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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: खतरनाक इमारतों को नोटिस देकर सिस्टम सो गया, मौत जाग गई; पलभर में 15 परिवार उजड़ गए

Tue, 23 Jun 2026 09:31 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 23 Jun 2026 09:31 AM IST
सार

राजधानी में खतरनाक इमारतों को नोटिस देकर सिस्टम सो गया था। अब जब 15 परिवार उजड़ गए हैं, तब इनकी नींद टूटी है। अब इस पर कार्रवाई होगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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Lucknow Coaching Centre Fire Issuing notices to hazardous buildings was merely token formality
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भवनों में आग से सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले प्रबंधों के संबंध में उप्र विद्युत सुरक्षा निदेशालय सर्वे तो कराता रहता है, लेकिन इसके बाद आगे की कार्रवाई करना भूल जाता है। निदेशालय द्वारा सिर्फ राजधानी लखनऊ में ही पिछले साल एक हजार से अधिक भवनों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सर्वे कराया गया था। सभी को नोटिस भी जारी किया गया था। इसमें कुछ लोगों ने नोटिस का जवाब दिया था, लेकिन अधिकतर लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। अब अलीगंज में बड़ा हादसा हुआ तो निदेशालय में इस भवन की पत्रावालियों को खंगालने का काम शुरू हो गया है।
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बता दें कि ऊर्जा विभाग के अधीन कार्य करने वाले उप्र विद्युत सुरक्षा निदेशालय पूरे राज्य में विद्युत सुरक्षा मानकों को लागू करने की जिम्मेदारी निभाता है। निदेशालय 20 केवी से अधिक भार वाले कनेक्शन पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करता है। औद्योगिक और व्यावसायिक संस्थानों, मॉल, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स आदि के विद्युत उपकरणों की सुरक्षा जांच के बाद एनओसी जारी की जाती है।
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Lucknow Coaching Centre Fire Issuing notices to hazardous buildings was merely token formality
छतों पर मौजूद लोग, पुलिसकर्मी राहत बचाव में जुटे। - फोटो : अमर उजाला
अब लिफ्ट एवं एस्केलेटर पंजीकरण में भी निदेशालय की एनओसी अनिवार्य कर दी गई है। करीब तीन वर्ष पहले लखनऊ में सर्वे कराया गया था। सर्वे पूरा होने के बाद पिछले वर्ष करीब 1070 प्रतिष्ठानों में कमियां पाई गई थीं। इन सभी को नोटिस जारी किया गया था। इसमें करीब 324 प्रतिष्ठानों में गंभीर कमियां मिली थीं।

इसमें ज्यादातर वे भवन थे, जो पहले आवासीय थे, लेकिन बाद में उन्हें व्यावसायिक भवन में तब्दील किया गया था। इसी तरह चिकित्सा संस्थानों एवं अन्य अस्पतालों को भी नोटिस जारी किया गया था। इन सभी स्थलों पर मिली कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए थे।

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शव बाहर निकालते अग्निशमन कर्मी। - फोटो : अमर उजाला

शॉर्ट सर्किट में अहम होती है निदेशालय की भूमिका

विद्युत अधिनियम की धारा-161 के तहत राज्य में होने वाली किसी भी घातक या गंभीर विद्युत दुर्घटना और शॉर्ट सर्किट से लगी बड़ी आग के कारणों की विस्तृत जांच में निदेशालय की भूमिका अहम होती है। वह दुर्घटना की तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर शासन और संबंधित जिला प्रशासन को सौंपती है ताकि पीड़ितों को मुआवजा मिल सके।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

सर्वे के बाद प्रतिष्ठानों को व्यवस्था सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया था। नए सिरे से पड़ताल कराई जाएगी। -जीके सिंह, निदेशक, विद्युत सुरक्षा

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पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया। - फोटो : अमर उजाला

ये है पूरा मामला

अलीगंज स्थित एक बिल्डिंग में आग लगने से कोचिंग पढ़ने व एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 छात्रों की जलकर मौत हो गई। कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदे नौ छात्र गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा छोड़कर वापस आए और घटनास्थल का मुआयना किया। रक्षामंत्री एवं राजधानी के सांसद राजनाथ सिंह भी लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। शॉर्ट सर्किट और एसी का कंप्रेसर फटने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

अलीगढ़ के पुरनिया स्थित बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप की दुकान है। पहली मंजिल पर पेट शॉप मालिक का वेयरहाउस है। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन के साथ 12वीं तक के विद्यार्थियों की कोचिंग चलती थी। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई।
 

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आग से बचने के लिए बिजली के तार पकड़कर उतरते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला

दूसरी-तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र भीतर ही फंसे रहे

बिल्डिंग में मौजूद कई लोग विकराल हुई आग के बीच घिर गए। दूसरी व तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र भीतर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के दौरान 15 शव बाहर निकाले गए। वहीं कई झुलसे छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इनमें से कई की हालत गंभीर है। हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सभा छोड़ तुरंत वापस आए। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक राहत-बचाव कार्य जारी था।

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रेस्क्यू के दौरान निकाले गए 15 शव। - फोटो : अमर उजाला

307 प्रतिष्ठानों की जांच, 81 को अग्नि सुरक्षा खामियों पर नोटिस

दिल्ली के होटल में आग लगने की घटना के बाद लखनऊ में बहुमंजिला इमारतों की अग्नि सुरक्षा जांच की जा रही है। एलडीए और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने अब तक 307 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया है। इनमें से 81 प्रतिष्ठानों में खामियां मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं।

एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में होटल, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम, मॉल और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स संचालित हैं। इन प्रतिष्ठानों के लिए प्राधिकरण भवन मानचित्र स्वीकृत करता है। आग से बचाव के सुरक्षा मानकों की निगरानी अग्निशमन विभाग करता है। यह विभाग अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जारी करता है।

 

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अग्निकांड के बाद मौके पर जमा लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला

निर्माणकर्ताओं या संचालकों को नोटिस जारी किए गए

हाल ही में बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाओं के बाद यह जांच अभियान शुरू हुआ। एलडीए और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने यह निरीक्षण किया। टीम ने 307 प्रतिष्ठानों की जांच की। इनमें से 81 भवनों में खामियां पाई गई। इन भवनों के निर्माणकर्ताओं या संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

जोनवार कार्रवाई का विवरण

प्रवर्तन जोन-1 में 68 भवनों की जांच हुई और 21 को नोटिस जारी किया गया। जोन-2 में 39 भवनों में से 8 को नोटिस जारी किया गया। जोन-6 में सर्वाधिक 97 भवनों की जांच हुई, जिनमें से 29 को नोटिस जारी किया गया। अन्य जोन जैसे जोन-3, 4, 5 और 7 में भी कुल 103 भवनों की जांच हुई। इन जोनों में कुल 23 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गया।
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