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वीर बाल दिवस: सीएम योगी बोले- सिख गुरुओं की प्रेरणा से बढ़ेंगे तो काबुल-बांग्लादेश होने से बच पाएंगे
Thu, 26 Dec 2024 02:47 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 26 Dec 2024 02:47 PM IST
सार
Veer Bal Diwas: वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) के अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में हुए कार्यक्रम में सीएम योगी शामिल हुए। इस मौके पर सीएम ने कहा कि सिख गुरुओं की प्रेरणा से बढ़ेंगे तो काबुल-बांग्लादेश होने से बच पाएंगे।
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सीएम योगी ने कार्यक्रम में की शिरकत।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
धर्म की रक्षा के लिए साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) के अवसर पर हुए कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की। ऐतिहासिक समागम एवं श्री सहज पाठ सेवा (श्री अमृतसर) द्वारा 11,000 सहज-पाठ का आयोजन किया गया।
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कार्यक्रम में सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
इस मौके पर सीएम योगी ने लोगों को संबोधित भी किया। सीएम ने कहा कि सिख परंपरा काफी समृद्ध है। इन्होंने विपरीत परिस्थितियों में लड़ते हुए न केवल अपनी परंपरा को सुरक्षित-संरक्षित रखा, बल्कि देश व धर्म के लिए भी बलिदान देकर नई प्रेरणा प्रदान की। एक तरफ इनका गौरवशाली इतिहास है तो दूसरी तरफ सुनते हैं कि काबुल में सिखों के दो, चार-दस परिवार ही बचे हैं।
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सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
अत्याचार सुन सिख गुरुओं के त्याग-बलिदान का स्मरण होता है
सीएम ने कहा कि जब बांग्लादेश की घटना व पाकिस्तान के अंदर अत्याचार के बारे में सुनते हैं, तब सिख गुरुओं के त्याग-बलिदान का स्मरण होता है। सिख गुरुओं के आदर्श हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा देंगे। उनका आशीर्वाद हमारी प्रेरणा है। उस प्रेरणा से आगे बढ़ेंगे, तब काबुल-बांग्लादेश होने से बच पाएंगे, तब किसी ननकाना साहिब के लिए आंदोलन-संघर्ष की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वह हमें स्वतस्फूर्त भाव से प्राप्त होगा। उस दुश्मन को पहचानें, जो इस कौम के पुरुषार्थ को कुंद करने की साजिश रच रहे हैं।सिख-हिंदू एक दूसरे के पूरक हैं
सीएम ने कहा कि देश के इस जुझारू व समृद्ध कौम ने सामर्थ्य, पुरुषार्थ व परिश्रम से मिसाल प्रस्तुत की है। कभी बड़ी संख्या में फौज में जाकर सिखों ने भारत की सुरक्षा के लिए खुद को समर्पित किया, लेकिन वे कौन दुश्मन हैं, जो उनके परिश्रम व पुरुषार्थ को कुंद करने की साजिश कर रहे हैं। युवा पीढ़ी को ड्रग की चपेट में लाने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। इन्हें पहचानने और उनसे सावधान रहने की आवश्यकता है। सिख-हिंदू एक दूसरे के पूरक हैं, जो इन्हें लड़ाते हैं, उनसे बचना होगा। गुरु महाराज हमें मित्र-शत्रु पहचानने की ताकत दें।कोई महसूस नहीं कर सकता इनका दर्द...
सीएम ने कहा कि 2019 में गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री आवास पर शबद-कीर्तन कार्यक्रम हुआ था। उसके उपरांत 2020 से अनवरत वीर बाल दिवस का आयोजन मुख्यमंत्री आवास पर हो रहा है। अब यह पूरे देश का आयोजन हो गया है। आज की तिथि पर गुरु गोबिंद सिंह के दो साहिबजादे (बाबा जोरावर सिंह-फतेह सिंह) वजीर खां के हाथों दीवार में चुने गए थे।चमकौर के युद्ध में दो बड़े साहिबजादे (बाबा अजीत सिंह-जुझार सिंह) शहादत को प्राप्त हुए। मां गुजरी इसे बहुत अधिक समय तक बर्दाश्त नहीं कर पाईं। इन लोगों पर उस समय क्या बीता होगा, यह दर्द कोई महसूस नहीं कर सकता, फिर भी एक ही लक्ष्य था कि देश व धर्म पर आंच नहीं आने देंगे। इसके लिए गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों ने शहादत देकर देश व धर्म की रक्षा की पक्की नींव खड़ी की। जिस पर न केवल आज भी सिख पंथ, बल्कि पूरा देश गौरव की अनुभूति करता है।