फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow : ambulance purchase scam happened due to the connivance of the company and the officers

Lucknow : ...तो कंपनी और अफसरों की मिलीभगत से हुआ एंबुलेंस खरीद घोटाला, कोरोना की आड़ में दबाए रहे अफसर

Sat, 17 Dec 2022 12:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 17 Dec 2022 12:50 AM IST
सार

Lucknow : खरीदी गई एंबुलेंस में ब्लोअर सहित कई महत्वपूर्ण फीचर के नहीं होने की जानकारी तत्काल मिल गई थी, लेकिन कोविड की आड़ लेकर मामले को दबाए रखा गया।

विज्ञापन
Lucknow : ambulance purchase scam happened due to the connivance of the company and the officers
demo pic... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में खरीदी गई 3018 एंबुलेंस में घालमेल कंपनी और अफसरों की मिलीभगत से किए जाने की आशंका है। खरीदी गई एंबुलेंस में ब्लोअर सहित कई महत्वपूर्ण फीचर के नहीं होने की जानकारी तत्काल मिल गई थी, लेकिन कोविड की आड़ लेकर मामले को दबाए रखा गया।

विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एंबुलेंस की खरीद तीन चरणों में की गई थी। पहले चरण में 662 वाहनों की आपूर्ति होने के बाद ही टेंडर की शर्तों के मुताबिक फीचर नहीं होने की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद भी दूसरे चरण में 812 और तीसरे चरण में 1544 एंबुलेंस की आपूर्ति कराई गई। 
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग ने इन एंबुलेंस को रिसीव करते समय तात्कालिक तौर पर फीचर न होने की जानकारी नहीं दी। पूरे मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया। कुछ समय बाद कोरोना काल आ गया। यह वक्त विभागीय अफसरों के लिए मुफीद साबित हुआ। धीरे-धीरे तीन साल का बीत गया। इधर सभी एंबुलेंस मरीजों को ढोने में लगी रहीं। मई 2022 में स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम में टेंडर के मुताबिक एंबुलेंस की आपूर्ति नहीं होने के संबंध में शिकायत की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद एनएचएम के अधिकारियों को अपना गला फंसता नजर आया। ऐसे में मिशन की ओर से 17 मई को एक पत्र जारी किया गया। इसमें स्पष्ट किया गया कि टेंडर की शर्त के मुताबिक एंबुलेंस की आपूर्ति नहीं हुई है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने जांच के नाम पर मामले को दबाए रखा।


नई खरीद के बाद जागा विभाग
सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस की नई खेप आई है। इसके फीचर देखने के बाद बाद विभागीय अफसरों को अपनी गर्दन फंसती नजर आई। ऐसे में पूरे मामले की नए सिरे से जांच कराई जा रही है। आखिर इतने दिन तक इस मामले को क्यों दबाए रखा गया? इस सवाल का जवाब देने को कोई तैयार नहीं है। महानिदेशक डॉ लिली सिंह का सीधा सा जवाब है कि यह मामला उनके कार्यकाल का नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed