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खतरनाक मांझे से मौत: जान गई तब जागे जिम्मेदार, जांच करके लौटे खाली हाथ, डीसीपी ने पुराने शहर में की चेकिंग
Fri, 06 Feb 2026 10:29 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 06 Feb 2026 10:29 AM IST
सार
लखनऊ में चीनी मांझे से एक युवक की जान जाने के बाद जिम्मेदारों ने चेकिंग अभियान चलाया। बुधवार को एक युवक की चीनी मांझे से गर्दन की नस कटने से मौत हो गई थी।
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लखनऊ में चला चेकिंग अभियान।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मांझे से युवक की जान जाने के बाद जिम्मेदार जागे हैं। हैदरगंज पुल के पास मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोएब की मांझे की चपेट में आने से मौत की खबर बुधवार को ही प्रदेश भर में फैल गई थी। तभी से प्रतिबंधित मांझा बनाने, बेचने और खरीदने वाले सतर्क हो गए।
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इसके बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने जांच अभियान चलाया। तमाम दुकानों में झांकने के बाद खाली हाथ लौट आए। जेसीपी (एलओ) बबलू कुमार ने दावा किया है कि पुलिस पहले भी प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ अभियान चला चुकी है। अब इस हादसे के बाद सभी थानेदारों को तीन दिन तक बड़े पैमाने पर जांच करने का आदेश दिया है।
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जेसीपी ने जांच की समयसीमा भी तय कर दी है। अब प्रतिबंधित मांझा के कारोबारियों को भी पता है कि उन्हें अपना माल कब तक अंडरग्राउंड रखना है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने पुराने लखनऊ के बाजारखाला, सआदतगंज, चौक, ठाकुरगंज, वजीरगंज में पतंग की दुकानों की जांच की। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव और एडीसीपी पश्चिम धनंजय कुशवाहा भी जांच में शामिल रहे।
घटनास्थल का मुआयना दुकानदारों से पूछताछ
मांझे की चपेट में आने से हुई शोएब की मौत के मामले में बाजारखाला पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को डीसीपी व अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी देखा। इस मामले में शोएब की पत्नी फौजिया की तहरीर पर बुधवार रात अज्ञात लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था। सूत्र बताते हैं कि इस मामले में आरोपी तक पहुंचना मुश्किल है। पतंग कौन उड़ा रहा था, मांझा किधर से आया, यह पता करना आसान नहीं है।
चश्मदीद हर्षित बोले... पुल पर चढ़ने से लग रहा डर
शोएब के साथ हुए हादसे के चश्मदीद हैदरगंज निवासी हर्षित श्रीवास्तव दहशत में हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार की घटना के बाद से वह किसी पुल पर नहीं चढ़ रहे। अब डर लग रहा है। बताया कि बुधवार को वह पारा स्थित अपने ससुराल जा रहे थे। रास्ते में शोएब को खून से लथपथ पड़ा देखा। कुछ लोग उन्हें ई ऑटो से अस्पताल लेकर जा रहे थे। उन्होंने ही शोएब की बाइक उठाकर सड़क किनारे की। हर्षित बताते हैं कि हादसे के बाद से वह भी दहशत में हैं। अपनी गर्दन बचाने के लिए मफलर लपेट रखा है।
लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी का कहना है कि प्रतिबंधित मांझे की खरीद-बिक्री को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई है। पता लगाया जा रहा है कि मांझा जिले में कहां से आ रहा है। आपूर्ति का पता लगाकर इस पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा।