अच्छी खबर: किचन गंदा मिला तो होटल-रेस्टोरेंट पर लगेगा ताला
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हाइजीन से खिलवाड़ करने वाले होटल-रेस्टोरेंट पर अब शिकंजा कसेगा। किचन गंदा मिला तो होटल-रेस्टोरेंट पर ताला जड़ा जाएगा। जिलाधिकारी राजशेखर ने नागरिकों से गंदगी को मिल रही शिकायतों पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए सभी छोटे-बड़े होटल-रेस्टोरेंट में अगले हफ्ते से एक पखवाड़े तक क्लीन किचन अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम जांच-पड़ताल कर कार्रवाई करेगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी की पांच टीमों का गठन किया गया है।
शहर के ज्यादातर होटल-रेस्टोरेंट में साफ-सफाई के हालात खराब हैं। जिलाधिकारी ने जनता की सेहत से जुड़े इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार देर शाम एफएसडीए की जिला इकाई के कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि होटल-रेस्टोरेंट के किचन में गंदगी के बीच सेहत खराब करने वाले फूड आइटम बनाए जाने की शिकायतें गंभीर मसला है। इसकी सख्ती से रोकथाम की जाए। इसके लिए क्लीन किचन अभियान चलाया जाए।
अफसरों को हिदायत भी, ढिलाई पर होगी कार्रवाई
डीएम ने कहा कि हर हाल में 31 मई तक खाद्य सामग्री बनाने व बेचने वाली दुकानों व प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य फूड पंजीयन अथवा फूड लाइसेंस बनाने का काम भी पूरा कराया जाए।
एक जून से बगैर रजिस्ट्रेशन व फूड लाइसेंस के चलने वाली दुकानों व प्रतिष्ठानों की जांच कर उन्हें बंद कराया जाए।
डीएम ने गर्मी के मौसम में बीमारी फैलाने में अहम भूमिका निभाने वाले कटे फलों व खुली खाद्य सामग्री की रोकथाम को भी जोनल स्तर पर टीम गठित कर कार्रवाई की जाए।
इसके लिए जोनल स्तर पर हर एफएसओ की सीधी जिम्मेदारी भी तय होगी ताकि ढिलाई बरतने पर उन्हें कार्रवाई के घेरे में लाया जा सके।
मानक ही नहीं पता तो पालन कैसे होगा
जानकारों का कहना है कि 75 फीसदी रेस्टोरेंट व छोटे होटलों के संचालकों को किचन एक्ट के तहत तय मानकों की कोई जानकारी ही नहीं होती। लिहाजा किचन में साफ सफाई का कोई ध्यान नहीं रखा जाता।
प्रिवेंशन ऑफ फूड एडल्ट्रेशन एक्ट की भी ज्यादातर को जानकारी ही नहीं। ऐसे में किचन में गंदे कपड़े पहने कारीगर ही ग्राहकों का आर्डर तैयार करते रहते हैं। होटल-रेस्टोरेंट संचालक भी कम खर्च वाले स्टाफ के चक्कर में किचन के लिए जरूरी मानकों को हाशिए पर रखने में फायदा समझते हैं।
खाद्य अपमिश्रण रोकने को बनाए कानून के तहत किसी भी होटल या रेस्टोरेंट जिसमें 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी हों, वहां एक किचन सुपरवाइजर की तैनाती जरूर होनी चाहिए।
प्रिवेंशन ऑफ फूड एडल्ट्रेशन एक्ट में हुए बदलाव के बाद तैनात किचन सुपरवाइजर के लिए होमसाइंस, माइक्रो बायोलॉजी अथवा होटल मैनेजमेंट से तीन साल का डिग्री अथवा डेढ़ साल का एफएंडबी सर्टिफिकेट कोर्स की योग्यता तय की गई है।
अमर उजाला टीम की पड़ताल में सामने आया कि दस फीसदी से भी कम होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को इस नियम की जानकारी है। ऐसे में पालन होने का सवाल ही नहीं
रेस्टोरेंट-होटल किचन के तय मानक
... पानी की निकासी, रोशनी व सफाई की पर्याप्त व्यवस्था हो।
... वेज व नॉन वेज सामग्री रखने के लिए अलग-अलग व्यवस्था हो।
... आर्डर का खाना बनाने के लिए दो सेट बर्तन होना भी जरूरी।
... ट्रेंड व साफ सुथरे परिधान में रसोई का मुख्य व सहायक स्टाफ होना चाहिए।
... हाथों में प्लास्टिक दस्ताना, सिर पर प्लास्टिक कैप पहनकर खाना बनाया जाए।
... किचन फर्श अथवा प्लेटफॉर्म पर सब्जी या कोई सामग्री न काटी जाए।
... सिंक किचन में गैस चूल्हे से एक तय दूरी पर ।
एक साल में 439 नमूने लिए 128 फेल पाए गए
समीक्षा बैठक में प्रभारी अधिकारी व सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जिला एफएसडीए ने वर्ष 2015-16 में साल भर में 1528 निरीक्षण, 215 छापा मार कार्रवाई की।
इस दौरान 439 नमूने सील कर लैब जांच के लिए भेजा गया। जांच में 128 नमूनों फेल पाए गए। इसपर इनके संचालकों पर एफएसडीए की एडीएम पूर्वी कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया। इस दौरान 41 वादों का निस्तारण हुआ आरोपियों पर 2307000 रुपये जुर्माना वसूला गए।