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Lucknow News: 11 साल पहले बिजली ठेकेदार को आवंटित हुए थे फर्जी मीटर
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- दुबग्गा खंड में मीटरों के फर्जीवाड़ा की दो सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
- बिजली चोरी कराने के लिए मीटरों का बनाया गया था सीलिंग प्रमाण पत्र
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। दुबग्गा खंड के कांशीराम कॉलोनी में चेकिंग के दौरान पाए तीन फर्जी मीटर 11 साल पहले वर्ष 2014 में एक बिजली ठेकेदार को आवंटित किए गए थे। ठेकेदार ने यह मीटर किस-किस उपभोक्ता के परिसरों पर स्थापित किया था, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। हालांकि, पूरे प्रकरण की दो सदस्यीय कमेटी जांच करेगी।
अमौसी जोन के मुख्य अभियंता रजत जुनेजा के मुताबिक फर्जी पाए गए मीटरों की जांच के लिए वृंदावन सर्किल के अधीक्षण अभियंता मनोज गुप्ता एवं ग्रामीण सर्किल के अधीक्षण अभियंता भविष्य कुमार सक्सेना के सदस्यों वाली कमेटी जांच करेगी। इस कमेटी से तीन दिन में जांच करके रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है। प्राथमिक जांच में मीटरों को लगाने के दौरान फर्जी सीलिंग प्रमाण पत्र भी बनाया जाना पाया गया है। आशंका है, कि यह घालमेल वहां के पूर्व संविदा कर्मियों के एक गिरोह का, जो फर्जीवाड़ा करने में पुलिस में नामजद हो चुके हैं।
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तालाबंदी करके भाग गया बिजली चोर
कबीरनगर उपकेंद्र के कर्मियों ने बताया कि सोमवार को टीम दोबारा मौका मुआयना करने गई, तो पाया कि जिन घरों में फर्जी मीटर पाए गए थे, उसमें एक परिवार तालाबंदी करके भाग गया है। दरअसल, जो परिवार फर्जी मीटरों से बिजली चोरी कर रहे थे, सोमवार उनसे टीम छानबीन करने गई थी। यह टीम पता लगाने की कोशिश कर रही कि फर्जी तरीके से मीटर लगाने के बाद फर्जी सीलिंग प्रमाण पत्र आखिर में किसने बनाकर दिया है।
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कांशीराम कॉलोनी में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी
दुबग्गा खंड के कांशीराम कॉलोनी में सर्वाधिक बिजली चोरी होती है। इसकी वजह, उपकेंद्रों पर कार्यरत संविदा कर्मियों एवं पूर्व संविदा कर्मियों के गिरोह का यह सबसे बड़ा अड्डा है। जिन घरों में फर्जी मीटर लगे पाए गए उनको बाकायदा पोल से सर्विस केबल खींचकर बिजली कनेक्शन दिया गया है। अंदेशा है, कि किसी दलाल ने कनेक्शन देने का ठेका लिया होगा जिसने सांठगांठ से फर्जी मीटरों को लगवा दिया।