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यूपीः पराली जलाने की ज्यादा घटनाओं वाले 10 जिलों के डीएम से जवाब तलब
Mon, 18 Nov 2019 09:31 AM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 18 Nov 2019 09:31 AM IST
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पराली जलाता किसान
- फोटो : अमर उजाला
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फसल अवशेष (पराली आदि) जलाए जाने से पर्यावरण संकट पर सुप्रीमकोर्ट की सख्ती का बड़ा असर सामने आया है। मुख्य सचिव ने 10 जिलों में 2027 स्थानों पर फसल अवशेष जलाए जाने का ब्योरा भेजते हुए वहां के जिलाधिकारियों से 20 नवंबर तक स्पष्टीकरण तलब किया है।
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जिलाधिकारियों से इन घटनाओं के लिए जवाबदेह अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। अन्य जिलों के डीएम को पराली जलाई जाने की एक भी घटना न होने देने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
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मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने पराली जलाने से पैदा होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण से संबंधित सुप्रीमकोर्ट के आदेशों व इस संबंध में शासन स्तर से कार्यवाही के लिए जारी शासनादेशों का हवाला देते हुए जिलाधिकारियों को कड़ा पत्र लिखा है।
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उन्होंने मथुरा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर, अलीगढ़, झांसी, लखमीपुर खीरी, महराजगंज, बरेली व जालौन में पराली जलाए जाने की घटनाओं का ब्योरा दिया है। साथ ही जिलाधिकारियों से उनका स्पष्टीकरण मांगने के साथ पूछा है कि उन्होंने इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है? संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन क्यों नहीं किया गया?
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से पराली जलाने की घटना को न रोक पाने के लिए संबंधित क्षेत्र के उत्तरदायी अधिकारियों व कर्मचारियों का उत्तरदायित्व तय करते हुए संबंधित तहसील, थाना के जिम्मेदार अधिकारियों का स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्यवाही सहित अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को कहा है।
जिलाधिकारियों की इन रिपोर्ट के आधार पर मुख्य सचिव 25 नवंबर को सुनवाई से पूर्व सुप्रीमकोर्ट में प्रति शपथपत्र दाखिल करेंगे। जिलाधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट व स्पष्टीकरण 20 नवंबर तक उपलब्ध कराने को कहा है।
अफसरों को आगाह किया है कि कि वे केवल छोटे कर्मचारियों का उत्तरदायित्व तय कर खानापूर्ति न करें। यदि इन निर्देशों के बावजूद पराली व अन्य अवशेष जलाने की कोई घटना सामने आती है तो इसे गंभीरता से लिया जाए और संबंधित क्षेत्र के राजस्व व पुलिस विभाग के साथ अन्य उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
इन जिलों में पराली जलाने के ज्यादा मामले, रिपोर्ट तलब
जिलों के नाम पराली जलाने के मामलों की संख्या
मथुरा 455
पीलीभीत 321
शाहजहांपुर 316
रामपुर 296
लखीमपुर खीरी 152
महराजगंज 148
बरेली 101
अलीगढ़ 88
जालौन 81
झांसी 69
जिलाधिकारियों की इन रिपोर्ट के आधार पर मुख्य सचिव 25 नवंबर को सुनवाई से पूर्व सुप्रीमकोर्ट में प्रति शपथपत्र दाखिल करेंगे। जिलाधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट व स्पष्टीकरण 20 नवंबर तक उपलब्ध कराने को कहा है।
अफसरों को आगाह किया है कि कि वे केवल छोटे कर्मचारियों का उत्तरदायित्व तय कर खानापूर्ति न करें। यदि इन निर्देशों के बावजूद पराली व अन्य अवशेष जलाने की कोई घटना सामने आती है तो इसे गंभीरता से लिया जाए और संबंधित क्षेत्र के राजस्व व पुलिस विभाग के साथ अन्य उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
इन जिलों में पराली जलाने के ज्यादा मामले, रिपोर्ट तलब
जिलों के नाम पराली जलाने के मामलों की संख्या
मथुरा 455
पीलीभीत 321
शाहजहांपुर 316
रामपुर 296
लखीमपुर खीरी 152
महराजगंज 148
बरेली 101
अलीगढ़ 88
जालौन 81
झांसी 69