीं मौसमगंज की 147वीं रामलीला और आलमबाग की रेलवे रामलीला में भी रामकथा के प्रसंगों के जरिए दर्शकों को धर्म, सत्य और मर्यादा का संदेश दिया गया।
पंडालों में मां महागौरी के आगे नतमस्तक हुए श्रद्धालु
शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर रविवार को राजधानी के दुर्गा पूजा पंडालों में मां महागौरी की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हुआ। भक्तों ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। अष्टमी के मौके पर कई जगहों पर कन्या पूजन भी किया गया। पंडालों में पहुंचे श्रद्धालु मां महागौरी के सामने नतमस्तक नजर आए।
जानकीपुरम के सेक्टर-ई स्थित दुर्गा पार्क में राम मंदिर की थीम पर बने विशाल पंडाल में श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। वहीं, सहारा स्टेट, जानकीपुरम में लोककला और टेराकोटा शैली पर आधारित पंडाल आकर्षण का केंद्र रहा। रवींद्रपल्ली में बंगाल के ग्रामीण परिवेश की झलक दिखाते पंडाल में भी भक्त पहुंचे। विकासनगर में दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर बने पंडाल और मॉडल हाउस में अक्षरधाम मंदिर की थीम ने लोगों का ध्यान खींचा। निरालानगर स्थित रामकृष्ण मठ में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई।