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लखनऊ : सीएमएस महानगर में शिक्षक मिला कोरोना पॉजिटिव, डफरिन अस्पताल के डॉक्टर समेत दस लोगों का स्टाफ पॉजिटिव
Thu, 25 Mar 2021 09:26 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 25 Mar 2021 09:26 PM IST
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एसीएम 5 सीएमएस महानगर सील करते हुए अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी के महानगर स्थित प्रतिष्ठित सिटी मांटेसरी स्कूल में गुरुवार को कोरोना मरीज मिलने से हड़कंप मच गया। स्कूल के एक शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। गनीमत यह रही कि स्कूल बंद होने की वजह से केवल शिक्षक और दसवीं-बारहवीं के बच्चे ही आ रहे थे। बाद में सभी लोगों का सैंपलिंग कराया गया। स्कूल प्रशासन ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के निर्देश पर एसीएम 5 नगर निगम और पुलिस बल के साथ स्कूल पहुंचे। परिसर को तत्काल खाली करवाकर सैनिटाइज कराया गया है। वहीं पूरे परिसर को सील भी किया गया है।
सीएमएस स्कूल के प्रवक्ता ऋषि खन्ना ने बताया कि शिक्षक टाइफाइड से ग्रस्त होने पर 12 मार्च से ही अवकाश पर चल रहे थे। तीन दिन पहले उन्होंने प्रधानाचार्या को फोन कर कोविड टेस्ट में पॉजीटिव होने की जानकारी दी। गुरुवार को एहतियात के तौर पर स्कूल को बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान कक्षा 10 और 12वीं कक्षा की प्री बोर्ड और वाइवा परीक्षा चल रही थी, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के पीआरओ सहित दो अफसर भी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसके बाद डीआरएम दफ्तर में सेनेटाइजेशन कराया गया। उधर, नरही में संतोष ऑप्टिकल में लगभग नौ लोगों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद गली को सील कर दिया गया।
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डफरिन अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर व स्टॉफ कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने बाद भी पॉजिटिव हो गए। दो डॉक्टर समेत दस लोग का स्टॉफ पॉजिटिव आया है। इससे अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है। नौ लोगों को एक माह पहले दोनों डोज लग चुकी हैं। जबकि एक कर्मचारी को वैक्सीन की पहली डोज लगी है। पूरे मामले की रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन ने सीएमओ को भेजी है।
डफ रिन अस्पताल में कार्यरत दो डॉक्टर, दो लैब टेक्नीशियन, एक एक्सरे टेक्नीशियन, तीन सिक्योरिटी गार्ड, एक लिपिक और एक वार्ड आया में वायरस की पुष्टि हुई है। इससे अस्पताल में अफरातफरी मची हुई हैै। अफसरों का कहना है कि दो दिन पहले एक गर्भवती महिला को भर्ती कराया गया। एंटीजेन जांच हुई। रिपोर्ट नेगेटिव आई। आरटीपीसीआर की जांच के लिए नमूना भेज दिया गया। बुधवार को ऑपरेशन से प्रसव हुआ। शाम को महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे अस्पताल में हड़कंप मच गया।
डीएम के निर्देश पर गुरुवार को सीएमओ आफिस से आई टीम ने सभी कर्मचारियों की एंटीजेन से जांच कराई। इसमें दस लोग पॉजिटिव आ गए। इस पूरे मामले की रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन ने सीएमओ को भेजी है। अस्पताल में तैनात 326 में 234 की एंटीजेंन जांच हुई। अस्पताल प्रमुख डॉ. सुधा वर्मा के मुताबिक, नौ लोगों को एक माह पहले वैक्सीन लग चुकी थी। जबकि एक कर्मचारी ने पहली डोज ली। बताया पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए 40 लोगों के नमूने लेकर दोबारा आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे गए हैं।
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सीएमएस स्कूल के प्रवक्ता ऋषि खन्ना ने बताया कि शिक्षक टाइफाइड से ग्रस्त होने पर 12 मार्च से ही अवकाश पर चल रहे थे। तीन दिन पहले उन्होंने प्रधानाचार्या को फोन कर कोविड टेस्ट में पॉजीटिव होने की जानकारी दी। गुरुवार को एहतियात के तौर पर स्कूल को बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान कक्षा 10 और 12वीं कक्षा की प्री बोर्ड और वाइवा परीक्षा चल रही थी, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी।
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पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के पीआरओ सहित दो अफसर भी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसके बाद डीआरएम दफ्तर में सेनेटाइजेशन कराया गया। उधर, नरही में संतोष ऑप्टिकल में लगभग नौ लोगों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद गली को सील कर दिया गया।
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डफरिन अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर व स्टॉफ कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने बाद भी पॉजिटिव हो गए। दो डॉक्टर समेत दस लोग का स्टॉफ पॉजिटिव आया है। इससे अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है। नौ लोगों को एक माह पहले दोनों डोज लग चुकी हैं। जबकि एक कर्मचारी को वैक्सीन की पहली डोज लगी है। पूरे मामले की रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन ने सीएमओ को भेजी है।
डफ रिन अस्पताल में कार्यरत दो डॉक्टर, दो लैब टेक्नीशियन, एक एक्सरे टेक्नीशियन, तीन सिक्योरिटी गार्ड, एक लिपिक और एक वार्ड आया में वायरस की पुष्टि हुई है। इससे अस्पताल में अफरातफरी मची हुई हैै। अफसरों का कहना है कि दो दिन पहले एक गर्भवती महिला को भर्ती कराया गया। एंटीजेन जांच हुई। रिपोर्ट नेगेटिव आई। आरटीपीसीआर की जांच के लिए नमूना भेज दिया गया। बुधवार को ऑपरेशन से प्रसव हुआ। शाम को महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे अस्पताल में हड़कंप मच गया।
डीएम के निर्देश पर गुरुवार को सीएमओ आफिस से आई टीम ने सभी कर्मचारियों की एंटीजेन से जांच कराई। इसमें दस लोग पॉजिटिव आ गए। इस पूरे मामले की रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन ने सीएमओ को भेजी है। अस्पताल में तैनात 326 में 234 की एंटीजेंन जांच हुई। अस्पताल प्रमुख डॉ. सुधा वर्मा के मुताबिक, नौ लोगों को एक माह पहले वैक्सीन लग चुकी थी। जबकि एक कर्मचारी ने पहली डोज ली। बताया पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए 40 लोगों के नमूने लेकर दोबारा आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे गए हैं।
सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 1100 के पार, बुधवार को मिले 220 नए केस
राजधानी में कोरोना से गत 24 घंटे में चार लोगों की मौत हो गई। दोबारा संक्रमण बढ़ने के बाद एक दिन में मौत की यह सर्वाधिक संख्या है। इसके साथ ही एक बार फिर सक्रिय मामलों की संख्या 1152 तक पहुंच गई है। हालांकि इस बीच राहत यह है कि बुधवार को मरीजों की संख्या में कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को 8,948 के मुकाबले बुधवार को 9,777 सैंपल लिए। इसके बावजूद बुधवार को 220 नए संक्रमित ही मिले, जबकि मंगलवार को 232 नए केस मिले थे।
राजधानी में सभी चारों मौत मंगलवार देरशाम हुईं। इनमें एक मरीज की लोहिया संस्थान में तो तीन की केजीएमयू में मौत हुई। लोहिया संस्थान में दम तोड़ने वाले राजधानी निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग को उच्च रक्तचाप, किडनी समेत कई अन्य बीमारियां भी थीं। उन्हें बचाया नहीं जा सका। वहीं केजीएमयू में हुई तीन मौतों में से लखनऊ, आजमगढ़ तथा कुशीनगर के निवासी थी। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि कुशीनगर निवासी 50 वर्षीय महिला को डायबिटीज के साथ हाइपरटेंशन भी था। वहीं आजमगढ़ निवासी 56 वर्षीय मरीज संक्रमण की एडवांस अवस्था था। लखनऊ निवासी 50 वर्षीय मरीज को भी अन्य समस्याओं के चलते बचाया नहीं जा सका।
इंदिरानगर में सर्वाधिक मामले
संक्रमण के मामले में इंदिरानगर क्षेत्र सबसे आगे है। इसके साथ ही गोमतीनगर, हजरतगंज, अलीगंज आलमबाग, तालकटोरा, चौक और महानगर से भी लगातार नए केस मिल रहे हैं। बुधवार को इन सभी स्थानों में 10 से ज्यादा मरीज मिले हैं। इस समय होम आइसोलेशन मरीजों की संख्या संख्या 915 है।
11 दिन बाद संक्रमण में थोड़ी कमी
लखनऊ में लगातार 11 दिन से संक्रमण बढ़ रहा था। बुधवार को पहली बार पिछले दिन के मुकाबले कम संक्रमण मिला। आंकड़ों पर नजर डालें तो 16 मार्च को 19 केस मिलने के बाद लगातार संक्रमण बढ़ रहा था। मामले लगातार बढ़ते जा रहे थे। 19 मार्च को 90 केस, 20 को 115, 21 को 141, 22 को 147 तो 23 मार्च को 232 मरीज मिले। इसके बाद 24 मार्च को थोड़ी कमी के साथ 220 नए मरीज मिले।
संक्रमण दर हुई 2.25 प्रतिशत
संक्रमण की दर मंगलवार को पिछले दो महीने में सर्वाधिक 2.59 प्रतिशत रही। बुधवार को इसमें कुछ गिरावट हुई और यह 2.25 प्रतिशत दर्ज हुई।
राजधानी में सभी चारों मौत मंगलवार देरशाम हुईं। इनमें एक मरीज की लोहिया संस्थान में तो तीन की केजीएमयू में मौत हुई। लोहिया संस्थान में दम तोड़ने वाले राजधानी निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग को उच्च रक्तचाप, किडनी समेत कई अन्य बीमारियां भी थीं। उन्हें बचाया नहीं जा सका। वहीं केजीएमयू में हुई तीन मौतों में से लखनऊ, आजमगढ़ तथा कुशीनगर के निवासी थी। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि कुशीनगर निवासी 50 वर्षीय महिला को डायबिटीज के साथ हाइपरटेंशन भी था। वहीं आजमगढ़ निवासी 56 वर्षीय मरीज संक्रमण की एडवांस अवस्था था। लखनऊ निवासी 50 वर्षीय मरीज को भी अन्य समस्याओं के चलते बचाया नहीं जा सका।
इंदिरानगर में सर्वाधिक मामले
संक्रमण के मामले में इंदिरानगर क्षेत्र सबसे आगे है। इसके साथ ही गोमतीनगर, हजरतगंज, अलीगंज आलमबाग, तालकटोरा, चौक और महानगर से भी लगातार नए केस मिल रहे हैं। बुधवार को इन सभी स्थानों में 10 से ज्यादा मरीज मिले हैं। इस समय होम आइसोलेशन मरीजों की संख्या संख्या 915 है।
11 दिन बाद संक्रमण में थोड़ी कमी
लखनऊ में लगातार 11 दिन से संक्रमण बढ़ रहा था। बुधवार को पहली बार पिछले दिन के मुकाबले कम संक्रमण मिला। आंकड़ों पर नजर डालें तो 16 मार्च को 19 केस मिलने के बाद लगातार संक्रमण बढ़ रहा था। मामले लगातार बढ़ते जा रहे थे। 19 मार्च को 90 केस, 20 को 115, 21 को 141, 22 को 147 तो 23 मार्च को 232 मरीज मिले। इसके बाद 24 मार्च को थोड़ी कमी के साथ 220 नए मरीज मिले।
संक्रमण दर हुई 2.25 प्रतिशत
संक्रमण की दर मंगलवार को पिछले दो महीने में सर्वाधिक 2.59 प्रतिशत रही। बुधवार को इसमें कुछ गिरावट हुई और यह 2.25 प्रतिशत दर्ज हुई।